दिवाली से पहले सोना ₹1,39,179 पर, चांदी ₹3,569 उछली; MCX पर कीमती धातुओं में रिकवरी
सारांश
मुख्य बातें
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोमवार, 2 नवंबर 2026 को सोने की कीमत दिन के कारोबार में ₹1,39,179 प्रति 10 ग्राम के उच्चतम स्तर तक पहुँची, जो पिछले बंद भाव से 0.50 प्रतिशत की बढ़त है। वहीं चांदी ने ₹3,569 यानी 1.99 प्रतिशत की उछाल के साथ ₹1,82,701 प्रति किलोग्राम का ऊपरी स्तर छुआ — यह रिकवरी धनतेरस और दिवाली से ठीक पहले आई है, जिसने ज्वेलरी खरीदारों और निवेशकों दोनों का ध्यान खींचा है।
घरेलू बाज़ार में ताज़ा कारोबार
दिसंबर डिलीवरी का सोना MCX पर अपने पिछले बंद भाव ₹1,38,485 से ₹518 या 0.37 प्रतिशत चढ़कर ₹1,39,003 प्रति 10 ग्राम पर खुला और दिन के उच्चतम स्तर ₹1,39,179 तक पहुँचा। इसी तरह दिसंबर डिलीवरी की चांदी पिछले बंद ₹1,79,132 से ₹1,962 यानी 1.09 प्रतिशत की बढ़त के साथ ₹1,81,094 पर खुली और दिन में ₹1,82,701 प्रति किलोग्राम तक पहुँची।
व्यापक घरेलू बाज़ार में सोना ₹1.39 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास और चांदी ₹1.82 लाख प्रति किलोग्राम के निकट कारोबार करती दिखी।
अंतरराष्ट्रीय बाज़ार की चाल
वैश्विक संदर्भ में कॉमेक्स पर सोमवार को सोना 0.33 प्रतिशत की बढ़त के साथ 3,911.60 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा। चांदी का प्रदर्शन और बेहतर रहा — इसके भाव 2.24 प्रतिशत चढ़कर 50.380 डॉलर प्रति औंस तक जा पहुँचे।
विश्लेषकों के अनुसार, पिछले कुछ सप्ताहों की तेज गिरावट के बाद निवेशकों ने निचले स्तरों पर खरीदारी की, जिससे दोनों धातुओं को समर्थन मिला।
रिकॉर्ड स्तरों से अभी भी दूर
गौरतलब है कि सोमवार की तेजी के बावजूद सोना अपने ऑल-टाइम हाई से करीब 28 प्रतिशत नीचे है, जबकि चांदी अपने रिकॉर्ड उच्च स्तर से 40 प्रतिशत से अधिक की गिरावट में है। यह ऐसे समय में आया है जब त्योहारी सीज़न में माँग बढ़ने से कुछ रिकवरी की उम्मीद पहले से जगी हुई थी।
बाज़ार को प्रभावित करने वाले कारक
बाज़ार विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिकी मिड-टर्म चुनाव — जो मंगलवार को होने हैं — से पहले निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं, जिसने सुरक्षित निवेश विकल्पों की माँग बढ़ाई है। इसके अलावा पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की ऊँची कीमतें और अमेरिकी शेयर बाज़ार में हाल की गिरावट ने भी सोने-चांदी को सहारा दिया है।
आगे क्या होगा
विशेषज्ञों के मुताबिक, आने वाले सत्रों में कीमती धातुओं की दिशा अमेरिकी फेडरल रिज़र्व की ब्याज दर नीति, डॉलर इंडेक्स, बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल की चाल पर निर्भर करेगी। यदि वैश्विक अनिश्चितता बनी रहती है, तो कीमती धातुओं में और रिकवरी संभव है।