क्या जर्मनी की कंपनी ने चीनी रिन्यूएबल एनर्जी फर्म मिंग यांग के साथ डील रद्द की?
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नई दिल्ली, 27 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। हैम्बर्ग स्थित एसेट प्रबंधन कंपनी लक्सकारा ने नॉर्थ-सी में वाटरकैंट ऑफशोर विंड फार्म के लिए चीनी कंपनी मिंग यांग स्मार्ट एनर्जी के साथ किए गए समझौते को रद्द करने का निर्णय लिया है।
कंपनी ने बताया कि यह निर्णय ऑपरेशनल कारणों से लिया गया है।
पिछले वर्ष लक्सकारा ने घोषणा की थी कि मिंग यांग 300 मेगावाट की परियोजना के लिए टर्बाइन की आपूर्ति करेगा। लेकिन अब कंपनी ने सीमेंस एनर्जी की सहायक कंपनी सीमेंस गेम्सा से 19 टर्बाइन खरीदने का निर्णय लिया है।
रिपोर्टों के अनुसार, लक्सकारा का कहना है कि इस कदम से ऑपरेशन को सरल बनाया जाएगा, क्योंकि ये टर्बाइन पहले से ही उसके नजदीकी 1.5 गीगावाट वाटरेके प्रोजेक्ट में उपयोग में हैं, जो जर्मनी का सबसे बड़ा ऑफशोर विंड प्रोजेक्ट है।
लक्सकारा का मिंग यांग स्मार्ट एनर्जी के साथ ऑफशोर विंड टर्बाइन संबंधी निर्णय तब जांच के दायरे में आया, जब यूरोपीय आयोग ने कई यूरोपीय संघ देशों में संभावित प्रभाव के कारण चीनी पवन टरबाइन निर्माताओं की समीक्षा शुरू की।
हालांकि, लक्सकारा ने कहा कि उसके इस फैसले के पीछे कोई राजनीतिक कारण नहीं था, लेकिन उसने स्वीकार किया कि यह कदम तकनीकी सुरक्षा और चीन पर निर्भरता कम करने से जुड़ी राजनीतिक प्राथमिकताओं के अनुकूल है।
इस बदलाव से जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज पर भी दबाव कम हुआ है, जिन्हें बीजिंग की अपनी पहली आधिकारिक यात्रा से कुछ महीने पहले ही चीन के साथ समझौते को रोकने का कठिन विकल्प चुनना पड़ सकता था।
मर्ज ने सार्वजनिक रूप से चीन के प्रति कड़ा रुख अपनाया है और जर्मनी की चीन पर निर्भरता कम करने का वादा किया है, खासकर ऐसे समय में जब रूस के साथ बीजिंग के संबंध मजबूत हो रहे हैं।
मिंग यांग ने पुष्टि की है कि वह अब वाटरकंट परियोजना में शामिल नहीं है, लेकिन कहा कि वह जर्मनी में संभावित स्थानीय उत्पादन सहित अवसरों की खोज जारी रखेगी।
रिपोर्ट में कहा गया है कि वाटरकैंट विंड फार्म को 2028 के अंत तक ग्रिड से जोड़ने की योजना है। पूरा होने के बाद, इससे लगभग 4,00,000 घरों को पर्याप्त बिजली मिलने की उम्मीद है।