क्या आप लंबे समय में सुरक्षित और मोटा मुनाफा चाहते हैं? जानें ये टॉप 5 सरकारी योजनाएं!
सारांश
Key Takeaways
- सरकारी योजनाएं निवेश के लिए सुरक्षा और निश्चितता प्रदान करती हैं।
- इन योजनाओं में टैक्स लाभ भी मिलता है।
- जोखिम-मुक्त या कम जोखिम वाली योजनाएं दीर्घकालिक निवेश के लिए उपयुक्त हैं।
- पीपीएफ और एससीएसएस जैसी योजनाएं वरिष्ठ नागरिकों के लिए आदर्श हैं।
- सुकन्या समृद्धि योजना लड़कियों के भविष्य के लिए मजबूत वित्तीय आधार बनाती है।
नई दिल्ली, 21 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। वर्तमान समय में निवेश के सही विकल्प चुनना हर व्यक्ति के लिए अत्यंत आवश्यक हो गया है, विशेषकर उन लोगों के लिए जो बचत के साथ-साथ अच्छा रिटर्न और सुरक्षा भी चाहते हैं। भारत में कई सरकारी निवेश योजनाएं हैं जो न केवल सुरक्षा और भरोसा प्रदान करती हैं, बल्कि निश्चित रिटर्न और टैक्स लाभ भी देती हैं। इन योजनाओं की विशेषता यह है कि ये या तो जोखिम-मुक्त हैं या कम जोखिम वाली, जिससे ये लंबे और मध्यम समय में मोटी राशि तैयार करने के लिए उपयुक्त मानी जाती हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, सीनियर सिटिजन सेविंग्स स्कीम (एससीएसएस) एक ऐसी योजना है, जो विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों के लिए बनाई गई है, जिन्हें रिटायरमेंट के बाद नियमित आय की आवश्यकता होती है। एससीएसएस में निवेश पर वर्तमान में लगभग 8.2 प्रतिशत का ब्याज मिलता है, जो तिमाही आधार पर सीधे बैंक खाते में जमा होता है। इसकी विशेषता यह है कि यह पूरी तरह से सरकारी गारंटी वाली योजना है, इसलिए निवेशकों को अपने मूलधन की सुरक्षा की चिंता नहीं रहती। इसके साथ ही, धारा 80सी के तहत टैक्स लाभ भी मिलता है, जिससे टैक्स बोझ कम होता है। पांच साल की अवधि में रखे गए निवेश पर मिलने वाला यह ब्याज निश्चित रूप से मध्यम और वरिष्ठ निवेशकों के लिए आकर्षक विकल्प है।
दूसरी प्रमुख योजना है पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (पीपीएफ)। यह भारत सरकार द्वारा समर्थित एक बचत योजना है, जो 15 साल की अवधि के लिए होती है, और इसमें निवेश पर मिलने वाला ब्याज टैक्स-फ्री होता है। पीपीएफ में न केवल आपका मूलधन सुरक्षित रहता है, बल्कि दीर्घकालिक निवेश के लिए यह सबसे भरोसेमंद विकल्पों में से एक है। रिटायरमेंट प्लानिंग, बच्चों की शिक्षा या भविष्य की बचत के लिए पीपीएफ का इस्तेमाल निवेशकों द्वारा बड़े पैमाने पर किया जाता है, क्योंकि इसे 80सी टैक्स लाभ के रूप में भी शामिल किया जा सकता है।
नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (एनएससी) 5 साल की अवधि वाली सरकारी बचत योजना है, जिसमें लगभग 7.7 प्रतिशत के करीब ब्याज मिलता है। एनएससी में निवेश पर भी 80सी के तहत टैक्स छूट मिलती है, जिससे टैक्स लाभ के साथ ही अपनी पूंजी को भी बढ़ाने का मौका मिलता है। यह योजना उन निवेशकों के लिए उपयुक्त मानी जाती है जो मध्यम अवधि में सुरक्षित और सुनिश्चित रिटर्न चाहते हैं, और बाजार जोखिम से बचना चाहते हैं।
एक और योजना जो निवेशकों के बीच लोकप्रिय है, वह है पोस्ट ऑफिस मासिक आय योजना (एमआईएस)। इसमें निवेश करने पर हर महीने सुनिश्चित ब्याज मिलता है, जो खासकर उन लोगों के लिए फायदेमंद है जिन्हें नियमित मासिक आय की आवश्यकता होती है। इसमें वर्तमान में लगभग 7.4 प्रतिशत के आस-पास ब्याज की दर मिलती है और पैसा भी सरकार की गारंटी के अंतर्गत सुरक्षित रहता है। इस योजना से रिटायरमेंट के बाद या नियमित खर्चों के लिए निश्चित आय की पूर्ति करना आसान होता है।
सुकन्या समृद्धि योजना (एसएसवाई) भी निवेश के लिहाज से बेहतरीन विकल्प है, खासकर उन परिवारों के लिए जिनके घर में लड़की है। इस योजना में निवेश पर मिलने वाला ब्याज फिलहाल 8.2 प्रतिशत है, जो अन्य योजनाओं से काफी ज्यादा है, साथ ही यह टैक्स-फ्री रिटर्न देता है। एसएसवाई का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह न केवल निवेश को सुरक्षित रखती है, बल्कि बेटी के भविष्य की शिक्षा, विवाह जैसे खर्चों के लिए एक मजबूत वित्तीय आधार भी प्रदान करती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ये सरकारी योजनाएं निवेश के लिए सुरक्षा, टैक्स लाभ और निश्चित रिटर्न जैसी सुविधाओं के साथ बेहतरीन विकल्प प्रस्तुत करती हैं। हालाँकि, निवेश की दुनिया में जोखिम और लाभ पर निर्णय लेने से पहले इन सरकारी योजनाओं को समझना हर निवेशक के लिए आवश्यक है।