हे लिफंग ने लुच्यात्जुए फोरम 2026 में दिया वैश्विक वित्तीय सहयोग का संदेश
सारांश
मुख्य बातें
चीनी उप प्रधानमंत्री हे लिफंग ने बुधवार, 17 जून 2026 को बीजिंग में आयोजित प्रतिष्ठित लुच्यात्जुए फोरम 2026 के उद्घाटन समारोह को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने चीन की वित्तीय नीति की दिशा स्पष्ट करते हुए वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच बहुपक्षीय सहयोग पर बल दिया।
चीन की वित्तीय प्रगति और नीतिगत दिशा
हे लिफंग ने कहा कि हाल के वर्षों में चीन ने वित्तीय क्षेत्र में जोखिम-रोकथाम, नियामकीय सुदृढ़ीकरण और उच्च गुणवत्ता वाले विकास को प्राथमिकता देते हुए निरंतर प्रगति की है। उन्होंने स्वीकार किया कि वर्तमान में विश्व तीव्र बदलावों के दौर से गुज़र रहा है और वैश्विक आर्थिक विकास तथा वित्तीय संचालन दोनों गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि चीन 'चीनी विशेषता वाले वित्तीय मार्ग' पर दृढ़ रहेगा और 15वीं पंचवर्षीय योजना को पूर्ण निष्ठा से लागू करेगा। इसका उद्देश्य उच्च गुणवत्ता वाले आर्थिक विकास को गति देना और वैश्विक अर्थव्यवस्था में स्थिरता का योगदान करना है।
विदेशी वित्तीय संस्थानों के लिए खुले द्वार
हे लिफंग ने घोषणा की कि चीन वित्तीय क्षेत्र में संस्थागत उदारीकरण का विस्तार जारी रखेगा। उन्होंने सभी देशों के वित्तीय संस्थानों का स्वागत करते हुए कहा कि वे चीनी बाज़ार में अपनी उपस्थिति बढ़ाएँ और चीन के विकास के अवसरों में भागीदार बनें। यह संकेत ऐसे समय में आया है जब वैश्विक व्यापार तनाव और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के कारण विदेशी निवेश का माहौल दबाव में है।
बहुपक्षवाद और वैश्विक वित्तीय शासन
उप प्रधानमंत्री ने इस बात पर ज़ोर दिया कि वैश्विक विकास और शासन की चुनौतियों से निपटने का एकमात्र सही मार्ग पारस्परिक सम्मान, शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व और अंतरराष्ट्रीय नियमों तथा बहुपक्षवाद पर आधारित सहयोग है। उन्होंने कहा कि चीन अपनी वित्तीय कानूनी प्रणाली को और मज़बूत करेगा तथा राष्ट्रीय वित्तीय सुरक्षा की दृढ़ता से रक्षा करेगा।
हे लिफंग ने यह भी कहा कि चीन वैश्विक वित्तीय शासन सहयोग को मज़बूत करने और जोखिमों व चुनौतियों का संयुक्त समाधान खोजने के लिए सभी पक्षों के साथ मिलकर काम करने को तैयार है। गौरतलब है कि लुच्यात्जुए फोरम चीन का एक प्रमुख वार्षिक वित्तीय मंच है, जो वैश्विक नीति-निर्माताओं और वित्तीय विशेषज्ञों को एक मंच पर लाता है।
आगे की राह
विशेषज्ञों के अनुसार, इस संबोधन में चीन की दोहरी रणनीति स्पष्ट दिखती है — एक ओर घरेलू वित्तीय सुरक्षा और नियामकीय नियंत्रण, दूसरी ओर विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने के लिए उदारीकरण का संकेत। 15वीं पंचवर्षीय योजना के क्रियान्वयन की दिशा में यह फोरम नीतिगत संवाद का एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।