क्या विहिप ने महापौर से दिल्ली में सम्राट हेमचंद्र विक्रमादित्य का स्मारक बनाने की मांग की?
सारांश
Key Takeaways
- विहिप ने महापौर से स्मारक बनाने की मांग की है।
- सम्राट हेमचंद्र विक्रमादित्य का ऐतिहासिक महत्व है।
- यह स्मारक भारतीय संस्कृति का प्रतीक होगा।
- महापौर और उप महापौर को पत्र भेजे गए हैं।
- प्रतिनिधिमंडल में प्रमुख नेता शामिल थे।
नई दिल्ली, 21 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। विश्व हिंदू परिषद (विहिप), इन्द्रप्रस्थ के प्रांत मंत्री सुरेंद्र कुमार गुप्ता के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को दिल्ली नगर निगम के महापौर राजा इकबाल सिंह से बातचीत की।
प्रतिनिधिमंडल ने महापौर को एक पत्र सौंपकर दिल्ली में मध्यकालीन भारत के महान शासक सम्राट हेमचंद्र विक्रमादित्य (हेमू) का एक भव्य स्मारक स्थापित करने का अनुरोध किया। इस अवसर पर विहिप के केंद्रीय सह संगठन मंत्री विनायक राव और प्रांत संगठन मंत्री सुबोध भी मौजूद थे।
प्रांत मंत्री ने पत्र में उल्लेख किया कि सम्राट हेमचंद्र विक्रमादित्य भारतीय इतिहास के स्वर्णिम युग के अद्वितीय राष्ट्रवीर और महापराक्रमी शासक रहे हैं। उन्होंने भारतीय संस्कृति की पुनर्स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और अपने साहस एवं रणकौशल के माध्यम से अनेक युद्धों में विजय प्राप्त की, जिसके फलस्वरूप दिल्ली की राजगद्दी को सुशोभित किया।
गुप्ता ने पत्र में आगे कहा कि उन्हें भारतीय इतिहास में स्वदेशी सत्ता, राष्ट्राभिमान और शौर्य-परंपरा के प्रतीक के रूप में मान्यता प्राप्त है। सम्राट हेमू का शासन न्याय, धर्म, लोककल्याण और सुशासन के आदर्शों पर आधारित था। वे भारतीय जीवन-मूल्यों, सनातन परंपराओं और सांस्कृतिक पहचान के महान संरक्षक थे।
सुरेंद्र गुप्ता ने बताया कि उनका व्यक्तित्व इस बात का उदाहरण है कि भारतीय नेतृत्व की परंपरा हमेशा आत्मनिर्भरता और शौर्य से प्रेरित रही है।
प्रांत मंत्री ने महापौर से अनुरोध किया है कि राष्ट्रीय राजधानी में इस महान योद्धा की स्मृति को अमर बनाने के लिए आवश्यक प्रशासनिक कदम उठाए जाएं। यह स्मारक न केवल इतिहास के प्रति न्याय होगा, बल्कि राष्ट्र की सांस्कृतिक धरोहर के संवर्धन में भी योगदान देगा।
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए, पत्र की एक प्रति उप महापौर जय भगवान यादव को भी भेजी गई है। विहिप ने उम्मीद जताई है कि निगम प्रशासन इस राष्ट्रहितैषी मांग पर सकारात्मक निर्णय लेगा।