<b>तेलंगाना पुलिस के समक्ष 41 माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण, बरामद हुए हथियार और सोना</b>

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<b>तेलंगाना पुलिस के समक्ष 41 माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण, बरामद हुए हथियार और सोना</b>

सारांश

तेलंगाना पुलिस के समक्ष 42 माओवादी कार्यकर्ताओं ने आत्मसमर्पण किया है। इस दौरान 36 हथियार और 800 ग्राम सोना बरामद हुआ है। डीजीपी ने बताया कि इस कदम से माओवादी संगठन का तेलंगाना में कोई अस्तित्व नहीं रह गया है।

Key Takeaways

  • 42 माओवादी कार्यकर्ताओं ने आत्मसमर्पण किया।
  • 36 हथियार और 800 ग्राम सोना बरामद हुआ।
  • डीजीपी ने तेलंगाना में सीपीआई (माओवादी) का अस्तित्व समाप्त होने की घोषणा की।

हैदराबाद, 10 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) के बटालियन कमांडर सोदी मल्ला उर्फ केशल समेत सीपीआई (माओवादी) के 42 कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को तेलंगाना पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया। साथ में 36 हथियार और 800 ग्राम सोना भी बरामद किया गया।

पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) बी. शिवधर रेड्डी के समक्ष आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों में पीएलजीए के 21 कार्यकर्ता, तेलंगाना राज्य समिति (टीएससी) के 11 कार्यकर्ता और दंडकारण्य विशेष क्षेत्रीय समिति (डीकेएसजेडसी) के 10 कार्यकर्ता शामिल हैं।

टीएससी के एक क्षेत्रीय समिति सदस्य को छोड़कर, सभी माओवादी छत्तीसगढ़ के निवासी थे।

पीएलजीए बटालियन प्रभारी और डीकेएसजेडसी सदस्य सोदी मल्ला उर्फ केशल उर्फ निखिल, जयशंकर, महबूबबाद, वारंगल और पेद्दापल्ली डिवीजन कमेटी (जेएमएमडब्ल्यूपी डीवीसी) के राज्य समिति सदस्य सचिव चापा नारायण उर्फ गजेंद्र उर्फ मधु और डीवीसीएम कड़थी सन्नु उर्फ मंथु उन प्रमुख कार्यकर्ताओं में शामिल हैं जिन्होंने आत्मसमर्पण किया है।

डीजीपी ने कहा कि सीपीआई (माओवादी) के तीन 'मैजिक वेपन्स' में से सबसे महत्वपूर्ण हथियार को पीएलजीए ने इन आत्मसमर्पणों के माध्यम से पूरी तरह से निष्क्रिय कर दिया है।

डीजीपी ने कहा कि टीएससी के सभी नेताओं के आत्मसमर्पण के बाद, शेष टीएससी कार्यकर्ता अब निष्क्रिय हो गए हैं, और सीपीआई (माओवादी) की तेलंगाना राज्य समिति का अब कोई अस्तित्व नहीं है। उन्होंने घोषणा की कि तेलंगाना अब सीपीआई (माओवादी) के सशस्त्र संगठनों से पूरी तरह मुक्त है।

आत्मसमर्पण प्रक्रिया के तहत, कार्यकर्ताओं ने 36 फायर आर्म्स, विभिन्न कैलिबर के 1,007 जिंदा कारतूस, 2 देसी ग्रेनेड और 100 ग्राम के आठ सोने के बिस्कुट सौंपे।

सौंपे गए फायर आर्म्स में पांच एके-47 राइफलें, चार एसएलआर राइफलें, तीन इंसास राइफलें, छह .303 राइफलें, एक 9 मिमी स्टेन गन, दो 8 मिमी राइफलें, 10 सिंगल-शॉट बंदूकें, एक 9 मिमी पिस्टल, दो रिवॉल्वर, एक बीजीएल गन और एक एयर गन शामिल हैं।

तेलंगाना सरकार की पुनर्वास नीति के अनुसार, एससीएम को 20 लाख रुपए, डीवीसीएम/सीवाईपीसीएम को 5 लाख रुपए, एसीएम/पीपीसीएम को 4 लाख रुपए और पार्टी सदस्य (पीएम) को 1 लाख रुपए

गृह मंत्रालय के दिशानिर्देशों के अनुसार, हथियार सौंपने पर प्रोत्साहन राशि दी जाती है। शुक्रवार को हथियार सहित आत्मसमर्पण करने वाले 42 भूमिगत सीपीआई (माओवादी) कार्यकर्ताओं के लिए कुल पात्र पुरस्कार राशि 1.93 करोड़ रुपए उन्हें वितरित की जाएगी।

तेलंगाना निवासी कार्यकर्ता (कुंजम इदुमल उर्फ महेंद्र, एसीएम) को दी जाने वाली पात्र पुरस्कार राशि, 4 लाख रुपए, डिमांड ड्राफ्ट/चेक के माध्यम से उन्हें वितरित कर दी गई है।

छत्तीसगढ़ राज्य के शेष 41 कार्यकर्ताओं को 25,000 रुपए की अंतरिम राहत राशि दी गई है। शेष राशि दस्तावेजीकरण पूरा होने और बैंक खाते खुलने के बाद वितरित की जाएगी।

Point of View

इस घटना से माओवादी संगठन का प्रभाव कम होगा, जिससे क्षेत्र में शांति की संभावना बढ़ेगी।
NationPress
10/04/2026

Frequently Asked Questions

कितने माओवादी कार्यकर्ताओं ने आत्मसमर्पण किया?
42 माओवादी कार्यकर्ताओं ने तेलंगाना पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया।
आत्मसमर्पण के दौरान क्या बरामद हुआ?
इस दौरान 36 हथियार और 800 ग्राम सोना बरामद हुआ।
डीजीपी का क्या कहना है?
डीजीपी ने कहा कि अब सीपीआई (माओवादी) का तेलंगाना में कोई अस्तित्व नहीं है।
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