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विजयादशमी पर तेलंगाना CM रेवंत रेड्डी ने की आयुध पूजा, पैतृक गांव कोंडारेड्डीपल्ले में मनाया दशहरा

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विजयादशमी पर तेलंगाना CM रेवंत रेड्डी ने की आयुध पूजा, पैतृक गांव कोंडारेड्डीपल्ले में मनाया दशहरा

सारांश

विजयादशमी पर तेलंगाना CM रेवंत रेड्डी ने हैदराबाद में आयुध पूजा की और पैतृक गांव कोंडारेड्डीपल्ले पहुँचे, जहाँ ग्रामीणों ने डप्पुलु की थाप व पुष्पवर्षा से उनका स्वागत किया। अंजनेय स्वामी मंदिर और कोटा मैसम्मा मंदिर में पूजा के साथ-साथ उन्होंने तेलंगाना की परंपरागत जम्मी वृक्ष पूजा भी संपन्न की।

मुख्य बातें

रेवंत रेड्डी ने 20 अक्टूबर 2026 को विजयादशमी पर अपने आवास पर आयुध पूजा संपन्न की।
TPCC अध्यक्ष महेश कुमार गौड़ , सांसद अनिल कुमार यादव और अन्य वरिष्ठ कांग्रेस नेता समारोह में शामिल हुए।
CM बाद में नागरकुर्नूल जिले के पैतृक गांव कोंडारेड्डीपल्ले पहुँचे, जहाँ पारंपरिक 'डप्पुलु' ढोल और पुष्पवर्षा से स्वागत हुआ।
उन्होंने अंजनेय स्वामी मंदिर और कोटा मैसम्मा मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की।
दशहरा परंपरा के अनुसार उन्होंने 'जम्मी चेट्टू' (जम्मी वृक्ष) पूजा में भाग लिया, जो तेलंगाना की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान है।

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने 20 अक्टूबर 2026 को विजयादशमी के पावन अवसर पर अपने आधिकारिक आवास पर आयुध पूजा संपन्न की। पारंपरिक अनुष्ठानों के अनुसार पुजारियों द्वारा आयोजित इस धार्मिक समारोह में सुरक्षाकर्मियों के आग्नेयास्त्रों को भी विधिवत रूप से रखा गया।

समारोह में उपस्थित प्रमुख नेता

तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी (TPCC) के अध्यक्ष महेश कुमार गौड़, सांसद अनिल कुमार यादव, विधायक श्री गणेश और नवीन यादव, युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष शिव चरण रेड्डी तथा कांग्रेस नेता रोहिन रेड्डी भी इस अवसर पर उपस्थित रहे। आयुध पूजा के बाद मुख्यमंत्री नागरकुर्नूल जिले स्थित अपने पैतृक गांव कोंडारेड्डीपल्ले के लिए रवाना हो गए।

पैतृक गांव में उत्साहपूर्ण स्वागत

मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के अनुसार, कोंडारेड्डीपल्ले पहुँचने पर विधायकों, एमएलसी, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ अधिकारियों और ग्रामीणों ने रेवंत रेड्डी का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। पारंपरिक ढोल — जिसे स्थानीय भाषा में 'डप्पुलु' कहा जाता है — की लयबद्ध थाप, बड़ी-बड़ी मालाओं और पुष्पवर्षा के बीच यह स्वागत समारोह आयोजित हुआ।

मंदिर दर्शन और जम्मी वृक्ष पूजा

मुख्यमंत्री ने अपने परिवार के सदस्यों के साथ ग्राम के अंजनेय स्वामी मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की। इसके पश्चात उन्होंने कोटा मैसम्मा मंदिर में भी प्रार्थना की। दशहरा उत्सव के अंतर्गत उन्होंने 'जम्मी चेट्टू' (जम्मी वृक्ष) पूजा में भी भाग लिया — यह तेलंगाना की एक अनूठी सांस्कृतिक परंपरा है, जिसमें जम्मी वृक्ष की पत्तियाँ 'सोने' के प्रतीक के रूप में बड़ों को भेंट की जाती हैं।

CM का संदेश: प्रकृति और परंपरा का सम्मान

दशहरा के अवसर पर जारी अपने संदेश में रेवंत रेड्डी ने इस परंपरा का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि यह प्रथा प्रकृति का सम्मान करने और बड़ों के प्रति आदर दिखाने की याद दिलाती है। सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में उन्होंने कोंडारेड्डीपल्ली को एक 'शक्तिशाली भूमि' बताया, जिसने एक साधारण व्यक्ति से मुख्यमंत्री पद तक की उनकी यात्रा में प्रेरणा स्रोत का काम किया।

उन्होंने पोस्ट में लिखा, 'कोंडारेड्डीपल्ली में अपने परिवार के साथ दशहरा का शुभ त्योहार मना रहा हूं। कोंडारेड्डीपल्ली के भगवान अंजनेय स्वामी से प्रार्थना करता हूं कि वे सभी पर अपनी कृपा बनाए रखें और राज्य के लोगों की समृद्धि और खुशहाली सुनिश्चित करें। जन्मभूमि पर दशहरा का त्योहार मनाना मेरे लिए अपार आनंद का अनुभव है।'

गौरतलब है कि यह अवसर न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्त्वपूर्ण है, बल्कि यह राजनीतिक दृष्टिकोण से भी उल्लेखनीय है — एक मुख्यमंत्री का अपने पैतृक क्षेत्र में जाकर उत्सव मनाना उनके जमीनी जुड़ाव को रेखांकित करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक सुविचारित राजनीतिक संदेश भी है — यह दिखाना कि सत्ता की कुर्सी पर बैठने के बावजूद वे अपनी जड़ों से जुड़े हैं। तेलंगाना में जहाँ स्थानीय पहचान और क्षेत्रीय भावनाएँ राजनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील हैं, वहाँ इस तरह के सार्वजनिक आयोजनों का प्रतीकात्मक महत्त्व बड़ा होता है। हालाँकि यह समाचार नीतिगत दृष्टि से कोई नई दिशा नहीं दिखाता, फिर भी यह राज्य की सांस्कृतिक विविधता और 'जम्मी चेट्टू' जैसी स्थानीय परंपराओं के संरक्षण के प्रति सरकारी प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।
RashtraPress
21 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तेलंगाना CM रेवंत रेड्डी ने विजयादशमी पर क्या-क्या किया?
20 अक्टूबर 2026 को CM रेवंत रेड्डी ने हैदराबाद स्थित अपने आवास पर आयुध पूजा की और बाद में नागरकुर्नूल जिले के पैतृक गांव कोंडारेड्डीपल्ले में दशहरा समारोह में शामिल हुए। वहाँ उन्होंने अंजनेय स्वामी मंदिर, कोटा मैसम्मा मंदिर में पूजा-अर्चना की और जम्मी वृक्ष पूजा में भी भाग लिया।
आयुध पूजा क्या होती है और इसे क्यों मनाया जाता है?
आयुध पूजा विजयादशमी (दशहरा) के अवसर पर मनाई जाने वाली एक हिंदू परंपरा है, जिसमें अपने काम के उपकरणों — शस्त्रों, वाहनों, मशीनों आदि — की पूजा की जाती है। इसका उद्देश्य अपने पेशे और साधनों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना है। सुरक्षाबलों में इस दिन आग्नेयास्त्रों की पूजा विशेष रूप से की जाती है।
तेलंगाना की 'जम्मी चेट्टू' पूजा की परंपरा क्या है?
'जम्मी चेट्टू' (जम्मी वृक्ष) की पूजा तेलंगाना और आंध्र प्रदेश की एक विशिष्ट दशहरा परंपरा है। इसमें जम्मी वृक्ष की पत्तियाँ 'सोने' के प्रतीक के रूप में बड़ों को भेंट की जाती हैं और उनसे आशीर्वाद लिया जाता है। CM रेवंत रेड्डी के अनुसार यह प्रथा प्रकृति के सम्मान और बड़ों के प्रति आदर की याद दिलाती है।
CM रेवंत रेड्डी का पैतृक गांव कहाँ है?
CM ए. रेवंत रेड्डी का पैतृक गांव कोंडारेड्डीपल्ले है, जो तेलंगाना के नागरकुर्नूल जिले में स्थित है। उन्होंने सोशल मीडिया पर इस गांव को अपनी राजनीतिक यात्रा का प्रेरणास्रोत बताया है।
आयुध पूजा समारोह में कौन-कौन से कांग्रेस नेता शामिल हुए?
TPCC अध्यक्ष महेश कुमार गौड़, सांसद अनिल कुमार यादव, विधायक श्री गणेश और नवीन यादव, युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष शिव चरण रेड्डी और कांग्रेस नेता रोहिन रेड्डी इस समारोह में उपस्थित रहे।
राष्ट्र प्रेस
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