क्या 2026 में नौकरी खोजने के लिए एआई का इस्तेमाल करेंगे 90 प्रतिशत से ज्यादा भारतीय पेशेवर?
सारांश
Key Takeaways
- 90 प्रतिशत से अधिक भारतीय पेशेवर 2026 में एआई का उपयोग करेंगे।
- 66 प्रतिशत लोग मानते हैं कि एआई आत्मविश्वास बढ़ाता है।
- 84 प्रतिशत पेशेवर नई नौकरी खोजने के लिए पूरी तरह तैयार नहीं हैं।
- भारत में नौकरी के लिए आवेदन करने वालों की संख्या दोगुनी हो गई है।
- प्रॉम्प्ट इंजीनियर और एआई इंजीनियर तेजी से बढ़ने वाली नौकरियों में शामिल हैं।
नई दिल्ली, 8 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारत में 90 प्रतिशत से अधिक पेशेवर वर्ष 2026 में नौकरी खोजने के लिए एआई का उपयोग करने की योजना बना रहे हैं। यह जानकारी गुरुवार को प्रोफेशनल नेटवर्क प्लेटफॉर्म लिंक्डइन की रिपोर्ट में सामने आई है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि एआई अब केवल काम को आसान बनाने का साधन नहीं है, बल्कि यह नौकरी चाहने वालों का आत्मविश्वास भी बढ़ा रहा है। लगभग 66 प्रतिशत लोगों का मानना है कि एआई इंटरव्यू के दौरान उनका आत्मविश्वास बढ़ाता है।
रिपोर्ट के अनुसार, हाइरिंग प्रोसेस में एआई के बढ़ते उपयोग, कौशल की तेजी से बदलती मांग और कड़ी प्रतिस्पर्धा के चलते 84 प्रतिशत पेशेवरों को लगता है कि वे नई नौकरी खोजने के लिए पूरी तरह तैयार नहीं हैं। इसके बावजूद, 72 प्रतिशत लोग 2026 में नई नौकरी की सक्रिय रूप से तलाश कर रहे हैं।
हालांकि 87 प्रतिशत लोग काम पर एआई का उपयोग करने में सहज हैं, लेकिन कई लोग इस बात को लेकर असमंजस में हैं कि भर्ती प्रक्रिया में एआई का कैसे उपयोग हो रहा है। लगभग 77 प्रतिशत लोगों ने कहा कि हाइरिंग प्रोसेस में कई स्टेज होते हैं, जबकि 66 प्रतिशत को यह प्रक्रिया अब पहले से ज्यादा व्यक्तित्वहीन लगती है।
लिंक्डइन इंडिया न्यूज की लिंक्डइन करियर एक्सपर्ट और सीनियर मैनेजिंग एडिटर नीरजिता बनर्जी ने कहा कि एआई अब भारत के जॉब मार्केट का एक अहम हिस्सा बन चुका है। उन्होंने बताया कि एआई का सही उपयोग लोगों को यह समझने में मदद करता है कि उनके कौशल किस तरह नौकरी के अवसरों से जुड़े हैं, और उन्हें बेहतर तैयारी करने में मदद करता है।
लिंक्डइन के आंकड़ों के अनुसार, भारत में हर एक नौकरी के लिए आवेदन करने वालों की संख्या 2022 के बाद से दोगुनी से भी ज्यादा हो गई है। इससे प्रतिस्पर्धा बहुत बढ़ गई है। वहीं, 74 प्रतिशत भर्ती करने वाली कंपनियों का कहना है कि सही योग्य उम्मीदवार ढूंढना अब पहले से ज्यादा मुश्किल हो गया है।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि जनरेशन जेड के करीब 32 प्रतिशत लोग नए कामों या भूमिकाओं के बारे में सोच रहे हैं, जबकि 32 प्रतिशत युवा अपने मौजूदा क्षेत्र से बाहर नौकरी तलाश रहे हैं।
लिंक्डइन की 'इंडिया जॉब्स ऑन द राइज' रिपोर्ट के अनुसार, प्रॉम्प्ट इंजीनियर, एआई इंजीनियर और सॉफ्टवेयर इंजीनियर इस साल सबसे तेजी से बढ़ने वाली नौकरियों में शामिल हैं। इसके अलावा सेल्स, ब्रांड स्ट्रेटेजी, साइबर सिक्योरिटी और एडवाइजरी सेवाओं में भी अच्छी मांग बनी हुई है।