क्या भारत उर्वरक क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की नई ऊँचाइयों को छू रहा है?

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क्या भारत उर्वरक क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की नई ऊँचाइयों को छू रहा है?

सारांश

भारत सरकार ने उर्वरक क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर हासिल किया है। वर्ष 2025 में, घरेलू उत्पादन से कुल उर्वरक खपत का 73% हिस्सा पूरा होगा, जो किसानों की सशक्तीकरण की दिशा में एक ठोस कदम है।

Key Takeaways

  • भारत सरकार ने उर्वरक क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दिया है।
  • 2025 में कुल उर्वरक खपत का 73% घरेलू उत्पादन से पूरा होगा।
  • उर्वरक उत्पादन में निरंतर वृद्धि हो रही है।
  • किसानों के हित में कई नीतियों का कार्यान्वयन किया जा रहा है।
  • नए संयंत्रों की स्थापना से उद्योग को मजबूती मिली है।

नई दिल्ली, 9 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को हासिल करने के क्रम में, भारत सरकार ने उर्वरक क्षेत्र में अद्वितीय सफलता प्राप्त की है। वर्ष 2025 में, देश की कुल उर्वरक खपत का 73 प्रतिशत हिस्सा घरेलू उत्पादन से पूरा किया जाएगा। यह जानकारी शुक्रवार को उर्वरक विभाग द्वारा साझा की गई।

रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले उर्वरक विभाग ने बताया, "यह उपलब्धि भारत सरकार द्वारा अपनाई गई प्रभावी नीतियों और किसानों के कल्याण के लिए किए गए निरंतर प्रयासों का परिणाम है।"

बयान में आगे कहा गया कि भारत सरकार किसानों को स्वावलंबी और सशक्त बनाने के लिए कार्यरत है, साथ ही पूरे देश में उर्वरकों की समय पर और विश्वसनीय आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए भी प्रयासरत है। उर्वरक सुरक्षा को मजबूत करने हेतु कच्चे माल की उपलब्धता पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसके लिए दीर्घकालिक आपूर्ति समझौतों, विभिन्न स्रोतों के उपयोग और आयात पर निर्भरता कम करने जैसे महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। इन प्रयासों के कारण, वर्ष 2025 में उर्वरकों का घरेलू उत्पादन अब तक के सबसे ऊँचे स्तर पर पहुँच जाएगा।

उर्वरक विभाग के अनुसार, विभिन्न उर्वरकों जैसे कि यूरिया, डीएपी, एनपीके और एसएसपी का कुल घरेलू उत्पादन निरंतर बढ़ रहा है। वर्ष 2021 में यह 433.29 लाख टन था, जो 2022 में बढ़कर 467.87 लाख टन हो गया। इसके बाद 2023 में इसमें और वृद्धि दर्ज की गई और उत्पादन 507.93 लाख टन तक पहुँच गया। यह वृद्धि 2024 में भी जारी रही, जब उत्पादन 509.57 लाख टन रहा।

वहीं, 2025 में उर्वरक उत्पादन अब तक के सबसे उच्च स्तर पर पहुँचते हुए 524.62 लाख टन दर्ज किया गया। नए उर्वरक संयंत्रों की स्थापना, बंद पड़ी इकाइयों का पुनरुद्धार और स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा मिलने से उर्वरक क्षेत्र को मजबूती मिली है।

सरकार की इन पहलों से किसानों को उर्वरकों की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित हुई है और कृषि उत्पादन को भी समर्थन मिला है। इसके साथ ही, उर्वरक क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को भी मजबूती मिली है।

इससे पहले, उर्वरक विभाग की ओर से शनिवार को राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित चिंतन शिविर को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमेशा किसानों को प्राथमिकता दी है, इसलिए हमारी नीतियों और निर्णयों से किसानों का जीवन सरल बनाना हमारी प्राथमिकता है।

उन्होंने कहा कि तमाम कठिनाइयों के बावजूद उर्वरक विभाग ने किसानों की उर्वरक आवश्यकताओं को समय पर पूरा किया है। उर्वरक विभाग द्वारा उठाए गए किसान हितैषी कदमों के कारण ही हमने आयात के साथ-साथ उत्पादन में भी इस वर्ष रिकॉर्ड बनाया है।

Point of View

बल्कि किसानों की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत करेगा।
NationPress
10/01/2026

Frequently Asked Questions

भारत उर्वरक में आत्मनिर्भरता कैसे हासिल कर रहा है?
भारत सरकार ने घरेलू उत्पादन को बढ़ाने के लिए कई नीतियां और कार्यक्रम लागू किए हैं।
साल 2025 में घरेलू उत्पादन का हिस्सा कितना होगा?
वर्ष 2025 में, घरेलू उत्पादन कुल उर्वरक खपत का 73 प्रतिशत हिस्सा सुनिश्चित करेगा।
उर्वरक उत्पादन में पिछले वर्षों में क्या वृद्धि हुई है?
2021 में 433.29 लाख टन से लेकर 2025 में 524.62 लाख टन तक उत्पादन में वृद्धि हुई है।
सरकार ने किसानों के लिए क्या कदम उठाए हैं?
सरकार ने उर्वरकों की समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करने और कच्चे माल की उपलब्धता को बेहतर बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं।
क्या नए उर्वरक संयंत्रों की स्थापना की जा रही है?
हाँ, नए संयंत्रों की स्थापना और बंद इकाइयों का पुनरुद्धार किया जा रहा है।
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