30 अक्टूबर 2026
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दिवाली से पहले सोना ₹1,41,753 पर, चांदी ₹3,730 टूटी; फेड रेट हाइक की आशंका से MCX पर दबाव

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दिवाली से पहले सोना ₹1,41,753 पर, चांदी ₹3,730 टूटी; फेड रेट हाइक की आशंका से MCX पर दबाव

सारांश

धनतेरस और दिवाली से ठीक पहले MCX पर सोना ₹1,41,753 और चांदी ₹1,85,723 पर आ गई — फेड रेट हाइक की 80% से अधिक आशंका ने कीमती धातुओं पर दबाव बनाया। उल्लेखनीय यह है कि चांदी अपने जनवरी 2026 के ₹4,20,048 के ऐतिहासिक उच्च से आधे से भी कम भाव पर आ चुकी है।

मुख्य बातें

MCX पर 30 अक्टूबर 2026 को सोना 0.59% गिरकर ₹1,41,753 प्रति 10 ग्राम के दिन के निचले स्तर पर आया।
चांदी ₹3,730 (1.96%) टूटकर ₹1,85,723 प्रति किलोग्राम पर आई — जनवरी 2026 के ₹4,20,048 के ऐतिहासिक उच्च से आधे से भी कम।
अमेरिकी कोर PCE महंगाई सितंबर में वार्षिक 3.1% और तीसरी तिमाही GDP वृद्धि 3.4% रही।
बाज़ार दिसंबर 2026 में फेड द्वारा दर बढ़ोतरी की संभावना 80% से अधिक मान रहा है।
तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार सोने का अगला सपोर्ट ₹1.37–1.38 लाख , चांदी का ₹1.83–1.85 लाख प्रति किलोग्राम ।
सबकी नज़रें फेड की 8-9 दिसंबर की बैठक और अगले महंगाई-रोज़गार आँकड़ों पर।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 30 अक्टूबर 2026 को सोने की कीमत 0.59 प्रतिशत गिरकर ₹1,41,753 प्रति 10 ग्राम के दिन के निचले स्तर पर आ गई, जबकि चांदी ₹3,730 यानी 1.96 प्रतिशत टूटकर ₹1,85,723 प्रति किलोग्राम पर पहुँच गई। अमेरिकी महंगाई के अपेक्षा से अधिक रहने और फेडरल रिज़र्व द्वारा दिसंबर 2026 में ब्याज दर बढ़ाने की 80 प्रतिशत से अधिक संभावना ने धनतेरस और दिवाली से ठीक पहले त्योहारी खरीदारों को सस्ते भाव का मौका दिया है।

MCX पर आज के भाव

दिसंबर डिलीवरी वाले सोने का पिछला बंद भाव ₹1,42,596 प्रति 10 ग्राम था, जो आज ₹800 से अधिक गिरकर ₹1,41,753 पर आ गया। चांदी का पिछला बंद ₹1,89,453 प्रति किलोग्राम था और यह ₹3,730 की गिरावट के साथ ₹1,85,723 पर पहुँची। घरेलू हाज़िर बाज़ार में सोना लगभग ₹1.42 लाख प्रति 10 ग्राम और चांदी करीब ₹1.86 लाख प्रति किलोग्राम के आसपास कारोबार करती दिखी।

अंतरराष्ट्रीय बाज़ार और वैश्विक कारण

अंतरराष्ट्रीय बाज़ार COMEX पर सोना करीब 0.28 प्रतिशत गिरकर 4,020 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा, जबकि चांदी 1.20 प्रतिशत टूटकर 51.750 डॉलर प्रति औंस पर आ गई। विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिकी कोर PCE महंगाई सितंबर में 0.3 प्रतिशत बढ़ी और वार्षिक दर 3.1 प्रतिशत पर पहुँच गई। इसके साथ ही तीसरी तिमाही में अमेरिकी अर्थव्यवस्था की 3.4 प्रतिशत वृद्धि ने संकेत दिया कि फेडरल रिज़र्व ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊँचा रख सकता है।

गौरतलब है कि ऊँची ब्याज दरें सोने जैसी गैर-ब्याज देने वाली संपत्तियों को कम आकर्षक बना देती हैं, जिससे इनमें बिकवाली का दबाव बनता है। इसके अलावा पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान से जुड़े घटनाक्रम के कारण कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता बनी हुई है, जो महंगाई को और बढ़ा सकती है और केंद्रीय बैंकों की दर कटौती को और टाल सकती है।

चांदी का ऐतिहासिक पतन

यह गिरावट चांदी के लिए विशेष रूप से उल्लेखनीय है। इस वर्ष जनवरी के अंतिम सप्ताह में चांदी ने सारे रिकॉर्ड तोड़ते हुए ₹4,20,048 प्रति किलोग्राम का ऐतिहासिक उच्च स्तर छुआ था। लेकिन उसके बाद से लगातार गिरावट के कारण चांदी अब अपने लाइफटाइम हाई से आधे से भी कम भाव — करीब ₹1,85,723 — पर आ चुकी है। यह ऐसे समय में आया है जब त्योहारी सीजन में मांग बढ़ने की उम्मीद थी।

तकनीकी विश्लेषण और सपोर्ट स्तर

तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार, सोना फिलहाल ₹1.40 लाख से ₹1.41 लाख प्रति 10 ग्राम के महत्वपूर्ण सपोर्ट ज़ोन के करीब है। यदि यह स्तर टूटता है, तो कीमतें ₹1.37 लाख से ₹1.38 लाख प्रति 10 ग्राम तक फिसल सकती हैं। चांदी के लिए ₹1.83 लाख से ₹1.85 लाख प्रति किलोग्राम को अगला प्रमुख सपोर्ट माना जा रहा है।

निवेशकों और उपभोक्ताओं के लिए संकेत

बाज़ार विशेषज्ञों का मानना है कि लंबी अवधि के निवेशकों और त्योहारी खरीदारी करने वाले उपभोक्ताओं के लिए मौजूदा स्तर आकर्षक हो सकते हैं। हालाँकि अल्पकाल में फेडरल रिज़र्व की नीति, डॉलर इंडेक्स, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल की कीमतें बाज़ार की दिशा तय करेंगी। सभी की नज़रें अब फेड की 8-9 दिसंबर की बैठक और महंगाई तथा रोज़गार से जुड़े अगले आँकड़ों पर टिकी हैं। यदि आने वाले आँकड़े कमज़ोर रहते हैं, तो सोने-चांदी में रिकवरी संभव है; लेकिन मज़बूत महंगाई के आँकड़े नुकसान और बढ़ा सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

20,048 के शिखर से ₹1,85,723 तक का सफर — 55% से अधिक की गिरावट — यह बताता है कि औद्योगिक धातु के रूप में इसकी माँग पर भी वैश्विक मंदी की आशंका असर डाल रही है। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए यह खरीदारी का अवसर हो सकता है, लेकिन निवेशकों को यह समझना होगा कि फेड की दिसंबर बैठक तक अनिश्चितता बनी रहेगी — और कोर PCE व GDP के मज़बूत आँकड़े संकेत दे रहे हैं कि राहत जल्दी नहीं मिलने वाली।
RashtraPress
30 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

30 अक्टूबर 2026 को MCX पर सोने और चांदी के भाव क्या रहे?
MCX पर 30 अक्टूबर 2026 को सोने का दिसंबर अनुबंध 0.59% गिरकर ₹1,41,753 प्रति 10 ग्राम के निचले स्तर पर आया। चांदी ₹3,730 यानी 1.96% टूटकर ₹1,85,723 प्रति किलोग्राम पर पहुँच गई।
दिवाली से पहले सोने-चांदी की कीमतें क्यों गिर रही हैं?
अमेरिकी कोर PCE महंगाई के सितंबर में 3.1% पर पहुँचने और तीसरी तिमाही GDP 3.4% रहने से फेडरल रिज़र्व द्वारा दिसंबर में ब्याज दर बढ़ाने की संभावना 80% से अधिक हो गई है। ऊँची ब्याज दरें सोने जैसी गैर-ब्याज देने वाली संपत्तियों पर दबाव डालती हैं, जिससे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाज़ारों में गिरावट आई।
चांदी अपने ऐतिहासिक उच्च से कितना नीचे आ गई है?
इस वर्ष जनवरी के अंतिम सप्ताह में चांदी ने ₹4,20,048 प्रति किलोग्राम का ऐतिहासिक उच्च स्तर छुआ था। अब यह ₹1,85,723 पर है, जो उस शिखर से 55% से अधिक की गिरावट है और अपने लाइफटाइम हाई से आधे से भी कम भाव है।
सोने का अगला सपोर्ट स्तर क्या है?
तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार सोने के लिए ₹1.40 लाख से ₹1.41 लाख प्रति 10 ग्राम का ज़ोन अहम सपोर्ट है। यदि यह टूटता है, तो कीमतें ₹1.37 लाख से ₹1.38 लाख तक फिसल सकती हैं। चांदी के लिए ₹1.83 लाख से ₹1.85 लाख प्रति किलोग्राम अगला प्रमुख सपोर्ट माना जा रहा है।
क्या धनतेरस-दिवाली पर सोना-चांदी खरीदना फायदेमंद रहेगा?
बाज़ार विशेषज्ञों के अनुसार मौजूदा स्तर लंबी अवधि के निवेशकों और त्योहारी खरीदारों के लिए आकर्षक हो सकते हैं। हालाँकि अल्पकाल में फेड की 8-9 दिसंबर की बैठक, डॉलर इंडेक्स और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड बाज़ार की दिशा तय करेंगे, इसलिए सतर्कता बरतने की सलाह दी जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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