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क्या विविधता में एकता भारत की पहचान है? त्रिपुरा के सीएम माणिक साहा का बयान

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क्या विविधता में एकता भारत की पहचान है? त्रिपुरा के सीएम माणिक साहा का बयान

सारांश

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने 'विविधता में एकता' की अहमियत पर बल दिया। उन्होंने मणिपुरी संस्कृति और समुदाय के विकास की दिशा में राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी दी। आइए जानते हैं इस अवसर पर उन्होंने क्या कहा।

मुख्य बातें

विविधता में एकता भारत की पहचान है।
मणिपुरी संस्कृति का संरक्षण और विकास आवश्यक है।
राज्य सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से समर्थन कर रही है।

अगरतला, 22 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने शनिवार को कहा कि ‘विविधता में एकता’ भारत की पहचान है और उन्होंने सभी समुदायों के बीच सद्भाव बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री ने अगरतला के बाहरी इलाके में स्थित अभयनगर में मणिपुरी समुदाय के पुतिबा देवता बाड़ी के नवनिर्मित मंदिर भवन का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र के राज्यों के बीच विविधता के बावजूद एकता का एक मजबूत बंधन है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के विभिन्न राज्यों के बीच एकता संस्कृति और परंपराओं के आदान-प्रदान के माध्यम से बनी रहती है। राज्य सरकार ने इस प्राचीन मंदिर के पक्के भवन के निर्माण पर 74 लाख रुपए खर्च किए हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मणिपुरियों की संस्कृति और परंपराएं अत्यंत प्राचीन हैं और देश के इतिहास का अभिन्न अंग हैं। सूचना एवं सांस्कृतिक विभाग का कार्यभार संभाल रहे साहा ने कहा कि राज्य में मणिपुरियों की संस्कृति और परंपराओं का इतिहास राजसी काल से जुड़ा हुआ है। राज्य सरकार जातियों और जनजातियों सहित प्रत्येक समुदाय की संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण और विकास के लिए प्रतिबद्ध है। इस उद्देश्य से राज्य सरकार विभिन्न योजनाओं को अपनाकर काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि मणिपुरियों का नृत्य, नाटक और हथकरघा कला भी देश-विदेश में प्रसिद्ध है।

उन्होंने कहा कि यह देश के लिए गर्व की बात है। राज्य सरकार राज्य में रहने वाले मणिपुरियों के सामाजिक-आर्थिक स्तर को बेहतर बनाने के लिए काम कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विविधता में एकता के विचार को प्राथमिकता दे रहे हैं। राज्य सरकार प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण के अनुरूप, जातियों और जनजातियों सहित राज्य के प्रत्येक जातीय समूह के विकास के लिए भी काम कर रही है।

इस अवसर पर मणिपुर से राज्यसभा सदस्य महाराजा सनाजाओबा लीशेम्बा, मणिपुर के पूर्व मंत्री और वर्तमान विधायक सुचिंद्र मैतेई, पुथिबा कल्याण एवं सांस्कृतिक संस्था के सचिव दीपक कुमार सिन्हा, अगरतला नगर निगम के महापौर और विधायक दीपक मजूमदार, पश्चिम त्रिपुरा के जिलाधिकारी डॉ. विशाल कुमार, प्रख्यात समाजसेवी पापिया दत्ता और पुथिबा कल्याण एवं सांस्कृतिक संस्था के सलाहकार निरंजन दत्ता सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो कि आज के समय में बेहद महत्वपूर्ण है।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री माणिक साहा ने कहा कि 'विविधता में एकता' भारत की पहचान है और सभी समुदायों के बीच सद्भाव बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया।
राज्य सरकार ने मंदिर के निर्माण में कितना खर्च किया?
राज्य सरकार ने इस प्राचीन मंदिर के पक्के भवन के निर्माण पर 74 लाख रुपए खर्च किए हैं।
मणिपुरी संस्कृति का महत्व क्या है?
मणिपुरी संस्कृति और परंपराएं अत्यंत प्राचीन हैं और देश के इतिहास का अभिन्न अंग हैं।
राष्ट्र प्रेस
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