श्रीलंका में RMB क्लियरिंग बैंक की शुरुआत, बैंक ऑफ चाइना को मिली जिम्मेदारी
सारांश
मुख्य बातें
कोलंबो में 17 अक्टूबर 2026 को बैंक ऑफ चाइना की ओर से श्रीलंका के लिए चीनी मुद्रा आरएमबी (रनमिनबी) क्लियरिंग बैंक के अनावरण का आयोजन किया गया। इस समारोह में श्रीलंका और चीन के उद्यमों तथा वित्तीय संस्थानों के 200 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जो दोनों देशों के बीच वित्तीय सहयोग में एक नए अध्याय की शुरुआत का संकेत देता है।
मुख्य घटनाक्रम
समारोह में श्रीलंका के श्रम मंत्री एवं वित्त उप मंत्री अनिल जयन्त फर्नांडो सहित श्रीलंका सरकार के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैंक ऑफ चाइना की कोलंबो शाखा को आधिकारिक रूप से श्रीलंका का आरएमबी क्लियरिंग बैंक नियुक्त किया गया। यह श्रीलंका में कार्यरत एकमात्र चीनी वित्तीय संस्था है।
श्रीलंका के केंद्रीय बैंक का नजरिया
श्रीलंका के केंद्रीय बैंक के उप गवर्नर सिरिकुमारा ने कहा कि चीन, श्रीलंका का एक महत्वपूर्ण व्यापारिक साझेदार है। उनके अनुसार, आरएमबी में लेन-देन और भुगतान की सुविधा उपलब्ध होने से श्रीलंका के स्थानीय उद्यमों और चीनी कंपनियों के बीच व्यापार करना सरल होगा। इसके साथ ही दोनों देशों के आर्थिक एवं व्यापारिक संबंधों तथा निवेश सहयोग को भी बल मिलेगा।
चीनी राजदूत का वक्तव्य
श्रीलंका में चीन के राजदूत वेई हुआश्यांग ने बताया कि चीन और श्रीलंका के केंद्रीय बैंकों ने 2025 की शुरुआत में 10 अरब युआन के द्विपक्षीय स्थानीय मुद्रा विनिमय समझौते का नवीनीकरण किया था। उन्होंने कहा कि इस क्लियरिंग बैंक की स्थापना चीन और श्रीलंका के बीच साझा भविष्य वाले समुदाय के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। राजदूत ने इसे श्रीलंका की आर्थिक बहाली के प्रति चीन के मजबूत समर्थन का प्रतीक बताया।
बैंक ऑफ चाइना की भूमिका
बैंक ऑफ चाइना के अध्यक्ष चांग हुई ने कहा कि श्रीलंका में एकमात्र चीनी वित्तीय संस्था के रूप में उनका बैंक दोनों देशों के बीच लगातार गहरे होते सहयोग का साक्षी और भागीदार रहा है। उन्होंने कहा कि कोलंबो शाखा को क्लियरिंग बैंक का दर्जा मिलने से द्विपक्षीय व्यापार और निवेश में आरएमबी के इस्तेमाल की राह आसान होगी और दोनों देशों के आर्थिक एवं व्यापारिक सहयोग को नई गति मिलेगी।
व्यापक संदर्भ और आगे की राह
गौरतलब है कि यह कदम ऐसे समय में आया है जब श्रीलंका अपने गंभीर आर्थिक संकट से उबरने की प्रक्रिया में है और विदेशी भुगतान प्रणालियों को सुगम बनाना उसकी प्राथमिकता में है। आरएमबी क्लियरिंग व्यवस्था से श्रीलंकाई व्यापारियों को डॉलर पर निर्भरता कम करने का विकल्प मिलेगा। यह कदम चीन की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है जिसमें वह दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया में आरएमबी के अंतर्राष्ट्रीयकरण को बढ़ावा दे रहा है।