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क्या सिद्धिविनायक मंदिर में 7 दिवसीय माघी गणेश उत्सव की धूम है?

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क्या सिद्धिविनायक मंदिर में 7 दिवसीय माघी गणेश उत्सव की धूम है?

सारांश

सिद्धिविनायक मंदिर में माघी गणेश उत्सव का शानदार आगाज हुआ है। भक्तों की भारी भीड़ है और विशेष व्यवस्थाओं के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। यह 7 दिवसीय उत्सव 25 जनवरी तक चलेगा, जिसमें भक्त गणेश जी के जन्म का उत्सव मनाएंगे।

मुख्य बातें

माघी गणेश उत्सव 19 से 25 जनवरी तक मनाया जाएगा।
सिद्धिविनायक मंदिर में विशेष सुविधाएं उपलब्ध हैं।
इस दौरान कई सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
22 जनवरी को गणेश जी का जन्म उत्सव मनाया जाएगा।
भक्तों की भारी भीड़ मंदिर में दर्शन के लिए आ रही है।

मुंबई, 19 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मुंबई के प्रसिद्ध सिद्धिविनायक मंदिर में 7 दिनों तक चलने वाले माघी गणेश उत्सव का आरंभ हो चुका है और यह उत्सव 25 जनवरी तक मनाया जाएगा।

मंदिर के पुजारी आचार्य पवन त्रिपाठी ने माघी गणेश उत्सव के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि भक्तों के लिए मंदिर में विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं और कई सांस्कृतिक एवं धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया है।

आचार्य पवन त्रिपाठी ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से खास बातचीत में कहा, "माघी गणेश चतुर्थी siddhivinayak mandir में सात दिनों तक मनाई जाती है। उत्सव 19 से 25 जनवरी तक चलेगा और माघ चतुर्थी के दिन को गणेश जी के जन्म के उत्सव के रूप में मनाया जाएगा। इस दिन भक्त भगवान गणेश के जन्म की खुशी मनाते हैं और सिद्धिविनायक नगर की परिक्रमा भी करते हैं। भक्तों की भारी भीड़ मंदिर में दर्शन के लिए आ रही है और मंदिर में कई सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजन भी हो रहे हैं और भक्त मनोकामना पूर्ति के लिए यज्ञ भी करवा रहे हैं।"

उन्होंने मंदिर की तरफ से श्रद्धालुओं के लिए की गई व्यवस्थाओं पर बात करते हुए बताया, "सभी श्रद्धालु अच्छे से दर्शन कर सकें, इसलिए कुछ खास इंतजाम किए गए हैं। जैसे बुजुर्गों और दिव्यांगजनों के लिए अलग लाइन की सुविधा की गई है और रात के समय में मंदिर में सारी सुविधाएं बनी रहेंगी, जब तक सारे भक्त दर्शन नहीं कर लेते। मंदिर में पुलिस प्रशासन की तैनाती भी की गई है, ताकि दर्शन को सुचारू रूप से चलाया जा सके।"

बता दें कि इस साल माघी गणेश 22 जनवरी को मनाई जाएगी। यह उत्सव भगवान गणेश के जन्म से जुड़ा है। पौराणिक कथा के अनुसार, मां पार्वती के उबटन से गणेश भगवान प्रकट हुए थे। उन्हें ज्ञान और बुद्धि का देवता माना गया, और वे सर्वप्रथम पूजनीय भी रहे। माना जाता है कि गणेश जयंती के दिन भगवान गणेश भक्तों के सारे दुख हर लेते हैं और उन्हें सुख, समृद्धि और ज्ञान से भर देते हैं। आज के दिन ही नए कामों की शुरुआत की जा सकती है। अगर आप किसी नए कार्य की शुरुआत करना चाहते हैं तो 22 जनवरी का दिन बेहद शुभ रहने वाला है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह मुंबई की सांस्कृतिक धरोहर को भी दर्शाता है। इस आयोजन में भक्तों की भागीदारी और मंदिर द्वारा की गई व्यवस्थाएं समाज में एकता और विश्वास की भावना को बढ़ावा देती हैं।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

माघी गणेश उत्सव कब मनाया जाता है?
माघी गणेश उत्सव हर साल 19 से 25 जनवरी तक मनाया जाता है।
क्या इस उत्सव में विशेष कार्यक्रम होते हैं?
हाँ, इस उत्सव में कई सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
मंदिर में दर्शन के लिए क्या सुविधाएं हैं?
मंदिर में बुजुर्गों और दिव्यांगजनों के लिए अलग लाइन और रात में दर्शन की विशेष व्यवस्थाएं हैं।
गणेश जी का जन्म कैसे हुआ था?
पौराणिक कथा के अनुसार, मां पार्वती के उबटन से गणेश भगवान प्रकट हुए थे।
22 जनवरी का दिन क्यों महत्वपूर्ण है?
22 जनवरी को गणेश जी का जन्म उत्सव मनाया जाता है, जो नए कार्यों की शुरुआत के लिए शुभ माना जाता है।
राष्ट्र प्रेस
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