17 अक्टूबर 2026
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श्रीलंका में RMB क्लियरिंग बैंक की शुरुआत, बैंक ऑफ चाइना को मिली जिम्मेदारी

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श्रीलंका में RMB क्लियरिंग बैंक की शुरुआत, बैंक ऑफ चाइना को मिली जिम्मेदारी

सारांश

श्रीलंका में बैंक ऑफ चाइना की कोलंबो शाखा को आरएमबी क्लियरिंग बैंक का दर्जा मिला। 10 अरब युआन के मुद्रा विनिमय समझौते के बाद यह अगला बड़ा वित्तीय कदम है, जो दोनों देशों के बीच डॉलर-रहित व्यापार को बढ़ावा देगा।

मुख्य बातें

बैंक ऑफ चाइना की कोलंबो शाखा को 17 अक्टूबर 2026 को श्रीलंका का आधिकारिक आरएमबी क्लियरिंग बैंक नियुक्त किया गया।
समारोह में 200 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिनमें वित्त उप मंत्री अनिल जयन्त फर्नांडो भी शामिल थे।
चीन और श्रीलंका ने 2025 की शुरुआत में 10 अरब युआन के द्विपक्षीय मुद्रा विनिमय समझौते का नवीनीकरण किया था।
इस व्यवस्था से दोनों देशों के बीच व्यापार में आरएमबी के उपयोग की प्रक्रिया सरल होगी, जिससे डॉलर पर निर्भरता कम होगी।
बैंक ऑफ चाइना श्रीलंका में कार्यरत एकमात्र चीनी वित्तीय संस्था है।

कोलंबो में 17 अक्टूबर 2026 को बैंक ऑफ चाइना की ओर से श्रीलंका के लिए चीनी मुद्रा आरएमबी (रनमिनबी) क्लियरिंग बैंक के अनावरण का आयोजन किया गया। इस समारोह में श्रीलंका और चीन के उद्यमों तथा वित्तीय संस्थानों के 200 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जो दोनों देशों के बीच वित्तीय सहयोग में एक नए अध्याय की शुरुआत का संकेत देता है।

मुख्य घटनाक्रम

समारोह में श्रीलंका के श्रम मंत्री एवं वित्त उप मंत्री अनिल जयन्त फर्नांडो सहित श्रीलंका सरकार के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैंक ऑफ चाइना की कोलंबो शाखा को आधिकारिक रूप से श्रीलंका का आरएमबी क्लियरिंग बैंक नियुक्त किया गया। यह श्रीलंका में कार्यरत एकमात्र चीनी वित्तीय संस्था है।

श्रीलंका के केंद्रीय बैंक का नजरिया

श्रीलंका के केंद्रीय बैंक के उप गवर्नर सिरिकुमारा ने कहा कि चीन, श्रीलंका का एक महत्वपूर्ण व्यापारिक साझेदार है। उनके अनुसार, आरएमबी में लेन-देन और भुगतान की सुविधा उपलब्ध होने से श्रीलंका के स्थानीय उद्यमों और चीनी कंपनियों के बीच व्यापार करना सरल होगा। इसके साथ ही दोनों देशों के आर्थिक एवं व्यापारिक संबंधों तथा निवेश सहयोग को भी बल मिलेगा।

चीनी राजदूत का वक्तव्य

श्रीलंका में चीन के राजदूत वेई हुआश्यांग ने बताया कि चीन और श्रीलंका के केंद्रीय बैंकों ने 2025 की शुरुआत में 10 अरब युआन के द्विपक्षीय स्थानीय मुद्रा विनिमय समझौते का नवीनीकरण किया था। उन्होंने कहा कि इस क्लियरिंग बैंक की स्थापना चीन और श्रीलंका के बीच साझा भविष्य वाले समुदाय के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। राजदूत ने इसे श्रीलंका की आर्थिक बहाली के प्रति चीन के मजबूत समर्थन का प्रतीक बताया।

बैंक ऑफ चाइना की भूमिका

बैंक ऑफ चाइना के अध्यक्ष चांग हुई ने कहा कि श्रीलंका में एकमात्र चीनी वित्तीय संस्था के रूप में उनका बैंक दोनों देशों के बीच लगातार गहरे होते सहयोग का साक्षी और भागीदार रहा है। उन्होंने कहा कि कोलंबो शाखा को क्लियरिंग बैंक का दर्जा मिलने से द्विपक्षीय व्यापार और निवेश में आरएमबी के इस्तेमाल की राह आसान होगी और दोनों देशों के आर्थिक एवं व्यापारिक सहयोग को नई गति मिलेगी।

व्यापक संदर्भ और आगे की राह

गौरतलब है कि यह कदम ऐसे समय में आया है जब श्रीलंका अपने गंभीर आर्थिक संकट से उबरने की प्रक्रिया में है और विदेशी भुगतान प्रणालियों को सुगम बनाना उसकी प्राथमिकता में है। आरएमबी क्लियरिंग व्यवस्था से श्रीलंकाई व्यापारियों को डॉलर पर निर्भरता कम करने का विकल्प मिलेगा। यह कदम चीन की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है जिसमें वह दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया में आरएमबी के अंतर्राष्ट्रीयकरण को बढ़ावा दे रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो डॉलर-आधारित भुगतान प्रणाली को चुनौती देती है। ध्यान देने वाली बात यह है कि श्रीलंका अभी IMF के ऋण पुनर्गठन कार्यक्रम के तहत है और ऐसे में चीन का यह कदम उसके ऋणदाता प्रभाव को और गहरा करने की कोशिश के रूप में भी देखा जा सकता है। भारत के लिए यह घटनाक्रम रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि श्रीलंका भारत के निकटतम पड़ोसियों में से एक है और हिंद महासागर क्षेत्र में चीनी वित्तीय पैठ का बढ़ना नई दिल्ली की चिंताओं को बढ़ा सकता है।
RashtraPress
17 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

श्रीलंका में आरएमबी क्लियरिंग बैंक क्या है?
आरएमबी क्लियरिंग बैंक एक ऐसी वित्तीय व्यवस्था है जिसके जरिये श्रीलंकाई कंपनियाँ और बैंक सीधे चीनी मुद्रा रनमिनबी (आरएमबी) में लेन-देन और भुगतान कर सकते हैं। 17 अक्टूबर 2026 को कोलंबो में बैंक ऑफ चाइना की शाखा को यह जिम्मेदारी सौंपी गई।
इस क्लियरिंग बैंक से श्रीलंकाई व्यापारियों को क्या फायदा होगा?
इस व्यवस्था से श्रीलंकाई व्यापारी और उद्यम चीनी कंपनियों के साथ सीधे आरएमबी में व्यापार कर सकेंगे, जिससे डॉलर रूपांतरण की जरूरत और लागत कम होगी। श्रीलंका के केंद्रीय बैंक के उप गवर्नर सिरिकुमारा के अनुसार, इससे दोनों देशों के बीच निवेश सहयोग को भी बढ़ावा मिलेगा।
चीन और श्रीलंका के बीच मुद्रा विनिमय समझौता कब हुआ था?
चीन और श्रीलंका के केंद्रीय बैंकों ने 2025 की शुरुआत में 10 अरब युआन के द्विपक्षीय स्थानीय मुद्रा विनिमय समझौते का नवीनीकरण किया था। यह समझौता दोनों देशों के वित्तीय सहयोग का आधार है।
बैंक ऑफ चाइना श्रीलंका में कितने समय से सक्रिय है?
बैंक ऑफ चाइना श्रीलंका में कार्यरत एकमात्र चीनी वित्तीय संस्था है। बैंक ऑफ चाइना के अध्यक्ष चांग हुई ने कहा कि उनका बैंक दोनों देशों के बीच लगातार मजबूत होते सहयोग का साक्षी और भागीदार रहा है।
यह कदम श्रीलंका की आर्थिक बहाली से कैसे जुड़ा है?
श्रीलंका हाल के वर्षों में गंभीर आर्थिक संकट से उबर रहा है और विदेशी भुगतान प्रणालियों को सरल बनाना उसकी प्राथमिकता है। चीनी राजदूत वेई हुआश्यांग ने कहा कि यह क्लियरिंग बैंक श्रीलंका की आर्थिक बहाली के लिए चीन के मजबूत समर्थन को दर्शाता है।
राष्ट्र प्रेस
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