क्या सिंगूर में प्रधानमंत्री मोदी की जनसभा से जंगलराज का अंत होगा?
सारांश
Key Takeaways
- प्रधानमंत्री मोदी ने सिंगूर में कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया।
- लोगों की भारी संख्या में जनसभा में भागीदारी।
- टीएमसी सरकार की नीतियों पर आरोप।
- भाजपा के प्रति जनता का समर्थन।
- जंगलराज का अंत होने की उम्मीद।
सिंगूर, 18 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को पश्चिम बंगाल के सिंगूर में कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। पीएम मोदी ने एक सभा के दौरान टीएमसी सरकार पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बंगाल में अब असली परिवर्तन की आवश्यकता है, 15 वर्षों के महाजंगलराज को बदलना होगा। पीएम मोदी को सुनने के लिए बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे। लोगों ने कहा कि बंगाल में जंगलराज की विदाई का समय आ गया है।
पीएम मोदी की सभा के दौरान कुछ उपस्थित लोगों ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में टीएमसी सरकार की आलोचना की। उन्होंने 2026 में भाजपा की सरकार बनने की उम्मीद जताई और जंगलराज को समाप्त करने की मांग की।
प्रदीप गुप्ता ने कहा कि जंगलराज का अंत होने वाला है। वर्तमान सत्ताधारी पार्टी में शिक्षा घोटाले से लेकर विभिन्न प्रकार की चोरियों के मामले सामने आ रहे हैं। पार्षद, विधायक और सांसद केवल धन कमाने में लगे हैं। पश्चिम बंगाल का विकास केवल भाजपा ही कर सकती है। इस बार जनता ने यह तय कर लिया है कि बंगाल में भाजपा की सरकार आएगी।
अमन सिंह ने कहा कि पीएम मोदी के कारण हम बहुत खुश हैं। हम सुंदरबन और कोलकाता से पीएम मोदी को देखने आए हैं। हम युवाओं के रूप में चाहते हैं कि यहां भाजपा की सरकार बने। 2011 के बाद से टीएमसी सरकार के आने से जंगलराज शुरू हुआ है और यह अभी तक जारी है। यहाँ शिक्षकों की व्यवस्था नहीं है, रोजगार नहीं है, अपराध बढ़ रहा है, और विभिन्न प्रकार के घोटाले हो रहे हैं। वर्तमान सरकार का जाना तय है। केवल भाजपा ही इस जंगलराज को समाप्त कर सकती है।
एक महिला ने कहा कि यहाँ धर्म और कर्म के खिलाफ बहुत कुछ हो रहा है। इस बार भाजपा की सरकार बनेगी। भाजपा की सरकार आने के बाद यहाँ धर्म पर अत्याचार नहीं होगा। नए रोजगार के अवसर मिलेंगे। टीएमसी को जाना ही होगा।
एक अन्य महिला ने कहा कि यहाँ सभी लोगों को विश्वास है कि भाजपा के आने से बंगाल में सुधार होगा। बच्चे से लेकर बुजुर्ग सभी पीएम मोदी को सुनने के लिए आए। यहाँ जो कारखाने बंद पड़े हैं, वे फिर से शुरू होंगे।
कुछ अन्य लोगों ने बताया कि 2011 से ममता बनर्जी के शासन में कई वादे किए गए, लेकिन उन्होंने कोई रास्ता नहीं दिखाया और समस्याओं का समाधान नहीं किया। उन्होंने तो मुरमुरे जैसी छोटी चीजें बेचने का भी सुझाव दिया। आज हम मांग करते हैं कि सिंगूर में टाटा फैक्ट्री को फिर से खोला जाए। हम अपनी मांग पीएम मोदी तक पहुंचा रहे हैं।