तेलंगाना 'फ्यूचर सिटी' में विदेशी यूनिवर्सिटी कैंपस: मुख्य सचिव ने व्यापक पॉलिसी बनाने के दिए निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना के मुख्य सचिव संजय जाजू ने सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 को एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे राज्य की प्रस्तावित 'फ्यूचर सिटी' में प्रमुख विदेशी विश्वविद्यालयों के कैंपस स्थापित करने के लिए एक व्यापक नीति तैयार करें। इस कदम का उद्देश्य तेलंगाना को अंतरराष्ट्रीय शिक्षा के एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करना है। अधिकारियों के अनुसार, यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन, यूनिवर्सिटी ऑफ बर्मिंघम और चार अन्य अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय 'फ्यूचर सिटी' में अपनी शाखाएं खोलने में रुचि व्यक्त कर चुके हैं।
पॉलिसी में क्या होगा शामिल
मुख्य सचिव जाजू ने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित नीति में विदेशी विश्वविद्यालयों को आमंत्रित करने की प्रक्रिया, आवश्यक बुनियादी ढाँचे और निवेश की उपलब्धता, मंजूरियों को सरल बनाना तथा शैक्षणिक कार्यक्रमों के प्रबंधन जैसे पहलू शामिल होने चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि आने वाले ग्लोबल समिट से पहले एक स्पष्ट और समयबद्ध एक्शन प्लान तैयार किया जाए।
मुख्य सचिव ने ज़ोर दिया कि इन संस्थाओं के माध्यम से छात्रों को शिक्षा, शोध और कौशल विकास के अंतरराष्ट्रीय मानकों तक पहुँच मिलनी चाहिए। यह ऐसे समय में आया है जब कई राज्य विदेशी विश्वविद्यालयों को लुभाने की होड़ में हैं, और केंद्र सरकार की नई शिक्षा नीति भी इस दिशा में रास्ता खोल चुकी है।
यंग इंडिया इंटीग्रेटेड स्कूल्स: राज्यव्यापी विस्तार
समीक्षा बैठक में केवल उच्च शिक्षा ही नहीं, बल्कि राज्य के 119 विधानसभा क्षेत्रों में 'यंग इंडिया इंटीग्रेटेड स्कूल्स' की स्थापना पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इन स्कूलों को देशभर के लिए मॉडल संस्थानों के रूप में विकसित किया जा रहा है।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि दिसंबर 2027 तक 67 स्कूलों का निर्माण पूरा किया जाए और जून 2028 तक यह संख्या 87 तक पहुँचाई जाए। प्रत्येक स्कूल लगभग 26 एकड़ भूमि पर बनाया जाएगा और उसमें स्पोर्ट्स ग्राउंड, हॉस्टल, स्टाफ क्वार्टर, आधुनिक किचन और डिजिटल क्लासरूम जैसी सुविधाएँ होंगी।
समावेशी शिक्षा पर ज़ोर
गौरतलब है कि इन स्कूल परिसरों में SC, ST, BC और अल्पसंख्यक समुदायों के कल्याण के लिए समर्पित स्कूल एक ही परिसर में स्थापित किए जाएंगे, जिससे समावेशी शिक्षा का मॉडल तैयार होगा। मुख्य सचिव ने निर्माण कार्यों की नियमित समीक्षा और गुणवत्ता मानकों के अनुपालन पर विशेष बल दिया।
बैठक में कौन-कौन रहे उपस्थित
इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में स्पेशल चीफ सेक्रेटरी जयेश रंजन और सब्यसाची घोष, प्रिंसिपल सेक्रेटरी संदीप कुमार सुल्तानिया, योगिता राणा और राहुल बोज्जा, उच्च शिक्षा आयुक्त श्रीदेवीसेना, स्पेशल सेक्रेटरी कृष्णा आदित्य सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
तेलंगाना सरकार का यह कदम संकेत देता है कि राज्य शिक्षा को अगले बड़े निवेश और प्रतिभा-आकर्षण के क्षेत्र के रूप में देख रहा है — और 'फ्यूचर सिटी' इस महत्वाकांक्षा की धुरी बनने की ओर अग्रसर है।