क्या है इमरजेंसी फंड और यह क्यों है हर किसी के लिए जरूरी?
सारांश
Key Takeaways
- इमरजेंसी फंड आपके वित्तीय जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
- यह आपको आर्थिक संकट में कर्ज लेने से बचाता है।
- इसे आपात स्थितियों के लिए अलग रखना चाहिए।
- इसे बनाने के लिए अनुशासन की आवश्यकता होती है।
- इसे ऐसे स्थान पर रखें जहाँ से इसे तुरंत निकाला जा सके।
मुंबई, 8 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। वर्तमान समय में जब कार्य, वाणिज्य और आय किसी भी क्षण प्रभावित हो सकते हैं, तो ‘इमरजेंसी फंड’ हर व्यक्ति की वित्तीय यात्रा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है। यह ऐसा फंड है जो अचानक आने वाली आर्थिक संकटों में आपको कर्ज लेने या निवेश तोड़ने से बचाने में मदद करता है।
इमरजेंसी फंड वह राशि है, जिसे विशेष रूप से आपात स्थितियों के लिए अलग रखा जाता है। जैसे कि अप्रत्याशित रूप से नौकरी छूटना, स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति, परिवार में कोई बड़ा खर्च, या व्यवसाय में नुकसान। यह राशि आपके दैनिक खर्चों या निवेश के लिए नहीं होती, बल्कि केवल संकट के समय में उपयोग के लिए होती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जीवन में अनिश्चितताएँ कभी भी उत्पन्न हो सकती हैं। यदि आपके पास इमरजेंसी फंड नहीं है, तो आपको ऐसे समय में क्रेडिट कार्ड, व्यक्तिगत ऋण या दोस्तों-रिश्तेदारों से सहायता लेनी पड़ सकती है। इससे न केवल आपकी आर्थिक स्थिति प्रभावित होती है, बल्कि मानसिक तनाव भी बढ़ता है। वहीं, इमरजेंसी फंड आपको आत्मनिर्भर बनाता है और यह भरोसा देता है कि संकट के समय में आपके पास तात्कालिक धन है।
स्वास्थ्य खर्च आज तेजी से बढ़ रहे हैं। हेल्थ इंश्योरेंस के बावजूद, कई बार आपको अपनी जेब से भी खर्च करना पड़ता है। इसी प्रकार, नौकरीपेशा लोगों के लिए नौकरी छूटना या स्वतंत्र व्यवसाय करने वालों के लिए आय रुकना एक बड़ी चुनौती हो सकती है। इन सभी परिस्थितियों में इमरजेंसी फंड आपकी पहली सुरक्षा बनता है।
वित्तीय सलाहकारों का कहना है कि इमरजेंसी फंड बनाना कठिन नहीं है, बस इसके लिए अनुशासन की आवश्यकता है। सबसे पहले अपने मासिक आवश्यक खर्चों की सूची बनाएं, जैसे किराया, राशन, बिजली, पानी, स्कूल की फीस और ईएमआई। इसके बाद यह तय करें कि हर महीने अपनी आय का एक हिस्सा, चाहे वह छोटा ही क्यों न हो, अलग रखेंगे। आप चाहें तो वेतन आते ही यह राशि अलग खाते में स्थानांतरित कर सकते हैं। शुरुआत में छोटी राशि से शुरू करें और धीरे-धीरे इसे बढ़ाते जाएं।
विशेषज्ञों के अनुसार, इमरजेंसी फंड ऐसी जगह होना चाहिए जहाँ से धन तुरंत निकाला जा सके और जोखिम भी न हो। इसके लिए बचत खाता, लिक्विड म्यूचुअल फंड या शॉर्ट-टर्म फिक्स्ड डिपॉज़िट अच्छे विकल्प माने जाते हैं। शेयर बाजार या लंबे समय के निवेश इसके लिए उचित नहीं होते।
आम तौर पर, वित्तीय विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि इमरजेंसी फंड आपके कम से कम 6 महीने के आवश्यक खर्चों के बराबर होना चाहिए। यदि आपकी नौकरी या आय स्थिर नहीं है, तो यह राशि 9 से 12 महीने के खर्च तक भी रखी जा सकती है।