20 अक्टूबर 2026
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दशहरा 2026: सोना ₹1.47 लाख, चांदी ₹2.10 लाख के पास; एक साल में गोल्ड 25% और सिल्वर 45% चढ़ा

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दशहरा 2026: सोना ₹1.47 लाख, चांदी ₹2.10 लाख के पास; एक साल में गोल्ड 25% और सिल्वर 45% चढ़ा

सारांश

दशहरा पर शेयर बाज़ार बंद रहे, लेकिन कीमती धातुओं की रौनक बनी रही — सोना ₹1.47 लाख और चांदी ₹2.10 लाख के करीब। एक साल में सोने का 25% और चांदी का 45% रिटर्न बताता है कि वैश्विक अनिश्चितता के दौर में निवेशकों का भरोसा इन धातुओं पर कायम है।

मुख्य बातें

दशहरा 2026 पर घरेलू शेयर बाज़ार बंद; सोना ₹1,47,300 प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹2,09,825 प्रति किलोग्राम के करीब।
पिछले एक वर्ष में सोने ने 25 प्रतिशत से अधिक और चांदी ने करीब 45 प्रतिशत का रिटर्न दिया।
मुंबई भौतिक बाज़ार में 24 कैरेट सोना ₹1,47,340 और 22 कैरेट सोना ₹1,35,062 प्रति 10 ग्राम पर।
अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में स्पॉट गोल्ड $4,144 और स्पॉट सिल्वर $57.44 प्रति औंस के आसपास।
अमेरिकी फेडरल रिज़र्व की संभावित ब्याज दर वृद्धि और बॉन्ड यील्ड में तेज़ी से सोने पर दबाव बना हुआ है।

दशहरा 2026 के अवसर पर 20 अक्टूबर को घरेलू शेयर बाज़ार बंद रहे, लेकिन निवेशकों की नज़र सोने-चांदी की कीमतों पर टिकी रही। सोना ₹1,47,300 रुपए प्रति 10 ग्राम के ऊपर और चांदी ₹2,09,825 रुपए प्रति किलोग्राम के करीब बनी रही। बाज़ार आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक वर्ष में सोने ने 25 प्रतिशत से अधिक और चांदी ने करीब 45 प्रतिशत का रिटर्न दिया है।

एमसीएक्स पर ताज़ा भाव

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोमवार को दिसंबर डिलीवरी वाला सोना 618 रुपए यानी 0.42 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ ₹1,47,300 रुपए प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। वहीं दिसंबर डिलीवरी वाली चांदी लगभग स्थिर रहते हुए ₹2,09,825 रुपए प्रति किलोग्राम पर बंद हुई। भौतिक बाज़ार में मुंबई में 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,47,340 रुपए प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोने का भाव ₹1,35,062 रुपए प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया।

एक साल में दमदार रिटर्न

आंकड़ों के अनुसार, पिछले दशहरा से अब तक सोने की कीमतों में 25 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई है। चांदी ने सोने से भी आगे निकलते हुए करीब 45 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, ऊँची महंगाई और ब्याज दरों को लेकर जारी बहस ने निवेशकों को सुरक्षित विकल्पों की ओर धकेला है। गौरतलब है कि कीमती धातुओं का यह प्रदर्शन उन्हें पिछले एक दशक के सबसे मज़बूत वार्षिक रिटर्न देने वाले वर्गों में खड़ा करता है।

अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में दबाव

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्पॉट गोल्ड करीब $4,144 प्रति औंस और स्पॉट सिल्वर $57.44 प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा था। कच्चे तेल की ऊँची कीमतों से महंगाई बढ़ने की आशंका और अमेरिकी फेडरल रिज़र्व द्वारा वर्ष के अंत तक ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी की चिंता ने सोने पर दबाव बनाए रखा। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेज़ी और टेक्नोलॉजी शेयरों में सुधार के चलते कुछ निवेशक सुरक्षित विकल्पों से दूर भी हुए।

विशेषज्ञों का नज़रिया

बाज़ार विशेषज्ञों का कहना है कि अक्टूबर 2026 में सोना लगातार $4,100 प्रति औंस के ऊपर बना हुआ है, जो इसकी अंतर्निहित मज़बूती का संकेत है। हालांकि आमतौर पर ऊँची ब्याज दरें सोने जैसी गैर-ब्याज देने वाली परिसंपत्तियों की आकर्षण को कम कर देती हैं, फिर भी वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और निवेशकों की सुरक्षित निवेश की माँग कीमती धातुओं को समर्थन दे रही है। विशेषज्ञों के अनुसार यह स्थिति निकट भविष्य में भी बनी रह सकती है।

आगे क्या होगा

फेडरल रिज़र्व की आगामी नीतिगत बैठकों और वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर निवेशकों की पैनी नज़र रहेगी। त्योहारी सीज़न में भौतिक मांग में इज़ाफे के बीच घरेलू बाज़ार में सोने-चांदी के भाव अगले कुछ हफ्तों में निर्णायक दिशा पकड़ सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि औद्योगिक माँग और निवेश माँग दोनों एक साथ सक्रिय हुई हैं। फेडरल रिज़र्व की सख्त नीति के बावजूद सोने का $4,100 के ऊपर टिके रहना बताता है कि पारंपरिक ब्याज दर-सोना विपरीत संबंध कमज़ोर पड़ रहा है। भारतीय निवेशकों के लिए असली सवाल यह है कि त्योहारी सीज़न की भावनात्मक खरीदारी और दीर्घकालिक रणनीतिक निवेश के बीच की रेखा कहाँ खींची जाए।
RashtraPress
20 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दशहरा 2026 पर सोने का भाव क्या है?
दशहरा 2026 पर MCX पर सोना ₹1,47,300 प्रति 10 ग्राम के करीब बंद हुआ, जबकि मुंबई के भौतिक बाज़ार में 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,47,340 प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। 22 कैरेट सोना ₹1,35,062 प्रति 10 ग्राम पर रहा।
पिछले एक साल में सोने और चांदी ने कितना रिटर्न दिया?
बाज़ार आंकड़ों के अनुसार, पिछले दशहरा से अब तक सोने की कीमतों में 25 प्रतिशत से अधिक और चांदी में करीब 45 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। चांदी का यह प्रदर्शन सोने से बेहतर रहा है।
अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में सोने-चांदी पर दबाव क्यों है?
अमेरिकी फेडरल रिज़र्व द्वारा वर्ष के अंत तक ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी की आशंका और बॉन्ड यील्ड में तेज़ी के कारण सोने पर दबाव बना हुआ है। ऊँची ब्याज दरें आमतौर पर गैर-ब्याज देने वाली परिसंपत्तियों जैसे सोने को कम आकर्षक बनाती हैं।
वैश्विक अनिश्चितता के बावजूद सोने में निवेश क्यों बना हुआ है?
विशेषज्ञों के अनुसार वैश्विक महंगाई, भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितता के कारण निवेशक सुरक्षित विकल्पों की तलाश में हैं, जिससे सोने और चांदी की माँग बनी हुई है। अक्टूबर 2026 में सोना लगातार $4,100 प्रति औंस के ऊपर बना हुआ है।
दशहरा पर घरेलू शेयर बाज़ार क्यों बंद रहे?
दशहरा एक राष्ट्रीय अवकाश है, जिस कारण 20 अक्टूबर 2026 को घरेलू शेयर बाज़ार बंद रहे। हालांकि इस दौरान निवेशकों की नज़र सोने-चांदी की कीमतों पर बनी रही।
राष्ट्र प्रेस
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