गोल्ड में कैरेट क्या है? यह कितने प्रकार के होते हैं? जानें सोने की शुद्धता कैसे मापी जाती है
सारांश
Key Takeaways
- कैरेट सोने की शुद्धता को दर्शाता है।
- 24 कैरेट सोना सबसे शुद्ध होता है।
- हॉलमार्किंग सोने की पहचान का विश्वसनीय तरीका है।
- 22 कैरेट सोना गहनों में सबसे ज्यादा प्रचलित है।
- कैरेट की जानकारी से निवेश में मदद मिलती है।
मुंबई, 6 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। हमारे देश में सोना केवल ज्वेलरी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक महत्वपूर्ण निवेश और सुरक्षित संपत्ति का भी साधन माना जाता है। जब लोग सोना खरीदते हैं, तो अक्सर उन्हें 'कैरेट' शब्द सुनने को मिलता है, लेकिन कई खरीदार और निवेशक इसका सही अर्थ नहीं समझते। सोने की शुद्धता, कीमत और गुणवत्ता को समझने के लिए कैरेट की जानकारी होना बहुत आवश्यक है।
वास्तव में, 'कैरेट' सोने की शुद्धता को मापने की एक इकाई है। यह दर्शाता है कि किसी गहने या सोने के सिक्के में कितना शुद्ध सोना सम्मिलित है। कैरेट की अधिकतम माप 24 होती है। 24 कैरेट का अर्थ है कि सोना लगभग पूरी तरह शुद्ध है।
सोने में सामान्यत: चार प्रकार के कैरेट प्रचलित हैं। 24 कैरेट का सोना सबसे शुद्ध माना जाता है और इसमें लगभग 99.9 प्रतिशत शुद्ध सोना होता है। इसका उपयोग मुख्यतः सिक्के और बिस्किट बनाने में किया जाता है।
इसके अलावा, 22 कैरेट का सोना गहनों में सबसे अधिक उपयोग किया जाता है। इसमें लगभग 91.6 प्रतिशत शुद्ध सोना होता है, जबकि अन्य धातुएं मजबूती के लिए मिलाई जाती हैं।
18 कैरेट सोने में लगभग 75 प्रतिशत शुद्ध सोना होता है और यह डिजाइनर गहनों में प्रयोग होता है। जबकि, 14 कैरेट सोने में करीब 58.5 प्रतिशत शुद्ध सोना होता है, जो हल्के और सस्ते गहनों के लिए उपयुक्त होता है।
जितना अधिक कैरेट होगा, सोना उतना ही महंगा होगा। उदाहरण के लिए, 24 कैरेट सोने की कीमत 22 कैरेट से अधिक होती है, क्योंकि इसमें शुद्ध सोने की मात्रा अधिक होती है। यही कारण है कि निवेश के लिए लोग 24 कैरेट सोना चुनते हैं, जबकि गहनों के लिए 22 कैरेट या उससे कम के सोने का प्रयोग किया जाता है, क्योंकि 24 कैरेट सोना बहुत नरम होता है और इसका उपयोग ज्वेलरी में नहीं किया जा सकता।
विशेषज्ञों के अनुसार, अगर खरीदार कैरेट की जानकारी नहीं रखता है, तो उसे कम शुद्धता वाले सोने को ऊंचे दाम पर बेचा जा सकता है। निवेशकों के लिए शुद्धता का महत्व अधिक है, क्योंकि अधिक शुद्धता का मतलब है कि भविष्य में बेहतर कीमत प्राप्त हो सकती है। गलत कैरेट का सोना खरीदने से नुकसान की संभावना होती है।
सोने की शुद्धता जांचने के लिए सबसे विश्वसनीय तरीका हॉलमार्क है। भारत में भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा हॉलमार्किंग की जाती है। हॉलमार्क वाले सोने पर कैरेट, शुद्धता का प्रतिशत और पहचान चिह्न अंकित होता है।
इसके अलावा, ज्वैलरी की दुकान पर कैरेट मीटर मशीन का उपयोग करके भी सोने की शुद्धता को चेक किया जा सकता है। आवश्यकता अनुसार सोने की प्रयोगशाला जांच भी कराई जा सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सोना खरीदते या उसमें निवेश करते समय केवल डिज़ाइन या कीमत ही नहीं, बल्कि उसकी शुद्धता को भी समझना आवश्यक है। कैरेट की सही जानकारी, हॉलमार्क की पहचान और शुद्धता की जांच से खरीदार और निवेशक दोनों ही खुद को नुकसान से बचा सकते हैं और एक सुरक्षित सौदा कर सकते हैं।