क्या भारतीय रेलवे ने 549 ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाई है, जिससे यात्रा में एक घंटे से अधिक का समय बचेगा?

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क्या भारतीय रेलवे ने 549 ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाई है, जिससे यात्रा में एक घंटे से अधिक का समय बचेगा?

सारांश

भारतीय रेलवे ने 549 ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाकर यात्रा के समय को कम करने की पहल की है। यह कदम यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।

Key Takeaways

  • 549 ट्रेनों की रफ्तार में सुधार
  • यात्रियों के लिए एक घंटे से अधिक का समय बचेगा
  • दक्षिण पश्चिम रेलवे का प्रमुख योगदान
  • 2026 के तहत समय सारणी का विकास
  • यात्रा की विश्वसनीयता में वृद्धि

नई दिल्ली, 9 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय रेलवे ने शुक्रवार को जानकारी दी कि उसने समय की पाबंदी में सुधार और यात्रा के समय को कम करने के लिए ट्रेनों की समय सारिणी 2026 के अंतर्गत कुल 549 ट्रेनों की रफ्तार में बढ़ोतरी की है।

रेल मंत्रालय ने कहा कि इनमें से 376 ट्रेनों की गति 5 से 15 मिनट तक, 105 ट्रेनों की गति 16 से 30 मिनट तक, 48 ट्रेनों की गति 31 से 59 मिनट तक और 20 ट्रेनों की गति 60 मिनट या उससे अधिक बढ़ाई गई है।

मंत्रालय के अनुसार, रफ्तार को बढ़ाने में दक्षिण पश्चिम रेलवे का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। जिन ट्रेनों की गति में सुधार किया गया, उनमें 66 ट्रेनों की गति 5-15 मिनट, 29 ट्रेनों की 16-30 मिनट, 12 ट्रेनों की 31-59 मिनट और 10 ट्रेनों की 60 मिनट या उससे अधिक का सुधार किया गया है।

मध्य रेलवे ने 13 ट्रेनों की गति में 5–15 मिनट, 13 ट्रेनों में 16–30 मिनट और 4 ट्रेनों में 31–59 मिनट का सुधार किया है। पूर्व तटीय रेलवे ने 2 ट्रेनों की गति 5–15 मिनट और 1 ट्रेन की गति 16–30 मिनट बढ़ाई है। पूर्व मध्य रेलवे ने 7 ट्रेनों की गति 5–15 मिनट, 2 ट्रेनों की 16–30 मिनट, 2 ट्रेनों की 31–59 मिनट और 1 ट्रेन की गति में 60 मिनट या उससे अधिक का सुधार किया है।

इसके अलावा, पूर्व रेलवे ने भी 29 ट्रेनों की गति में 5–15 मिनट और 3 ट्रेनों में 16–30 मिनट की वृद्धि की है।

उत्तर मध्य रेलवे ने 1 ट्रेन की गति में 5–15 मिनट का सुधार किया है। पूर्वोत्तर रेलवे ने 9 ट्रेनों की गति 5–15 मिनट और 3 ट्रेनों की गति 16–30 मिनट बढ़ाई है। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने 20 ट्रेनों की गति में 5–15 मिनट, 10 ट्रेनों में 16–30 मिनट, 3 ट्रेनों में 31–59 मिनट और 3 ट्रेनों में 60 मिनट या उससे अधिक का सुधार किया है। उत्तर रेलवे ने 22 ट्रेनों की गति 5–15 मिनट और 2 ट्रेनों की गति 16–30 मिनट बढ़ाई है। उत्तर पश्चिम रेलवे ने 67 ट्रेनों की गति को 5–15 मिनट, 14 ट्रेनों में 16–30 मिनट, 7 ट्रेनों में 31–59 मिनट और 1 ट्रेन की गति को 60 मिनट से अधिक बढ़ाया है।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने 9 ट्रेनों की गति 5–15 मिनट और 2 ट्रेनों की गति 16–30 मिनट बढ़ाई है। दक्षिण रेलवे ने 53 ट्रेनों की गति में 5–15 मिनट, 10 ट्रेनों में 16–30 मिनट, 9 ट्रेनों में 31–59 मिनट और 3 ट्रेनों में 60 मिनट से अधिक का सुधार किया है। पश्चिम मध्य रेलवे ने 25 ट्रेनों की गति 5–15 मिनट, 1 ट्रेन की गति 16–30 मिनट और 1 ट्रेन की गति 31–59 मिनट बढ़ाई है। पश्चिम रेलवे ने 53 ट्रेनों की गति को 5–15 मिनट, 15 ट्रेनों में 16–30 मिनट, 10 ट्रेनों में 31–59 मिनट और 2 ट्रेनों की गति को 60 मिनट या उससे अधिक बढ़ाया है।

रेल मंत्रालय के अनुसार, कुल मिलाकर, ट्रेनों की समय सारणी 2026, यात्रा के समय और यात्रियों की सुविधा को बेहतर बनाने के लिए भारतीय रेलवे का दृढ़ संकल्प दर्शाती है। सभी जोन में 549 ट्रेनों की गति बढ़ाने की यह पहल समयपालन, परिचालन दक्षता और कनेक्टिविटी को बढ़ावा देगी, जिससे देश भर में तेज और अधिक विश्वसनीय रेल सेवाएं सुनिश्चित होंगी।

Point of View

बल्कि देश भर में रेल सेवाओं की विश्वसनीयता को भी बढ़ाएगा।
NationPress
10/01/2026

Frequently Asked Questions

भारतीय रेलवे ने कितनी ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाई है?
भारतीय रेलवे ने कुल 549 ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाई है।
इस बदलाव से यात्रा के समय में कितना सुधार होगा?
यात्रियों को यात्रा में एक घंटे से अधिक का समय बचेगा।
कौन से रेलवे जोन ने सबसे अधिक रफ्तार बढ़ाई है?
दक्षिण पश्चिम रेलवे ने सबसे अधिक रफ्तार बढ़ाई है।
क्या इस पहल से यात्रियों को कोई लाभ होगा?
हां, इससे यात्रियों को समय की पाबंदी और बेहतर सेवा मिलेगी।
क्या यह कदम रेलवे की विकास योजनाओं का हिस्सा है?
जी हां, यह 2026 की समय सारणी के तहत किया गया है।
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