महिलाएं देश की बागडोर संभाल सकती हैं: भाजपा नेताओं ने पीएम मोदी को धन्यवाद दिया
सारांश
Key Takeaways
- महिला आरक्षण विधेयक का विशेष सत्र 16 से 18 अप्रैल को होगा।
- महिलाओं का राजनीतिक प्रतिनिधित्व बढ़ेगा।
- महिला नेताओं ने पीएम मोदी के प्रयासों की सराहना की है।
- विपक्ष इस बिल को लेकर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहा है।
- महिलाएं परिवार के साथ-साथ देश को भी संभालने की क्षमता रखती हैं।
नई दिल्ली, 6 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। महिला आरक्षण विधेयक के लिए संसद का एक विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा। यह सत्र 16 से 18 अप्रैल तक आयोजित होगा। इस मुद्दे पर महिला नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हिंगलगंज विधानसभा क्षेत्र से भाजपा की उम्मीदवार रेखा पात्रा ने महिला आरक्षण विधेयक के बारे में कहा, "पीएम मोदी हमेशा महिलाओं के पक्ष में खड़े रहते हैं। उन्होंने इस सत्र का आयोजन किया है, यह प्रशंसनीय है। जो कार्य हमारे राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी नहीं कर सकीं, वह हमारे प्रधानमंत्री कर रहे हैं, यह गर्व की बात है।"
उत्तर प्रदेश के गाजीपुर की जिला पंचायत अध्यक्ष सपना सिंह ने कहा कि "मैं सबसे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देना चाहती हूं। उनकी महिलाओं के प्रति सोच और सम्मान को देखते हुए हमारी पार्टी की कमिटी में सात महिलाओं की अनिवार्यता तय की गई है। महिलाओं में पारदर्शिता और सहनशीलता का गुण होता है।"
उन्होंने आगे कहा कि "महिलाएं जो कार्य करती हैं, वह अधिक कुशलता से करती हैं। हमारी राष्ट्रपति भी एक महिला हैं और वह देश को संभालने का कार्य कर रही हैं। मैं मानती हूं कि महिलाएं परिवार को संभालने के साथ-साथ देश को भी संभालने में सक्षम हैं।" सपना सिंह ने यह भी कहा कि भाजपा में महिलाओं का सम्मान बढ़ रहा है और हमें पुरुषों के समान काम करना है। जब हमें मौका मिलेगा, तो पीएम मोदी का यह सम्मान हमें आगे बढ़ने में मदद करेगा।
विपक्ष के आरोपों पर उन्होंने कहा कि "हम 2029 के लोकसभा चुनाव में इस बिल को लागू होते देखेंगे। यह कोई लुभावना विधेयक नहीं है, बल्कि काफी समय से रुका हुआ है। विपक्ष केवल भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहा है।" अच्छे कार्यों को रोकने की कोशिश विपक्ष हमेशा करता आया है।
पीलीभीत की नगर पालिका अध्यक्ष आस्था अग्रवाल ने महिलाओं के लिए 33%25 आरक्षण के लिए मोदी सरकार के कदम की सराहना की। उन्होंने कहा कि इससे महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी। "जब कोई महिला घर चलाती है, तो वह बेहतर तरीके से चलाती है।" उन्होंने इसे एक सुंदर पहल बताते हुए कहा कि यदि हमारी समान भागीदारी होगी, तो भारत विकासशील और गतिशील बनेगा।
हरदोई की महिलाओं, वकीलों और समाजसेवा क्षेत्र की महिलाओं ने भी इस बिल का स्वागत किया है। एक महिला ने कहा, "इस बिल से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलेगा। यदि महिलाएं घर को सही तरीके से चला सकती हैं, तो वे देश के लिए भी योगदान दे सकती हैं।" अब तक केवल पुरुष ही आवाज उठाते थे, लेकिन अब महिलाएं भी लोकसभा और विधानसभा में अपनी आवाज उठाएंगी।
एक अन्य महिला ने कहा कि "महिलाओं के आरक्षण के लिए मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करती हूं। उन्होंने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कई पहल की हैं और अब राजनीति में आरक्षण की बात कही है। इससे बड़ी संख्या में महिलाओं को प्रतिनिधित्व का अवसर मिलेगा।" इससे महिलाएं घरों से बाहर निकलेंगी और चुनाव में अपनी दावेदारी कर सकेंगी।