सोना ₹1,52,100 और चांदी ₹2,35,988 प्रति किलो पर पहुंची, फेड के फैसले से पहले 1.5% की तेजी
सारांश
मुख्य बातें
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर बुधवार, 16 सितंबर 2026 को सोने और चांदी की कीमतों में करीब 1.5 प्रतिशत तक की उछाल दर्ज की गई, जब निवेशक अमेरिकी फेडरल रिज़र्व की दो दिवसीय बैठक के नतीजों का इंतजार कर रहे थे। अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में भी कीमती धातुओं में मज़बूती बनी रही, जिससे घरेलू वायदा बाज़ार को समर्थन मिला।
MCX पर सोने का हाल
सोने का 5 अक्टूबर 2026 का कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग ₹1,50,809 प्रति 10 ग्राम के मुकाबले ₹1,291 यानी 0.85 प्रतिशत की बढ़त के साथ ₹1,52,100 प्रति 10 ग्राम पर खुला। दोपहर 12 बजे यह ₹953 यानी 0.63 प्रतिशत की तेजी के साथ ₹1,51,762 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था।
दिनभर के कारोबार में सोने ने ₹1,51,450 का निम्नतम और ₹1,52,100 का उच्चतम स्तर छुआ, जो यह दर्शाता है कि बाज़ार खुलने के बाद धातु सीमित दायरे में टिकी रही।
MCX पर चांदी की स्थिति
चांदी का 4 दिसंबर 2026 का कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग ₹2,32,118 प्रति किलो के मुकाबले ₹3,667 यानी 1.57 प्रतिशत की बढ़त के साथ ₹2,35,785 प्रति किलो पर खुला। कारोबार के दौरान यह ₹3,250 यानी 1.40 प्रतिशत की तेजी के साथ ₹2,35,988 प्रति किलो पर पहुंच गई।
इंट्राडे में चांदी ने ₹2,34,540 का न्यूनतम और ₹2,35,988 का उच्चतम स्तर बनाया — जो सोने की तुलना में अधिक व्यापक दायरे में रही।
अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में तेजी
वैश्विक स्तर पर COMEX पर सोना 0.77 प्रतिशत की बढ़त के साथ $4,366 प्रति औंस और चांदी 1.96 प्रतिशत की तेजी के साथ $65 प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी। घरेलू बाज़ार पर इसका सीधा असर देखने को मिला।
गौरतलब है कि यह तेजी ऐसे समय में आई है जब मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के चलते कच्चे तेल की कीमतें करीब चार महीनों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड 5 प्रतिशत के ऊपर जा चुकी है।
फेड के फैसले पर निवेशकों की नज़र
अमेरिकी फेडरल रिज़र्व की ब्याज दरों पर दो दिवसीय बैठक का निर्णय बुधवार देर शाम जारी होने की उम्मीद है। बाज़ार विश्लेषकों के अनुसार, यह फैसला कीमती धातुओं की दिशा तय करने में निर्णायक भूमिका निभाएगा।
यह ऐसे समय में आ रहा है जब वैश्विक अनिश्चितता के बीच निवेशक सोने और चांदी को सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में देख रहे हैं। फेड का रुख — चाहे वह दरें स्थिर रखे या बदलाव करे — अगले कुछ सत्रों में इन धातुओं की कीमतों पर गहरा असर डाल सकता है।