भारत ने रांची में वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 में बनाया सबसे बड़ा स्कोर — 249/5; सैमसन, अय्यर-तिलक की तूफानी पारियाँ
सारांश
मुख्य बातें
रांची के JSCA इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में 9 अक्टूबर 2026 को खेले जा रहे पाँच मैचों की टी20 सीरीज के दूसरे मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 20 ओवर में 5 विकेट खोकर 249 रन बनाए — जो वेस्टइंडीज के विरुद्ध टी20 इंटरनेशनल में भारत का अब तक का सर्वोच्च स्कोर है। संजू सैमसन की विस्फोटक अर्धशतकीय पारी के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर और तिलक वर्मा ने अंतिम ओवरों में भारतीय पारी को नई ऊँचाई पर पहुँचाया।
नया टी20 रिकॉर्ड — 2016 की बढ़त पार
इससे पहले भारत का वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 इंटरनेशनल में सर्वोच्च स्कोर 2016 में बने 244/4 का था। 9 अक्टूबर 2026 को 249/5 के स्कोर ने उस दस वर्ष पुराने रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया। यह भारत-वेस्टइंडीज टी20 सीरीज में भी किसी भी टीम द्वारा बनाया गया सबसे बड़ा स्कोर है।
सैमसन की धमाकेदार 82 रनों की पारी
टॉस गँवाने के बाद पहले बल्लेबाज़ी को उतरी भारतीय टीम को अभिषेक शर्मा और सैमसन ने सधी हुई शुरुआत दी। दोनों ने पहले विकेट के लिए 3.6 ओवर में 42 रन जोड़े। अभिषेक 12 गेंदों में 20 रन बनाकर रोस्टन चेज की गेंद पर आउट हुए।
इसके बाद ईशान किशन और सैमसन ने दूसरे विकेट के लिए 43 गेंदों में 97 रनों की अहम साझेदारी निभाई। ईशान ने 22 गेंदों में 43 रन बनाए, जिसमें 6 चौके और 2 छक्के शामिल रहे। सैमसन ने 21 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और अंततः 41 गेंदों में 9 चौके व 4 छक्कों की मदद से 82 रनों की शानदार पारी खेली। शिवम दुबे महज 7 रन बनाकर पवेलियन लौटे।
अय्यर-तिलक की 83 रनों की विस्फोटक साझेदारी
मैच का असली रोमांच तब आया जब कप्तान श्रेयस अय्यर और तिलक वर्मा ने पाँचवें विकेट के लिए महज 32 गेंदों में 83 रनों की साझेदारी निभाई। अय्यर ने 18 गेंदों में 3 चौके और 3 छक्कों की मदद से 40 रन बनाए। तिलक वर्मा ने 244 के स्ट्राइक रेट से खेलते हुए 18 गेंदों में नाबाद 44 रन ठोके। नमन धीर 4 रन बनाकर नाबाद रहे।
वेस्टइंडीज गेंदबाज़ी में चेज सर्वश्रेष्ठ
250 के क़रीब के विशाल स्कोर के बावजूद रोस्टन चेज वेस्टइंडीज के सबसे सफल गेंदबाज़ रहे — उन्होंने 4 ओवर में 24 रन देकर 3 विकेट चटकाए। शमर स्प्रिंगर ने 2 विकेट लिए। शेष वेस्टइंडीज गेंदबाज़ भारतीय बल्लेबाज़ों की आक्रामकता के सामने बेबस नज़र आए।
इस विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए वेस्टइंडीज के लिए चुनौती असाधारण रूप से कठिन होगी। यह मैच सीरीज में बराबरी की कोशिश में भारत के लिए निर्णायक साबित हो सकता है।