3 अगस्त 2026
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हे लिफंग ने लुच्यात्जुए फोरम 2026 में दिया वैश्विक वित्तीय सहयोग का संदेश

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हे लिफंग ने लुच्यात्जुए फोरम 2026 में दिया वैश्विक वित्तीय सहयोग का संदेश

सारांश

चीनी उप प्रधानमंत्री हे लिफंग ने लुच्यात्जुए फोरम 2026 में वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच चीन की वित्तीय स्थिरता और संस्थागत उदारीकरण का संकल्प दोहराया — साथ ही सभी देशों के वित्तीय संस्थानों को चीनी बाज़ार में भागीदारी का निमंत्रण दिया।

मुख्य बातें

चीनी उप प्रधानमंत्री हे लिफंग ने 17 जून 2026 को बीजिंग में लुच्यात्जुए फोरम 2026 के उद्घाटन समारोह को संबोधित किया।
चीन 'चीनी विशेषता वाले वित्तीय मार्ग' पर कायम रहेगा और 15वीं पंचवर्षीय योजना को पूरी तरह लागू करेगा।
चीन ने वित्तीय क्षेत्र में संस्थागत उदारीकरण जारी रखने और सभी देशों के वित्तीय संस्थानों का स्वागत करने की घोषणा की।
हे लिफंग ने पारस्परिक सम्मान, शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व और बहुपक्षवाद को वैश्विक चुनौतियों का एकमात्र सही समाधान बताया।
चीन ने राष्ट्रीय वित्तीय सुरक्षा की रक्षा और वैश्विक वित्तीय शासन सहयोग को मज़बूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।

चीनी उप प्रधानमंत्री हे लिफंग ने बुधवार, 17 जून 2026 को बीजिंग में आयोजित प्रतिष्ठित लुच्यात्जुए फोरम 2026 के उद्घाटन समारोह को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने चीन की वित्तीय नीति की दिशा स्पष्ट करते हुए वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच बहुपक्षीय सहयोग पर बल दिया।

चीन की वित्तीय प्रगति और नीतिगत दिशा

हे लिफंग ने कहा कि हाल के वर्षों में चीन ने वित्तीय क्षेत्र में जोखिम-रोकथाम, नियामकीय सुदृढ़ीकरण और उच्च गुणवत्ता वाले विकास को प्राथमिकता देते हुए निरंतर प्रगति की है। उन्होंने स्वीकार किया कि वर्तमान में विश्व तीव्र बदलावों के दौर से गुज़र रहा है और वैश्विक आर्थिक विकास तथा वित्तीय संचालन दोनों गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि चीन 'चीनी विशेषता वाले वित्तीय मार्ग' पर दृढ़ रहेगा और 15वीं पंचवर्षीय योजना को पूर्ण निष्ठा से लागू करेगा। इसका उद्देश्य उच्च गुणवत्ता वाले आर्थिक विकास को गति देना और वैश्विक अर्थव्यवस्था में स्थिरता का योगदान करना है।

विदेशी वित्तीय संस्थानों के लिए खुले द्वार

हे लिफंग ने घोषणा की कि चीन वित्तीय क्षेत्र में संस्थागत उदारीकरण का विस्तार जारी रखेगा। उन्होंने सभी देशों के वित्तीय संस्थानों का स्वागत करते हुए कहा कि वे चीनी बाज़ार में अपनी उपस्थिति बढ़ाएँ और चीन के विकास के अवसरों में भागीदार बनें। यह संकेत ऐसे समय में आया है जब वैश्विक व्यापार तनाव और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के कारण विदेशी निवेश का माहौल दबाव में है।

बहुपक्षवाद और वैश्विक वित्तीय शासन

उप प्रधानमंत्री ने इस बात पर ज़ोर दिया कि वैश्विक विकास और शासन की चुनौतियों से निपटने का एकमात्र सही मार्ग पारस्परिक सम्मान, शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व और अंतरराष्ट्रीय नियमों तथा बहुपक्षवाद पर आधारित सहयोग है। उन्होंने कहा कि चीन अपनी वित्तीय कानूनी प्रणाली को और मज़बूत करेगा तथा राष्ट्रीय वित्तीय सुरक्षा की दृढ़ता से रक्षा करेगा।

हे लिफंग ने यह भी कहा कि चीन वैश्विक वित्तीय शासन सहयोग को मज़बूत करने और जोखिमों व चुनौतियों का संयुक्त समाधान खोजने के लिए सभी पक्षों के साथ मिलकर काम करने को तैयार है। गौरतलब है कि लुच्यात्जुए फोरम चीन का एक प्रमुख वार्षिक वित्तीय मंच है, जो वैश्विक नीति-निर्माताओं और वित्तीय विशेषज्ञों को एक मंच पर लाता है।

आगे की राह

विशेषज्ञों के अनुसार, इस संबोधन में चीन की दोहरी रणनीति स्पष्ट दिखती है — एक ओर घरेलू वित्तीय सुरक्षा और नियामकीय नियंत्रण, दूसरी ओर विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने के लिए उदारीकरण का संकेत। 15वीं पंचवर्षीय योजना के क्रियान्वयन की दिशा में यह फोरम नीतिगत संवाद का एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि विदेशी निवेशकों को उदारीकरण का प्रलोभन। यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिका-चीन व्यापार तनाव और भू-राजनीतिक दबावों के कारण विदेशी पूंजी का चीन से पलायन एक चिंता का विषय बना हुआ है। 15वीं पंचवर्षीय योजना का बार-बार उल्लेख यह भी संकेत देता है कि बीजिंग अपनी वित्तीय नीति को दीर्घकालिक योजना-ढाँचे में पिरोकर वैधता देना चाहता है। असली परीक्षा यह होगी कि क्या 'संस्थागत उदारीकरण' के वादे ठोस नीतिगत बदलावों में बदलते हैं या फोरम की वक्तृता तक ही सीमित रहते हैं।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लुच्यात्जुए फोरम 2026 क्या है?
लुच्यात्जुए फोरम चीन का एक प्रमुख वार्षिक वित्तीय सम्मेलन है जो बीजिंग में आयोजित होता है और वैश्विक नीति-निर्माताओं, केंद्रीय बैंकरों तथा वित्तीय विशेषज्ञों को एक मंच पर लाता है। 2026 के संस्करण का उद्घाटन 17 जून को चीनी उप प्रधानमंत्री हे लिफंग ने किया।
हे लिफंग ने फोरम में किन मुख्य बातों पर ज़ोर दिया?
हे लिफंग ने चीन की वित्तीय स्थिरता, संस्थागत उदारीकरण के विस्तार और 15वीं पंचवर्षीय योजना के क्रियान्वयन पर ज़ोर दिया। उन्होंने वैश्विक वित्तीय शासन में बहुपक्षीय सहयोग को आवश्यक बताया और सभी देशों के वित्तीय संस्थानों को चीनी बाज़ार में भागीदारी का आमंत्रण दिया।
चीन के वित्तीय उदारीकरण का विदेशी निवेशकों पर क्या असर होगा?
हे लिफंग के अनुसार, चीन वित्तीय क्षेत्र में संस्थागत उदारीकरण जारी रखेगा, जिससे विदेशी वित्तीय संस्थानों को चीनी बाज़ार में अपनी उपस्थिति बढ़ाने का अवसर मिलेगा। हालाँकि, विशेषज्ञों का कहना है कि इन वादों का व्यावहारिक क्रियान्वयन ही असली कसौटी होगी।
चीन की 15वीं पंचवर्षीय योजना वित्त क्षेत्र से कैसे जुड़ी है?
हे लिफंग ने कहा कि चीन 15वीं पंचवर्षीय योजना को पूर्ण रूप से लागू करेगा, जिसमें उच्च गुणवत्ता वाले आर्थिक विकास और वित्तीय क्षेत्र की मज़बूती प्रमुख लक्ष्य हैं। यह योजना चीन के दीर्घकालिक आर्थिक रोडमैप का हिस्सा है।
वैश्विक वित्तीय चुनौतियों पर चीन का क्या रुख है?
चीन का मानना है कि वैश्विक वित्तीय चुनौतियों का समाधान पारस्परिक सम्मान, शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व और अंतरराष्ट्रीय नियमों पर आधारित बहुपक्षीय सहयोग से ही संभव है। हे लिफंग ने कहा कि चीन सभी पक्षों के साथ मिलकर जोखिमों और चुनौतियों का संयुक्त समाधान खोजने को तैयार है।
राष्ट्र प्रेस
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