क्या बजट 2026 से रियल एस्टेट सेक्टर और आधी आबादी के लिए उम्मीदें हैं?
सारांश
Key Takeaways
- अफोर्डेबल हाउसिंग की सीमा बढ़ाने की आवश्यकता।
- जीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ दिलाने का सुझाव।
- सीनियर सिटीजन्स के लिए टैक्स राहत की मांग।
- महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए योजनाओं का प्रचार करना।
भागलपुर, 21 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। केंद्र सरकार 1 फरवरी को आम बजट 2026-27 प्रस्तुत करने जा रही है, जिसमें अब कुछ ही दिन बाकी हैं। बजट से पहले, देशभर के विभिन्न क्षेत्रों में उम्मीदों और सुझावों की चर्चा तेज हो गई है। रियल एस्टेट, शेयर बाजार, एमएसएमई, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए बजट से क्या उम्मीदें हैं, इस पर विशेषज्ञों ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत की।
ईस्टर्न बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष गोविंद अग्रवाल ने कहा कि रियल एस्टेट ऐसा क्षेत्र है जो हर व्यक्ति को सीधे प्रभावित करता है। यह क्षेत्र देश की जीडीपी में लगभग 7 प्रतिशत का योगदान देता है और कृषि के बाद सबसे अधिक रोजगार प्रदान करता है। उन्होंने सुझाव दिया कि बजट में अफोर्डेबल हाउसिंग की परिभाषा पर पुनर्विचार होना चाहिए। वर्तमान में 45 लाख रुपए तक के घर को अफोर्डेबल माना जाता है, लेकिन इसे बढ़ाकर 75 लाख रुपए किया जाना चाहिए ताकि अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।
उन्होंने जीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट की मांग की। उनका कहना है कि बिल्डर्स को इनपुट टैक्स का लाभ नहीं मिलने से निर्माण लागत में वृद्धि होती है, जिसका सीधा असर घर की कीमतों पर पड़ता है। यदि सरकार इनपुट टैक्स क्रेडिट देती है, तो मकानों की कीमतें कम होंगी और मध्यम वर्ग के लिए घर खरीदना सरल होगा। इसके साथ ही, उन्होंने ब्याज दरों में कमी और इनकम टैक्स में होम लोन पर अतिरिक्त राहत की भी उम्मीद जताई।
भागलपुर के सीए और अर्थशास्त्री प्रदीप झुनझुनवाला ने कहा कि बजट आम जनता तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष टैक्स राहत की मांग की। उनका कहना है कि सीनियर सिटीजन्स के लिए टीडीएस की सीमा और टैक्स-फ्री इनकम की सीमा बढ़ाई जानी चाहिए। इसके साथ ही, रियल एस्टेट सेक्टर में टैक्स छूट की सीमा बढ़ाकर कम से कम एक करोड़ रुपए करने की मांग की।
उन्होंने लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स में बदलाव की आवश्यकता बताई। वर्तमान में एक लाख रुपए की छूट बहुत कम है, इसे बढ़ाकर कम से कम पांच लाख रुपए किया जाना चाहिए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने भागलपुर के बुनकरों, टेक्सटाइल सेक्टर, कृषि आधारित उद्योग और टूरिज्म सेक्टर को भी बजट में विशेष प्राथमिकता देने की मांग की।
टैक्स एक्सपर्ट और सीए संजय कुमार सकल ने बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के चलते वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता और टैरिफ तनाव के कारण शेयर बाजार पर दबाव बना हुआ है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय से बाजार में काफी उतार-चढ़ाव देखा गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस बजट में कुछ ऐसे कदम उठाए जाएं, जिससे निवेशकों को फायदा हो, खासकर कैपिटल गेन टैक्स को लेकर।
महिला उद्यमी प्रिया सोनी ने बताया कि मौजूदा सरकार ने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं, लेकिन ग्रामीण और पिछड़े इलाकों में जागरूकता की कमी है। उन्होंने कहा कि योजनाओं की जानकारी सरल भाषा में बड़े पोस्टर्स और अभियानों के जरिए दी जानी चाहिए।