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निधि छिब्बर को नीति आयोग के सीईओ का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया

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निधि छिब्बर को नीति आयोग के सीईओ का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया

सारांश

बीवीआर सुब्रह्मण्यम के कार्यकाल के समाप्त होते ही, निधि छिब्बर को नीति आयोग की सीईओ की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है। जानिए उनके करियर और कार्यों के बारे में।

मुख्य बातें

निधि छिब्बर को नीति आयोग की सीईओ का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
वह डीएमईओ की महानिदेशक रह चुकी हैं।
बीवीआर सुब्रह्मण्यम का कार्यकाल समाप्त हुआ है।
नीति आयोग का गठन 2015 में हुआ था।
छत्तीसगढ़ कैडर की आईएएस अधिकारी हैं।

नई दिल्ली, २४ फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। बीवीआर सुब्रह्मण्यम का तीन साल का कार्यकाल मंगलवार को समाप्त होने के बाद, सरकार ने निधि छिब्बर को नीति आयोग की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है।

छिब्बर वर्तमान में नीति आयोग के विकास निगरानी एवं मूल्यांकन कार्यालय (डीएमईओ) की महानिदेशक के पद पर कार्यरत हैं।

वर्तमान समय में, वह केंद्र सरकार की कई महत्वपूर्ण योजनाओं की निगरानी और मूल्यांकन कर उनके प्रदर्शन और प्रभाव का आकलन करने के लिए जिम्मेदार हैं।

छत्तीसगढ़ कैडर की १९९४ बैच की आईएएस अधिकारी छिब्बर ने अपने करियर में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है।

इससे पहले, वह केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की अध्यक्ष रह चुकी हैं, जहां उन्होंने प्रमुख सुधारों और परीक्षा प्रक्रियाओं की देखरेख की।

उनके पास इतिहास में स्नातकोत्तर और विधि स्नातक (एलएलबी) की डिग्री है, और उनकी अंग्रेजी और हिंदी दोनों भाषाओं पर अच्छी पकड़ है।

नीति आयोग के सीईओ के रूप में बीवीआर सुब्रह्मण्यम का कार्यकाल समाप्त होने के बाद, उन्होंने यह अतिरिक्त जिम्मेदारी संभाली है।

सुब्रह्मण्यम छत्तीसगढ़ कैडर के १९८७ बैच के आईएएस अधिकारी हैं और उनका तीन दशकों से अधिक का लंबा प्रशासनिक करियर रहा है।

अपनी सेवा के दौरान, सुब्रह्मण्यम ने मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और जम्मू-कश्मीर में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया।

उन्होंने कुछ समय के लिए विश्व बैंक में भी काम किया। केंद्र में, उन्होंने वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय में सचिव के रूप में कार्य किया और प्रधानमंत्री कार्यालय में भी सेवाएं दी हैं।

जम्मू और कश्मीर में उन्होंने मुख्य सचिव के रूप में कार्य किया, जबकि छत्तीसगढ़ में वह प्रधान सचिव रहीं।

अपनी वर्तमान भूमिका में, सुब्रह्मण्यम की मुख्य भूमिका नीतिगत सुधारों को आगे बढ़ाना है, जिसमें राज्य स्तरीय शासन और भारत के 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनने के विजन (विकसित भारत @2047) के लिए डिजिटल परिवर्तन पर ध्यान केंद्रित करना शामिल है।

नीति आयोग सरकार का प्रमुख नीतिगत विचार-मंथन निकाय है, जिसने "सहकारी संघवाद" को बढ़ावा देने के लिए योजना आयोग का स्थान लिया है।

१ जनवरी, २०१५ को स्थापित यह निकाय जमीनी स्तर से विकास के दृष्टिकोण को बढ़ावा देता है और राष्ट्रीय लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए नीति निर्माण में राज्य सरकारों को शामिल करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो केंद्र सरकार की योजनाओं की प्रभावशीलता को बढ़ाने की दिशा में है। यह कदम दर्शाता है कि सरकार न केवल प्रभावशाली व्यक्तित्वों पर भरोसा कर रही है, बल्कि विकास और सुधार की दिशा में ठोस कदम भी उठा रही है।
RashtraPress
16 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

निधि छिब्बर कौन हैं?
निधि छिब्बर एक 1994 बैच की आईएएस अधिकारी हैं, जो वर्तमान में नीति आयोग के डीएमईओ की महानिदेशक हैं।
नीति आयोग का सीईओ बनने का क्या महत्व है?
नीति आयोग का सीईओ बनने का मतलब है कि व्यक्ति देश की नीतियों और योजनाओं के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
बीवीआर सुब्रह्मण्यम का कार्यकाल कब समाप्त हुआ?
बीवीआर सुब्रह्मण्यम का कार्यकाल 24 फरवरी 2023 को समाप्त हुआ।
निधि छिब्बर की शैक्षणिक योग्यता क्या है?
निधि छिब्बर के पास इतिहास में स्नातकोत्तर और विधि में स्नातक (एलएलबी) की डिग्री है।
नीति आयोग का गठन कब हुआ था?
नीति आयोग का गठन 1 जनवरी 2015 को हुआ था।
राष्ट्र प्रेस
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