शाई होप का 45 गेंदों में शतक, वेस्टइंडीज ने रांची में 250 का लक्ष्य भेदकर भारत को 6 विकेट से हराया
सारांश
मुख्य बातें
वेस्टइंडीज ने 9 अक्टूबर 2026 को रांची के जेएससीए इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में भारत को 6 विकेट से शिकस्त दी। कैरेबियाई टीम ने 250 रनों के विशाल लक्ष्य को सफलतापूर्वक हासिल करते हुए टी20 क्रिकेट के इतिहास में दूसरा सबसे बड़ा सफल रन चेज दर्ज किया। इस ऐतिहासिक जीत के सूत्रधार कप्तान शाई होप रहे, जिन्होंने महज 45 गेंदों में नाबाद 102 रन की तूफानी पारी खेली।
मैच का मुख्य घटनाक्रम
भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 5 विकेट खोकर 249 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। जवाब में वेस्टइंडीज ने आक्रामक बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए यह लक्ष्य 6 विकेट शेष रहते हासिल कर लिया। इस मुकाबले में दोनों पारियों को मिलाकर कुल 501 रन बने, जो किसी टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में संयुक्त रूप से दूसरा सर्वाधिक रन-स्कोर है।
रिकॉर्ड्स की बरसात
टी20 क्रिकेट इतिहास में यह केवल सातवाँ मौका है जब किसी टीम ने 250 या उससे अधिक के लक्ष्य को सफलतापूर्वक भेदा हो। इस फॉर्मेट में सबसे बड़ा रन चेज साउथ अफ्रीका के नाम है, जिसने वेस्टइंडीज के विरुद्ध 259 रन बनाकर जीत दर्ज की थी। किसी एकल टी20 मैच में सर्वाधिक संयुक्त रनों का रिकॉर्ड भी वेस्टइंडीज और साउथ अफ्रीका के बीच 2009 में खेले गए मुकाबले का है, जिसमें कुल 517 रन बने थे।
इस मुकाबले में दोनों टीमों ने मिलकर कुल 79 छक्के लगाए। एक टी20 मैच में किसी एक मुकाबले में इससे अधिक बाउंड्री 2023 में साउथ अफ्रीका और वेस्टइंडीज के बीच खेले गए मैच में लगी थीं, जहाँ दोनों टीमों ने मिलकर 81 चौके-छक्के जड़े थे।
शाई होप की ऐतिहासिक पारी
कप्तान शाई होप ने 45 गेंदों में नाबाद 102 रन बनाकर वेस्टइंडीज की ओर से टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में दूसरा सबसे तेज शतक जड़ा। इस सूची में उनसे आगे केवल जॉनसन चार्ल्स हैं, जिन्होंने 2023 में मात्र 39 गेंदों में शतक पूरा किया था। होप, क्रिस गेल और ईवन लुईस के बाद वेस्टइंडीज के लिए टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में दो शतक लगाने वाले तीसरे बल्लेबाज बन गए हैं।
गौरतलब है कि होप भारत के खिलाफ इस फॉर्मेट में संयुक्त रूप से दूसरा सबसे तेज शतक लगाने वाले बल्लेबाज भी बने। उनसे पहले जैकब बेथेल ने टी20 विश्व कप 2026 में भारत के विरुद्ध 45 गेंदों में यही उपलब्धि हासिल की थी।
ऐतिहासिक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब वेस्टइंडीज की टीम सीमित ओवरों के क्रिकेट में अपनी आक्रामक पहचान को फिर से स्थापित कर रही है। रांची में रचा गया यह इतिहास इस बात का प्रमाण है कि कैरेबियाई बल्लेबाज किसी भी लक्ष्य को आसान बनाने की क्षमता रखते हैं। यह मैच टी20 क्रिकेट की उस परंपरा को आगे बढ़ाता है जिसमें वेस्टइंडीज और साउथ अफ्रीका सबसे बड़े रिकॉर्ड्स में शीर्ष पर रहे हैं।
आगे क्या
इस जीत के साथ वेस्टइंडीज ने सीरीज में महत्त्वपूर्ण बढ़त हासिल की है। अब सभी की नज़रें अगले टी20 मुकाबले पर टिकी हैं, जिसमें भारत को वापसी के लिए अपनी गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण में सुधार करना होगा।