फाइनेंशियल स्ट्रीट फोरम 2026: बीजिंग में वैश्विक वित्तीय सहयोग और खुलेपन पर बनी आम सहमति
सारांश
मुख्य बातें
फाइनेंशियल स्ट्रीट फोरम की 2026 वार्षिक बैठक सोमवार को बीजिंग में उद्घाटित हुई, जिसकी केंद्रीय थीम थी — 'खुलापन, सहयोग और समावेशिता: एक नए वैश्विक वित्तीय पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण'। प्रतिभागियों ने गहन विचार-विमर्श के बाद इस विषय पर आम सहमति बनाई और वैश्विक वित्तीय शासन को अधिक न्यायसंगत व समावेशी बनाने की प्रतिबद्धता जताई।
बीजिंग की वैश्विक वित्त में भूमिका
चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की बीजिंग समिति के सचिव यिन ली ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि बीजिंग अब घरेलू और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय बाजारों को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण पुल बन चुका है। उन्होंने कहा कि बीजिंग विभिन्न पक्षों के साथ वित्तीय आदान-प्रदान और व्यावहारिक सहयोग को और गहरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।
यिन ली के अनुसार, बीजिंग का लक्ष्य एक ऐसा व्यावसायिक वातावरण तैयार करना है जो बाजार-उन्मुख, कानून के शासन पर आधारित, सुविधाजनक और अंतर्राष्ट्रीयकृत हो। साथ ही, वे एक 'अधिक निष्पक्ष, न्यायपूर्ण और लचीली वैश्विक वित्तीय शासन प्रणाली' के निर्माण को प्राथमिकता देने की बात कही।
चीनी जन बैंक का मौद्रिक सुधार एजेंडा
चीनी जन बैंक (People's Bank of China) के गवर्नर पैन कोंगशेंग ने मंच से कहा कि बैंक अपने मौद्रिक नीति ढाँचे के परिवर्तन और सुधार को सक्रिय रूप से आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने बताया कि मौद्रिक नीति के टूलबॉक्स को और समृद्ध किया जा रहा है और बाजार आधारित ब्याज दर नियंत्रण तंत्र को अधिक पारदर्शी बनाया जा रहा है।
पैन कोंगशेंग ने आगे कहा कि भविष्य में बैंक अपनी मौद्रिक नीति के ढाँचे का मूल्यांकन और सुधार जारी रखेगा तथा रेनमिनबी (RMB) के अंतर्राष्ट्रीयकरण को निरंतर प्रोत्साहन देगा। यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी डॉलर के वर्चस्व को चुनौती देने की वैश्विक बहस तेज हो रही है।
वित्तीय नियामक आयोग की प्रतिक्रिया
चीनी राज्य वित्तीय नियामक आयोग के निदेशक तिंग शांगछुन ने बैठक में बताया कि आयोग ने पर्यवेक्षण की प्रभावशीलता में उल्लेखनीय सुधार किया है, सुधार व परिवर्तन की गति तेज की है और बाजार व्यवस्था को सख्ती से विनियमित किया है। उन्होंने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय आर्थिक और व्यापारिक आदान-प्रदान को बेहतर सेवाएँ प्रदान की जा रही हैं।
तिंग के अनुसार, आयोग वैश्विक वित्तीय शासन प्रणाली में सुधार को बढ़ावा देने की दिशा में सक्रिय रूप से कार्यरत है। गौरतलब है कि यह फोरम हर वर्ष वैश्विक वित्त की दिशा और नीतिगत समन्वय के लिए एक प्रमुख मंच के रूप में उभरा है।
वैश्विक वित्त पर व्यापक संदर्भ
यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब वैश्विक अर्थव्यवस्था भू-राजनीतिक तनावों, बदलती मौद्रिक नीतियों और बहुध्रुवीय वित्तीय व्यवस्था की ओर बढ़ते रुझान के बीच नई संरचना की तलाश में है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के फोरम वैश्विक वित्तीय संस्थाओं के पुनर्संतुलन की दिशा में संकेत देते हैं।
फोरम में उठाए गए मुद्दे — खुलापन, सहयोग, और समावेशिता — वे ही सिद्धांत हैं जिन्हें उभरती अर्थव्यवस्थाएँ पश्चिमी-नेतृत्व वाली वित्तीय संस्थाओं में लंबे समय से माँग रही हैं। आने वाले महीनों में इन संकल्पों के क्रियान्वयन पर नज़र रखना आवश्यक होगा।