क्या तेजस्वी होंगे बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता? महागठबंधन ने कहा- विपक्ष रहेगा सशक्त

Click to start listening
क्या तेजस्वी होंगे बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता? महागठबंधन ने कहा- विपक्ष रहेगा सशक्त

सारांश

महागठबंधन की बैठक में तेजस्वी यादव को विपक्ष का नेता चुना गया है। सभी दलों ने उनके नेतृत्व पर सहमति जताई। इस बैठक में आगामी विधानसभा सत्र की रणनीति पर भी चर्चा की गई। जानें, इस सशक्त विपक्ष की भूमिका के बारे में और क्या है आगामी राजनीतिक हालात।

Key Takeaways

  • तेजस्वी यादव को विपक्ष का नेता चुना गया।
  • महागठबंधन की बैठक में सभी दलों ने सहमति जताई।
  • राजनीतिक संकट पर चर्चा की गई।
  • आगामी विधानसभा सत्र की रणनीति तैयार की गई।
  • नए विधायकों को प्रशिक्षण पर जोर दिया गया।

पटना, 29 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव के सरकारी आवास पर शनिवार को महागठबंधन की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें सर्वसम्मति से राज्य विधानमंडल में गठबंधन का नेता चुना गया। बैठक में शामिल सभी दलों ने बिना किसी विरोध के तेजस्वी के नेतृत्व पर सहमति व्यक्त की। इस अवसर पर आगामी विधानसभा सत्र और राजनीतिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए विपक्षी गठबंधन ने अपनी रणनीति पर गहन चर्चा की।

सीपीआईएम के राज्य सचिव ललन चौधरी ने मीडिया से बातचीत में बताया कि बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार किया गया। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में बिहार में राजनीतिक संकट और बढ़ेगा। ऐसे में महागठबंधन को एक सशक्त विपक्ष की भूमिका निभानी होगी। उन्होंने यह भी कहा कि एनडीए सरकार के भीतर भारी मतभेद उभरने वाले हैं, इसलिए जन आंदोलन को तेज करना और विपक्ष की ताकत को बढ़ाना बेहद आवश्यक होगा।

आरजेडी नेता कार्तिक मास्टर ने कहा कि महागठबंधन की मीटिंग नियमित रूप से सत्र से पहले आयोजित की जाती है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सदन में जनता के मुद्दों को किस प्रकार प्रभावी ढंग से उठाया जाए।

आरजेडी नेता मंगनी लाल मंडल ने बताया कि विपक्ष ने शनिवार को 23 पदाधिकारियों का चयन किया। उन्होंने कहा कि 17 नवंबर को विधानसभा सचिव को सूचित कर दिया गया था कि तेजस्वी को विधायक दल का नेता चुना गया है। शनिवार को हुई महागठबंधन की बैठक में इसे औपचारिक रूप से मान्यता दी गई।

आरजेडी नेता राहुल शर्मा ने कहा कि यह सभा एक औपचारिक बैठक थी, जिसमें महागठबंधन की सभी पार्टियों के प्रतिनिधि और सदस्य शामिल हुए। चर्चा का केंद्र आगामी सत्र की रूपरेखा पर था। उन्होंने बताया कि आने वाले सत्र में पहले विधायकों का शपथ ग्रहण होगा, उसके बाद गवर्नर का अभिभाषण। इन सभी विषयों पर विस्तार से रणनीति बनाई गई।

आरजेडी नेता चंद्रशेखर ने बताया कि पहले आरजेडी विधायक दल और फिर महागठबंधन विधायक दल की बैठक हुई। दोनों बैठकों में आगामी सत्र की नीति, नए विधायकों के प्रशिक्षण और सदन के कार्यों में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

राजद नेता शक्ति यादव ने कहा कि यह बैठक मुख्य रूप से नए विधायकों को आगामी विशेष सत्र के कार्यक्रम से अवगत कराने के लिए थी। इसमें शपथ ग्रहण, गवर्नर का भाषण, मंत्रियों के पोर्टफोलियो की प्रस्तुति और यदि समय मिला तो सप्लीमेंट्री बजट पर चर्चा होने की संभावना भी बताई गई।

राजद नेता कुमार सर्वजीत ने पुष्टि की कि तेजस्वी यादव को न सिर्फ आरजेडी विधायक दल का नेता चुना गया है, बल्कि महागठबंधन का भी नेता घोषित किया गया है।

राजद नेता आईपी गुप्ता ने कहा कि विपक्षी दलों की परंपरा है कि विधानसभा का सत्र शुरू होने से पहले सभी दल एकजुट होकर बैठक करते हैं ताकि रणनीति तय की जा सके। उन्होंने बताया कि बैठक में इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए सभी दल आगामी सत्र को लेकर एकमत हुए और सामूहिक सोच-विचार किया।

Point of View

तेजस्वी यादव का विपक्षी नेतृत्व महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। महागठबंधन की एकता से यह स्पष्ट होता है कि वे एकजुट होकर राजनीतिक चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार हैं। यह समय है जब बिहार में विपक्ष को मजबूत करने की आवश्यकता है।
NationPress
29/11/2025

Frequently Asked Questions

तेजस्वी यादव को कब और कैसे नेता चुना गया?
तेजस्वी यादव को महागठबंधन की बैठक में सर्वसम्मति से नेता चुना गया।
महागठबंधन की बैठक का मुख्य उद्देश्य क्या था?
बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी विधानसभा सत्र की रणनीति तय करना था।
राजनीतिक संकट के बारे में क्या कहा गया?
ललन चौधरी ने कहा कि बिहार में राजनीतिक संकट और गहराएगा।
क्या विपक्ष की भूमिका महत्वपूर्ण होगी?
हाँ, महागठबंधन को एक सशक्त विपक्ष की भूमिका निभानी होगी।
बैठक में कौन-कौन शामिल थे?
बैठक में महागठबंधन की सभी पार्टियों के प्रतिनिधि और सदस्य शामिल थे।
Nation Press