रांची टी20: शिवम दुबे की 10 गेंदों पर 7 रन की पारी भारत को पड़ी भारी, वेस्टइंडीज ने 6 विकेट से जीता
सारांश
मुख्य बातें
रांची में 10 अक्टूबर 2026 को खेले गए भारत बनाम वेस्टइंडीज दूसरे टी20 मुकाबले में वेस्टइंडीज ने 6 विकेट से जीत दर्ज करते हुए हाई-स्कोरिंग रोमांचक मैच अपने नाम किया। 18.3 ओवर में 4 विकेट पर 252 रन बनाकर यह वेस्टइंडीज के टी20 इतिहास का सबसे बड़ा सफल रन-चेज बना। भारतीय टीम की बल्लेबाज़ी क्रम की रणनीतिक चूक इस हार का एक प्रमुख कारण मानी जा रही है।
मैच का स्कोरकार्ड
भारत ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 20 ओवर में 5 विकेट पर 249 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया। संजू सैमसन ने 82 रन की शानदार पारी खेली, जबकि ईशान किशन ने 43, श्रेयस अय्यर ने 40 और तिलक वर्मा ने नाबाद 44 रन बनाए। यह स्कोर किसी भी सामान्य परिस्थिति में जीत के लिए पर्याप्त माना जाता, लेकिन वेस्टइंडीज के बल्लेबाज़ों ने कुछ और ही इरादा रखा था।
होप और रदरफोर्ड का तूफ़ान
वेस्टइंडीज के कप्तान और सलामी बल्लेबाज़ शाई होप ने 45 गेंदों पर 9 छक्के और 6 चौके लगाते हुए 102 रन की विस्फोटक पारी खेली। उनके साथ शरफेन रदरफोर्ड ने 37 गेंदों पर 7 छक्के और 7 चौकों की मदद से 84 रन बनाए। इन दोनों की साझेदारी ने मैच का रुख पूरी तरह पलट दिया। गौरतलब है कि 252 रनों का यह लक्ष्य हासिल करना वेस्टइंडीज के टी20 इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा रन-चेज है।
बल्लेबाज़ी क्रम की रणनीतिक चूक
भारतीय टीम मैनेजमेंट की एक अहम निर्णय चर्चा का केंद्र बनी हुई है। 11.1 ओवर में भारत का दूसरा विकेट 139 रन पर गिरा। उस समय श्रेयस अय्यर लंबे समय से पैड पहनकर वॉर्म-अप कर रहे थे और अगले बल्लेबाज़ के रूप में तैयार थे। लेकिन मैनेजमेंट ने उनकी जगह शिवम दुबे को मैदान पर भेजा, जो एक विवादास्पद निर्णय साबित हुआ।
दुबे को स्पिन के खिलाफ बड़े हिट लगाने और अंतिम ओवरों में तेज़ रफ़्तार से रन बनाने के लिए जाना जाता है। हालाँकि, मध्य ओवरों में मैच की उस अवस्था में उनकी उपयोगिता सीमित साबित हुई और वे 10 गेंदों पर केवल 7 रन बनाकर आउट हो गए। इससे भारत की रन गति काफी धीमी हो गई।
श्रेयस की फॉर्म और उनका योगदान
श्रेयस अय्यर इस सीरीज़ में शानदार लय में हैं। पिछले मैच में उन्होंने शतक जड़ा था और इस मैच में भी उन्होंने 18 गेंदों पर 3 छक्के और 3 चौकों की मदद से 40 रन बनाकर अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि श्रेयस को शिवम दुबे से पहले भेजा जाता, तो भारत का कुल स्कोर 280 से ऊपर जाने की पूरी संभावना थी।
हार का असर और आगे की राह
इस हार के साथ सीरीज़ बराबरी पर आ गई है। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय टीम प्रबंधन से यह अपेक्षा थी कि वह पहले मैच की जीत के बाद अपनी रणनीतिक बढ़त बनाए रखेगा। आलोचकों का कहना है कि बल्लेबाज़ी क्रम में बदलाव का यह निर्णय अनुचित समय पर लिया गया, जो अंततः भारत को कम से कम 30 रन महंगा पड़ा। तीसरे और निर्णायक टी20 में टीम प्रबंधन से स्पष्ट रणनीति की उम्मीद रहेगी।