सोने-चांदी में सीमित कारोबार: MCX पर सोना ₹1,41,395, चांदी ₹2,16,448; फेड के फैसले पर नज़र
सारांश
मुख्य बातें
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर बुधवार, 29 जुलाई 2026 को सोने और चांदी दोनों कीमती धातुओं में मिलाजुला और सीमित दायरे में कारोबार देखा गया। बाज़ार विशेषज्ञों के अनुसार, निवेशक अमेरिकी फेडरल रिज़र्व (Fed) की बैठक के नतीजों का इंतज़ार कर रहे हैं, जिनका ऐलान आज देर शाम होने की उम्मीद है।
MCX पर सोने का हाल
5 अगस्त 2026 के सोने के वायदा अनुबंध ने पिछली क्लोजिंग ₹1,41,623 प्रति 10 ग्राम के मुकाबले ₹1,41,519 प्रति 10 ग्राम पर लगभग सपाट शुरुआत की। कारोबार के दौरान यह ₹228 या 0.16 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ ₹1,41,395 प्रति 10 ग्राम पर था। इंट्राडे में सोने ने ₹1,41,311 प्रति 10 ग्राम का निम्नतम और ₹1,41,591 प्रति 10 ग्राम का उच्चतम स्तर छुआ।
MCX पर चांदी की स्थिति
4 सितंबर 2026 के चांदी के वायदा अनुबंध ने पिछली क्लोजिंग ₹2,15,840 प्रति किलो के मुकाबले ₹2,16,834 प्रति किलो पर खुलकर हल्की बढ़त दर्ज की। कारोबार के दौरान यह ₹608 या 0.28 प्रतिशत की तेज़ी के साथ ₹2,16,448 प्रति किलो पर था। इंट्राडे में चांदी ने ₹2,16,369 प्रति किलो का निम्नतम और ₹2,16,943 प्रति किलो का उच्चतम स्तर दर्ज किया।
अंतरराष्ट्रीय बाज़ार का रुख
वैश्विक स्तर पर भी धातुओं में मिला-जुला रुझान रहा। COMEX पर सोना 0.41 प्रतिशत की कमज़ोरी के साथ $4,022 प्रति औंस पर था, जबकि चांदी 0.18 प्रतिशत की मज़बूती के साथ $57 प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी। यह विभाजन दर्शाता है कि वैश्विक निवेशक भी फेड की टिप्पणी से पहले सतर्क रुख अपनाए हुए हैं।
फेड बैठक: बाज़ार की नज़र किस पर
बाज़ार जानकारों के मुताबिक, इस बार की फेड बैठक में ब्याज दरों में किसी बदलाव की संभावना नहीं है। हालाँकि, आने वाले महीनों में दरों की दिशा पर फेड चेयरमैन की टिप्पणी बेहद अहम मानी जा रही है — यही वह संकेत होगा जो सोने और चांदी की अगली चाल तय करेगा। गौरतलब है कि जब भी फेड दरें घटाने के संकेत देता है, सोने में तेज़ी आती है क्योंकि डॉलर कमज़ोर होता है।
घरेलू शेयर बाज़ार का असर
इस बीच, भारतीय शेयर बाज़ार में बुधवार की शुरुआत तेज़ रही। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में शुरुआती कारोबार में करीब 1 प्रतिशत की बढ़त देखी गई, जिसकी मुख्य वजह आईटी शेयरों में ज़ोरदार खरीदारी रही। निफ्टी आईटी इंडेक्स शुरुआती सत्र में करीब 1.5 प्रतिशत मज़बूत था। शेयर बाज़ार की यह तेज़ी सोने पर दबाव का एक अतिरिक्त कारण भी मानी जा सकती है, क्योंकि जोखिम-आधारित संपत्तियों में रुचि बढ़ने पर सोने की सुरक्षित-पनाह माँग कम होती है।