ली छ्यांग ने चीन-जर्मन आर्थिक सलाहकार समिति की महत्वपूर्ण संगोष्ठी में भाग लिया
सारांश
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बीजिंग, 26 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। 25 फरवरी की दोपहर को चीनी प्रधानमंत्री ली छ्यांग ने पेइचिंग के जन वृहद भवन में जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के साथ चीन-जर्मन आर्थिक सलाहकार समिति की एक संगोष्ठी में भाग लिया। इस कार्यक्रम में चीनी और जर्मन उद्यमों के 60 से अधिक प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।
ली छ्यांग ने बताया कि हाल के समय में वैश्विक आर्थिक अस्थिरता और अनिश्चितता में वृद्धि हुई है। चीन और जर्मनी, जो कि विश्व की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएँ हैं, ने अपने घनिष्ठ सहयोग से न केवल अपने विकास को बढ़ाया है, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था को भी मजबूती दी है। वर्तमान में वैश्विक अर्थव्यवस्था को कई गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। एकतरफावाद और संरक्षणवाद बढ़ रहे हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय आर्थिक और व्यापारिक व्यवस्था को खतरा हो रहा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, चीन और जर्मनी को अपने सहयोग को और मजबूत करना चाहिए।
ली छ्यांग ने कहा कि वर्तमान में, दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाएँ सकारात्मक बदलाव की ओर बढ़ रही हैं। चीन की 15वीं पंचवर्षीय योजना के तहत, द्विपक्षीय आर्थिक और व्यापारिक सहयोग के और भी व्यापक अवसर खुलेंगे। चीन और जर्मनी के बीच आर्थिक और औद्योगिक लाभों का पूरक स्वरूप अपरिवर्तित है। सहयोग प्रतिस्पर्धा से अधिक महत्वपूर्ण है, और दोनों देश स्वस्थ प्रतिस्पर्धी एवं सहयोगात्मक संबंध विकसित करके एक साथ बेहतर विकास कर सकते हैं।
मर्ज ने कहा कि जर्मनी और चीन एक दूसरे के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक और व्यापारिक साझेदार हैं। द्विपक्षीय आर्थिक संबंध गतिशील और वर्षों से उच्च स्तर पर विकसित हो रहे हैं, जिसने दोनों देशों के आर्थिक विकास को मजबूती प्रदान की है। जर्मनी, चीन से सीखने एवं ऑटोमोबाइल, रसायन, मशीनरी, नवीकरणीय ऊर्जा और डिजिटल अर्थव्यवस्था जैसे क्षेत्रों में आपसी लाभ के सहयोग को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। जर्मनी, चीनी बाजार में निवेश करने वाली कंपनियों का समर्थन करता है और अधिक चीनी कंपनियों का स्वागत करता है जो जर्मनी में निवेश करना चाहती हैं।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)