11 अक्टूबर 2026
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डीआरआई की बड़ी कार्रवाई: पूर्वी भारत में ₹11.5 करोड़ का विदेशी सोना जब्त, 6 तस्कर गिरफ्तार

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डीआरआई की बड़ी कार्रवाई: पूर्वी भारत में ₹11.5 करोड़ का विदेशी सोना जब्त, 6 तस्कर गिरफ्तार

सारांश

डीआरआई की एक ही दिन में तीन-मोर्चों पर कार्रवाई — डंकुनी टोल प्लाजा, मालदा और न्यू जलपाईगुड़ी — से ₹11.5 करोड़ का विदेशी सोना बरामद हुआ और बांग्लादेश सीमा से कोलकाता तक फैले तस्करी नेटवर्क के कथित सरगना सहित 6 लोग गिरफ्तार हुए।

मुख्य बातें

डीआरआई ने 11 अक्टूबर 2026 को पूर्वी भारत में समन्वित अभियानों में 7.8 किलोग्राम विदेशी सोना जब्त किया, जिसकी कीमत ₹11.5 करोड़ से अधिक है।
डंकुनी टोल प्लाजा पर एक वाहन से 50 सोने की छड़ें (6.8 किग्रा, ₹10 करोड़) बरामद हुईं और कथित सिंडिकेट सरगना सहित 4 लोग गिरफ्तार।
मालदा टाउन और न्यू जलपाईगुड़ी रेलवे स्टेशन पर 1 किलोग्राम (₹1.5 करोड़) सोना जब्त; 2 यात्री गिरफ्तार।
सोना कथित तौर पर बांग्लादेश और त्रिपुरा सीमा के रास्ते तस्करी करके लाया जा रहा था।
तस्करी के लिए सड़क और रेल कॉरिडोर का व्यवस्थित उपयोग; जाँच जारी और और गिरफ्तारियाँ संभव।

डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) ने रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को पूर्वी भारत में खुफिया जानकारी के आधार पर चलाए गए समन्वित अभियानों में लगभग 7.8 किलोग्राम विदेशी सोना जब्त किया, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत ₹11.5 करोड़ से अधिक बताई गई है। इस कार्रवाई में बांग्लादेश सीमा से जुड़े तस्करी के सक्रिय नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ और कथित तस्करी सिंडिकेट के सरगना सहित 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया।

डंकुनी टोल प्लाजा पर पकड़ा गया मुख्य सरगना

एक ऑपरेशन के तहत डीआरआई अधिकारियों ने पश्चिम बंगाल के डंकुनी टोल प्लाजा पर एक संदिग्ध चार-पहिया वाहन को रोका। वाहन में सवार चार लोग बांग्लादेश सीमा के निकट स्थित शहर बनपुर से कोलकाता की ओर जा रहे थे। तलाशी के दौरान अधिकारियों को वाहन में 50 सोने की छड़ें (गोल्ड बार) मिलीं, जिनका कुल वजन लगभग 6.8 किलोग्राम और अनुमानित मूल्य करीब ₹10 करोड़ था।

कुछ सोने की छड़ों पर विदेशी निशान अंकित थे। अधिकारियों के अनुसार, वाहन में सवार व्यक्ति इस कीमती धातु के कानूनी स्वामित्व को प्रमाणित करने वाला कोई भी वैध दस्तावेज पेश करने में असमर्थ रहे। पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बांग्लादेश के रास्ते विदेशी सोने की तस्करी में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। डीआरआई ने बताया कि गिरफ्तार लोगों में से एक बनपुर सीमा क्षेत्र में सक्रिय तस्करी सिंडिकेट का कथित सरगना था।

मालदा और न्यू जलपाईगुड़ी स्टेशनों पर भी छापा

उसी दिन चलाए गए अलग-अलग ऑपरेशन में डीआरआई की टीमों ने मालदा टाउन रेलवे स्टेशन और न्यू जलपाईगुड़ी रेलवे स्टेशन पर ट्रेन यात्रियों की जाँच की। तलाशी के दौरान लगभग 1 किलोग्राम विदेशी सोना बरामद किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत ₹1.5 करोड़ बताई गई है।

यह सोना चूड़ियों और सोने की छड़ों के रूप में था और कथित तौर पर त्रिपुरा के रास्ते भारत-बांग्लादेश सीमा पार से तस्करी करके लाया जा रहा था। वैध खरीद दस्तावेज प्रस्तुत न कर पाने पर दो यात्रियों को गिरफ्तार किया गया।

तस्करी नेटवर्क की कार्यप्रणाली

अधिकारियों ने बताया कि इस जब्ती से स्पष्ट होता है कि तस्करों द्वारा विदेशी सोने को सीमावर्ती इलाकों से बड़े बाजारों — विशेषकर कोलकाता — तक पहुँचाने के लिए प्रमुख सड़क और रेल नेटवर्क का लगातार और सुनियोजित तरीके से इस्तेमाल किया जा रहा है। गौरतलब है कि पूर्वोत्तर को पूर्वी बाजारों से जोड़ने वाले ये कॉरिडोर लंबे समय से तस्करी के संवेदनशील मार्ग रहे हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब सोने की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में तेजी के बीच तस्करी के प्रयासों में भी बढ़ोतरी की खबरें आ रही हैं। डीआरआई की यह समन्वित कार्रवाई बांग्लादेश सीमा से लगे राज्यों में बढ़ती निगरानी का संकेत देती है।

आगे की कार्रवाई

जब्त सोने को कस्टम्स अधिनियम के तहत राजसात करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। गिरफ्तार व्यक्तियों से पूछताछ जारी है और डीआरआई का कहना है कि इस नेटवर्क के व्यापक सूत्रों की जाँच की जा रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी सिंडिकेट बार-बार पुनर्गठित हो जाते हैं। सरगना की गिरफ्तारी उत्साहजनक है, लेकिन अनुभव बताता है कि बिना ऊपरी वित्तपोषण श्रृंखला तोड़े, नीचे के ऑपरेटर जल्द बदले जा सकते हैं। अंतरराष्ट्रीय सोने की ऊँची कीमतें तस्करों के लिए प्रोत्साहन बढ़ाती हैं, इसलिए केवल जब्ती की संख्या नहीं, बल्कि नेटवर्क के वित्तीय स्रोतों पर प्रहार जरूरी है।
RashtraPress
11 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डीआरआई ने इस कार्रवाई में कितना सोना जब्त किया?
डीआरआई ने 11 अक्टूबर 2026 को पूर्वी भारत में चलाए गए समन्वित अभियानों में कुल लगभग 7.8 किलोग्राम विदेशी सोना जब्त किया, जिसकी बाजार कीमत ₹11.5 करोड़ से अधिक बताई गई है। इसमें डंकुनी टोल प्लाजा से 6.8 किग्रा और रेलवे स्टेशनों से लगभग 1 किग्रा सोना शामिल है।
गिरफ्तार तस्कर कौन थे और उन्हें कहाँ से पकड़ा गया?
कुल 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया — पश्चिम बंगाल के डंकुनी टोल प्लाजा से 4 और मालदा टाउन तथा न्यू जलपाईगुड़ी रेलवे स्टेशनों से 2 यात्री। डीआरआई के अनुसार, गिरफ्तारों में से एक बनपुर सीमा क्षेत्र में सक्रिय तस्करी सिंडिकेट का कथित सरगना था।
सोने की तस्करी किस रास्ते से हो रही थी?
अधिकारियों के अनुसार, सोने को बांग्लादेश और त्रिपुरा की सीमाओं के रास्ते भारत में लाया जा रहा था। इसके बाद इसे सड़क और रेल नेटवर्क के जरिए कोलकाता जैसे बड़े बाजारों तक पहुँचाया जाता था।
क्या यह तस्करी का संगठित नेटवर्क था?
हाँ, पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर संगठित तस्करी नेटवर्क की संलिप्तता स्वीकार की। डीआरआई का कहना है कि प्रमुख सड़क और रेल कॉरिडोर का व्यवस्थित रूप से उपयोग किया जा रहा था, और जाँच अभी जारी है।
जब्त सोने और गिरफ्तार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी?
जब्त सोने को कस्टम्स अधिनियम के तहत राजसात करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। गिरफ्तार व्यक्तियों से पूछताछ जारी है और डीआरआई ने संकेत दिया है कि इस नेटवर्क के और सदस्यों की पहचान की जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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