क्या वित्त वर्ष 2026 में भारत की आर्थिक वृद्धि दर एनएसओ के अनुमान से अधिक मजबूत रहने की संभावना है?

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क्या वित्त वर्ष 2026 में भारत की आर्थिक वृद्धि दर एनएसओ के अनुमान से अधिक मजबूत रहने की संभावना है?

सारांश

क्या वित्त वर्ष 2026 में भारत की आर्थिक वृद्धि दर एनएसओ के पहले अनुमान से अधिक रहेगी? जानें मौद्रिक नीतियों और सरकारी खर्च के प्रभावों के बारे में।

Key Takeaways

  • वित्त वर्ष 2026 में आर्थिक वृद्धि दर 7.6 प्रतिशत रहने का अनुमान।
  • सरकारी खर्च और मौद्रिक नीति का उपभोग पर प्रभाव।
  • निजी निवेश में वृद्धि की संभावना।
  • वित्त वर्ष 2027 में वृद्धि दर 6.5 प्रतिशत रहने का पूर्वानुमान।
  • नॉमिनल जीडीपी वृद्धि की उम्मीद 10.1 प्रतिशत तक।

नई दिल्ली, 8 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। वित्त वर्ष 2026 में भारत की आर्थिक वृद्धि दर राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) द्वारा दिए गए पहले अग्रिम अनुमान से अधिक मजबूत साबित हो सकती है। यह जानकारी एक रिपोर्ट में सामने आई है।

मॉर्गन स्टेनली की रिपोर्ट में वित्त वर्ष 2026 के लिए वास्तविक जीडीपी वृद्धि 7.6 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है, जो एनएसओ के पहले अग्रिम अनुमान 7.4 प्रतिशत से अधिक है।

रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 के लिए बाजार का औसत अनुमान 7.5 प्रतिशत है, जबकि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) का अनुमान 7.3 प्रतिशत है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि सरकारी खर्च और मौद्रिक नीति के समर्थन, लोगों की खरीदारी की क्षमता में सुधार और रोजगार की बेहतर स्थिति के कारण उपभोग यानी खपत में बढ़ोतरी होगी, जिससे आर्थिक सुधार को मजबूती मिलेगी।

मॉर्गन स्टेनली का मानना है कि निवेशकों का विश्वास बढ़ने से निजी कंपनियों का निवेश और पूंजी खर्च तेज गति से बढ़ेगा। ऐसे में भारत की आर्थिक वृद्धि का मुख्य आधार घरेलू मांग रहेगा, जबकि वैश्विक स्तर पर टैरिफ और भू-राजनीतिक तनाव के कारण बाहरी मांग पर प्रभाव बना रह सकता है।

रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2027 में वृद्धि दर 6.5 प्रतिशत रहने की संभावना है।

ब्रोकरेज फर्म ने आगे कहा कि वित्त वर्ष 2026 की दूसरी छमाही में जीडीपी वृद्धि लगभग 6.9 प्रतिशत रह सकती है, जबकि पहली छमाही में यह 8 प्रतिशत के करीब थी। वहीं, नॉमिनल जीडीपी वृद्धि वित्त वर्ष 2025 के 9.7 प्रतिशत से घटकर वित्त वर्ष 2026 में 8 प्रतिशत रहने की संभावना है।

रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही के अनुमानित आंकड़े यह संकेत देते हैं कि पहली छमाही की तुलना में खपत में कमी आ सकती है, जबकि पूंजीगत व्यय (कैपिटल एक्सपेंडिचर) में वृद्धि की उम्मीद है।

एचडीएफसी बैंक की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2027 में कर संग्रह में तेज बढ़ोतरी हो सकती है, जिसमें कुल टैक्स उछाल वित्त वर्ष 2026 में अनुमानित 0.64 से बढ़कर 1.1 हो जाएगा।

रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि नॉमिनल जीडीपी वृद्धि वित्त वर्ष 2026 में अनुमानित 8.5 प्रतिशत की तुलना में 2027 में करीब 10.1 प्रतिशत रहने की उम्मीद है, जिसमें पूंजीगत व्यय 10.5 प्रतिशत बढ़कर 11.5 से 12 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है, जबकि राजस्व खर्च में 9.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो सकती है।

Point of View

यह स्पष्ट है कि सरकारी नीतियों और खपत में वृद्धि महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। हालांकि, वैश्विक स्थितियों का भी ध्यान रखना आवश्यक है।
NationPress
09/01/2026

Frequently Asked Questions

भारत की आर्थिक वृद्धि दर क्या है?
भारत की आर्थिक वृद्धि दर वित्त वर्ष 2026 में 7.6 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
एनएसओ का अनुमान क्या है?
एनएसओ का पहला अग्रिम अनुमान 7.4 प्रतिशत है।
रिपोर्ट में क्या उल्लेख किया गया है?
रिपोर्ट में बताया गया है कि सरकारी खर्च और मौद्रिक नीति के कारण उपभोग में वृद्धि होगी।
क्या निजी निवेश बढ़ेगा?
मॉर्गन स्टेनली का मानना है कि निवेशकों का भरोसा बढ़ने से निजी कंपनियों का निवेश बढ़ेगा।
वित्त वर्ष 2027 का अनुमान क्या है?
वित्त वर्ष 2027 में वृद्धि दर 6.5 प्रतिशत रहने की संभावना है।
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