5 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

तेलंगाना 'फ्यूचर सिटी' में विदेशी यूनिवर्सिटी कैंपस: मुख्य सचिव ने व्यापक पॉलिसी बनाने के दिए निर्देश

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
तेलंगाना 'फ्यूचर सिटी' में विदेशी यूनिवर्सिटी कैंपस: मुख्य सचिव ने व्यापक पॉलिसी बनाने के दिए निर्देश

सारांश

तेलंगाना की 'फ्यूचर सिटी' को अंतरराष्ट्रीय शिक्षा हब बनाने की पहल — यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन, बर्मिंघम समेत 6 विदेशी विश्वविद्यालयों ने रुचि जताई। साथ ही 119 विधानसभा क्षेत्रों में 'यंग इंडिया इंटीग्रेटेड स्कूल्स' का विस्तार, जून 2028 तक 87 स्कूल।

मुख्य बातें

मुख्य सचिव संजय जाजू ने 5 अक्टूबर 2026 को अधिकारियों को 'फ्यूचर सिटी' में विदेशी यूनिवर्सिटी कैंपस के लिए व्यापक पॉलिसी बनाने का निर्देश दिया।
यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन , यूनिवर्सिटी ऑफ बर्मिंघम और 4 अन्य अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों ने 'फ्यूचर सिटी' में शाखा खोलने में रुचि व्यक्त की है।
पॉलिसी में निमंत्रण प्रक्रिया, इंफ्रास्ट्रक्चर, मंजूरी सरलीकरण और शैक्षणिक प्रबंधन शामिल होगा; ग्लोबल समिट से पहले एक्शन प्लान तैयार होगा।
राज्य के 119 विधानसभा क्षेत्रों में 'यंग इंडिया इंटीग्रेटेड स्कूल्स' चरणबद्ध तरीके से स्थापित होंगे — दिसंबर 2027 तक 67 और जून 2028 तक 87 स्कूल।
प्रत्येक स्कूल लगभग 26 एकड़ भूमि पर; डिजिटल क्लासरूम, हॉस्टल, स्पोर्ट्स ग्राउंड सहित सुविधाएँ।
परिसर में SC, ST, BC और अल्पसंख्यक समुदायों के लिए समर्पित स्कूल एक ही जगह स्थापित किए जाएंगे।

तेलंगाना के मुख्य सचिव संजय जाजू ने सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 को एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे राज्य की प्रस्तावित 'फ्यूचर सिटी' में प्रमुख विदेशी विश्वविद्यालयों के कैंपस स्थापित करने के लिए एक व्यापक नीति तैयार करें। इस कदम का उद्देश्य तेलंगाना को अंतरराष्ट्रीय शिक्षा के एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करना है। अधिकारियों के अनुसार, यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन, यूनिवर्सिटी ऑफ बर्मिंघम और चार अन्य अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय 'फ्यूचर सिटी' में अपनी शाखाएं खोलने में रुचि व्यक्त कर चुके हैं।

पॉलिसी में क्या होगा शामिल

मुख्य सचिव जाजू ने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित नीति में विदेशी विश्वविद्यालयों को आमंत्रित करने की प्रक्रिया, आवश्यक बुनियादी ढाँचे और निवेश की उपलब्धता, मंजूरियों को सरल बनाना तथा शैक्षणिक कार्यक्रमों के प्रबंधन जैसे पहलू शामिल होने चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि आने वाले ग्लोबल समिट से पहले एक स्पष्ट और समयबद्ध एक्शन प्लान तैयार किया जाए।

मुख्य सचिव ने ज़ोर दिया कि इन संस्थाओं के माध्यम से छात्रों को शिक्षा, शोध और कौशल विकास के अंतरराष्ट्रीय मानकों तक पहुँच मिलनी चाहिए। यह ऐसे समय में आया है जब कई राज्य विदेशी विश्वविद्यालयों को लुभाने की होड़ में हैं, और केंद्र सरकार की नई शिक्षा नीति भी इस दिशा में रास्ता खोल चुकी है।

यंग इंडिया इंटीग्रेटेड स्कूल्स: राज्यव्यापी विस्तार

समीक्षा बैठक में केवल उच्च शिक्षा ही नहीं, बल्कि राज्य के 119 विधानसभा क्षेत्रों में 'यंग इंडिया इंटीग्रेटेड स्कूल्स' की स्थापना पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इन स्कूलों को देशभर के लिए मॉडल संस्थानों के रूप में विकसित किया जा रहा है।

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि दिसंबर 2027 तक 67 स्कूलों का निर्माण पूरा किया जाए और जून 2028 तक यह संख्या 87 तक पहुँचाई जाए। प्रत्येक स्कूल लगभग 26 एकड़ भूमि पर बनाया जाएगा और उसमें स्पोर्ट्स ग्राउंड, हॉस्टल, स्टाफ क्वार्टर, आधुनिक किचन और डिजिटल क्लासरूम जैसी सुविधाएँ होंगी।

समावेशी शिक्षा पर ज़ोर

गौरतलब है कि इन स्कूल परिसरों में SC, ST, BC और अल्पसंख्यक समुदायों के कल्याण के लिए समर्पित स्कूल एक ही परिसर में स्थापित किए जाएंगे, जिससे समावेशी शिक्षा का मॉडल तैयार होगा। मुख्य सचिव ने निर्माण कार्यों की नियमित समीक्षा और गुणवत्ता मानकों के अनुपालन पर विशेष बल दिया।

बैठक में कौन-कौन रहे उपस्थित

इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में स्पेशल चीफ सेक्रेटरी जयेश रंजन और सब्यसाची घोष, प्रिंसिपल सेक्रेटरी संदीप कुमार सुल्तानिया, योगिता राणा और राहुल बोज्जा, उच्च शिक्षा आयुक्त श्रीदेवीसेना, स्पेशल सेक्रेटरी कृष्णा आदित्य सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

तेलंगाना सरकार का यह कदम संकेत देता है कि राज्य शिक्षा को अगले बड़े निवेश और प्रतिभा-आकर्षण के क्षेत्र के रूप में देख रहा है — और 'फ्यूचर सिटी' इस महत्वाकांक्षा की धुरी बनने की ओर अग्रसर है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा नीति की घोषणा के बाद शुरू होती है। विदेशी विश्वविद्यालयों की 'रुचि' और उनके वास्तविक कैंपस खोलने के बीच की दूरी भारत में पहले भी लंबी साबित हुई है — यूजीसी के विदेशी विश्वविद्यालय नियमन ढाँचे के बावजूद अब तक बहुत कम संस्थान ज़मीन पर उतरे हैं। 'फ्यूचर सिटी' अभी स्वयं विकास की प्रारंभिक अवस्था में है, ऐसे में वहाँ विश्वस्तरीय शैक्षणिक परिस्थितियाँ तैयार करने की समयसीमा यथार्थवादी है या नहीं, यह सवाल उठना स्वाभाविक है। 'यंग इंडिया इंटीग्रेटेड स्कूल्स' की 87 इकाइयों का लक्ष्य प्रशंसनीय है, पर गुणवत्ता नियंत्रण और शिक्षकों की उपलब्धता इस योजना की सबसे बड़ी चुनौती बनेगी।
RashtraPress
5 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तेलंगाना 'फ्यूचर सिटी' में विदेशी यूनिवर्सिटी कैंपस के लिए क्या योजना है?
तेलंगाना सरकार 'फ्यूचर सिटी' में प्रमुख अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों के कैंपस स्थापित करने के लिए एक व्यापक नीति बनाने जा रही है। मुख्य सचिव संजय जाजू ने 5 अक्टूबर 2026 को अधिकारियों को इस दिशा में एक्शन प्लान तैयार करने का निर्देश दिया है।
कौन-सी विदेशी यूनिवर्सिटियों ने तेलंगाना में कैंपस खोलने में रुचि दिखाई है?
अधिकारियों के अनुसार, यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन, यूनिवर्सिटी ऑफ बर्मिंघम और चार अन्य अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों ने 'फ्यूचर सिटी' में अपनी शाखाएँ खोलने में रुचि व्यक्त की है। हालाँकि अभी तक कोई औपचारिक समझौता नहीं हुआ है।
यंग इंडिया इंटीग्रेटेड स्कूल्स क्या हैं और इनकी स्थापना कब तक होगी?
ये तेलंगाना सरकार द्वारा राज्य के 119 विधानसभा क्षेत्रों में स्थापित किए जाने वाले मॉडल स्कूल हैं, जहाँ SC, ST, BC और अल्पसंख्यक समुदायों के लिए समर्पित स्कूल एक ही परिसर में होंगे। दिसंबर 2027 तक 67 और जून 2028 तक 87 स्कूल पूरे करने का लक्ष्य रखा गया है।
विदेशी यूनिवर्सिटी पॉलिसी में कौन-से पहलू शामिल होंगे?
प्रस्तावित नीति में विदेशी विश्वविद्यालयों को आमंत्रित करने की प्रक्रिया, आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश, मंजूरियों को सरल बनाना तथा शैक्षणिक कार्यक्रमों का प्रबंधन शामिल होगा। साथ ही आने वाले ग्लोबल समिट के लिए एक समयबद्ध एक्शन प्लान भी तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
'फ्यूचर सिटी' में विदेशी कैंपस से तेलंगाना के छात्रों को क्या फायदा होगा?
सरकार का लक्ष्य छात्रों को शिक्षा, शोध और कौशल विकास के अंतरराष्ट्रीय मानकों तक स्थानीय स्तर पर पहुँच दिलाना है, ताकि उन्हें विदेश जाने की आवश्यकता न पड़े। यह पहल तेलंगाना को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक प्रमुख गंतव्य के रूप में स्थापित कर सकती है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 5 महीने पहले
  4. 6 महीने पहले
  5. 8 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 1 साल पहले