लखनऊ विश्वविद्यालय में नमाज विवाद: १३ छात्रों को नोटिस, ५०-५० हजार का मुचलका

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लखनऊ विश्वविद्यालय में नमाज विवाद: १३ छात्रों को नोटिस, ५०-५० हजार का मुचलका

सारांश

लखनऊ विश्वविद्यालय में रमजान के दौरान नमाज पढ़ने को लेकर विवाद उठ गया है, जिसमें १३ छात्रों को प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए नोटिस जारी किया है। यह घटना परिसर में तनाव का कारण बनी है।

Key Takeaways

  • लखनऊ विश्वविद्यालय में रमजान के दौरान नमाज विवाद उत्पन्न हुआ।
  • १३ छात्रों को नोटिस जारी किया गया है।
  • छात्रों को ५०-५० हजार का मुचलका प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया।
  • इस मामले ने परिसर में तनाव की स्थिति पैदा की है।
  • हिंदू और मुस्लिम छात्रों के बीच सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो सकता है।

लखनऊ, २४ फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। रमजान के इस पवित्र महीने में लखनऊ विश्वविद्यालय परिसर में नमाज अदा करने को लेकर पुलिस प्रशासन ने छात्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। लाल बारादरी में नमाज पढ़ने के मामले में प्रशासन ने १३ छात्रों को नोटिस जारी किया है।

सहायक पुलिस आयुक्त/कार्यपालक मजिस्ट्रेट, महानगर कमिश्नरेट लखनऊ द्वारा दंड प्रक्रिया संहिता की धारा १२६/१३५ के अंतर्गत जारी इस नोटिस में आरोप लगाया गया है कि संबंधित छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर में लाल बारादरी के निकट चल रहे निर्माण कार्य को बाधित करने का प्रयास किया। छात्रों ने कैंटीन के सामने सड़क पर बैठकर नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन किया। इसके साथ ही उन्होंने सार्वजनिक स्थान पर नमाज पढ़ने का प्रयास किया, जिससे शांति व्यवस्था भंग होने का खतरा उत्पन्न हुआ।

थाना हसनगंज पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर जारी आदेश में कहा गया है कि इन गतिविधियों के कारण विश्वविद्यालय परिसर में तनाव की स्थिति बनी और भविष्य में लोक शांति भंग होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इसी आधार पर कार्यपालक मजिस्ट्रेट ने सभी १३ छात्रों को निर्देश दिया है कि वे एक वर्ष तक शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की गारंटी के रूप में ५० हजार का व्यक्तिगत मुचलका और ५०-५० हजार के दो जमानतदार प्रस्तुत करें।

लखनऊ विश्वविद्यालय परिसर की लाल बारादरी का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें हिंदू छात्रों ने चेन बनाकर मुस्लिम छात्रों को नमाज पढ़ने में सहायता की थी। सोमवार को छात्रों के दूसरे संगठन ने इसके विरोध में प्रदर्शन किया। आरोप है कि लाल बारादरी में रेनोवेशन का काम चल रहा है, इसके बावजूद छात्र यहां नमाज अदा करने पहुंचे थे। जब छात्रों को नमाज पढ़ने से रोका गया, तब हिंदू छात्रों ने बैरिकेटिंग को गिरा दिया और ह्यूमन चेन बनाकर खड़े हो गए। इसके बाद छात्रों ने नमाज अदा की और रोजा खोला।

Point of View

बल्कि सामाजिक सौहार्द को भी बाधित कर सकता है। प्रशासन का उद्देश्य शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना है, लेकिन छात्रों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान भी आवश्यक है।
NationPress
27/02/2026

Frequently Asked Questions

लखनऊ विश्वविद्यालय में नमाज विवाद क्या है?
यह विवाद रमजान के दौरान छात्रों द्वारा नमाज पढ़ने के प्रयास से शुरू हुआ, जिसके लिए प्रशासन ने १३ छात्रों को नोटिस जारी किया।
अधिकारियों ने छात्रों के खिलाफ क्या कार्रवाई की?
अधिकारियों ने छात्रों को नोटिस जारी किया और उन्हें ५० हजार का मुचलका और ५०-५० हजार के दो जमानतदार प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
क्या इस विवाद का असर विश्वविद्यालय के माहौल पर पड़ेगा?
हां, इस विवाद ने विश्वविद्यालय परिसर में तनाव की स्थिति उत्पन्न की है और इससे शांति व्यवस्था भंग होने की आशंका है।
लाल बारादरी में क्या हुआ था?
लाल बारादरी में हिंदू छात्रों ने मुस्लिम छात्रों को नमाज पढ़ने में मदद की थी, जिसके विरोध में अन्य छात्रों ने प्रदर्शन किया।
क्या यह मामला न्यायालय में जाएगा?
फिलहाल, प्रशासन ने छात्रों को शांति बनाए रखने के लिए निर्देश दिया है, लेकिन यदि स्थिति बिगड़ती है, तो यह न्यायालय में भी जा सकता है।
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