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भारत की 7% से अधिक GDP वृद्धि पाँच साल तक बरकरार, IMF-ADB-विश्व बैंक ने बढ़ाए अनुमान: अर्थशास्त्री क्युंघून किम

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भारत की 7% से अधिक GDP वृद्धि पाँच साल तक बरकरार, IMF-ADB-विश्व बैंक ने बढ़ाए अनुमान: अर्थशास्त्री क्युंघून किम

सारांश

भारत ने 2021-2025 के बीच लगातार पाँच वर्षों तक 7% से अधिक की वृद्धि दर्ज कर 1960 के बाद का दूसरा सर्वश्रेष्ठ पाँच-वर्षीय औसत (7.83%) हासिल किया। IMF, ADB और विश्व बैंक ने अनुमान बढ़ाए; 2027 में भारत जापान को पछाड़कर चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है।

मुख्य बातें

IMF , ADB और विश्व बैंक सहित प्रमुख वैश्विक संस्थानों ने भारत की आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान 7 प्रतिशत से अधिक किया।
भारत ने 2021-2025 में लगातार पाँच वर्षों तक 7% से अधिक वृद्धि दर्ज की — औसत 7.83 प्रतिशत ।
1960 के बाद यह किसी पाँच वर्षीय अवधि की दूसरी सबसे ऊँची औसत वृद्धि दर है; पहले स्थान पर 2003-2007 में 7.89% ।
भारत की GDP 2007 के 1 लाख करोड़ डॉलर से बढ़कर अब लगभग 4 लाख करोड़ डॉलर के करीब पहुँची।
IMF के अनुसार भारत 2027 तक जापान को पीछे छोड़कर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है, तब GDP लगभग 4.5 लाख करोड़ डॉलर होगी।

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF), एशियाई विकास बैंक (ADB) और विश्व बैंक सहित तमाम प्रमुख वैश्विक संस्थानों ने हाल ही में भारत की आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान बढ़ाकर चालू वर्ष और अगले वर्ष दोनों के लिए 7 प्रतिशत से अधिक कर दिए हैं। प्रमुख अर्थशास्त्री क्युंघून किम ने 17 अक्टूबर 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के ज़रिये यह जानकारी साझा करते हुए कहा कि यह अनुमान-वृद्धि अपने आप में भारत के मज़बूत आर्थिक प्रदर्शन को रेखांकित करती है। उनके अनुसार, भारत ने 2021 से 2025 के बीच लगातार पाँच वर्षों तक 7 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर हासिल की है।

ऐतिहासिक संदर्भ: 2003-2007 से तुलना

किम ने बताया कि महामारी के दौरान 5.8 प्रतिशत की गिरावट झेलने के बाद भारत ने 2021 में 9.7 प्रतिशत की तीव्र रिकवरी दर्ज की। इसके बाद अगले चार लगातार वर्षों में भी वृद्धि 7 प्रतिशत से ऊपर बनी रही। उन्होंने इसकी तुलना 2003-2007 के उस दौर से की जब भारत ने BRIC अर्थव्यवस्थाओं में अपनी पहचान बनाई थी।

किम ने कहा, 'इस तरह भारत ने लगातार पाँच वर्षों तक 7 प्रतिशत से अधिक की आर्थिक वृद्धि दर्ज की है। यह 2003-2007 के दौर के बराबर है। यदि मौजूदा अनुमान सही साबित होते हैं, तो भारत इस रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ देगा।'

औसत वृद्धि दर का रिकॉर्ड

2021-2025 की अवधि में भारत की औसत वार्षिक वृद्धि दर 7.83 प्रतिशत रही। किम के अनुसार, 1960 से उपलब्ध आँकड़ों के आधार पर यह किसी भी पाँच वर्षीय अवधि की दूसरी सबसे ऊँची औसत वृद्धि दर है। इससे पहले केवल 2003-2007 में 7.89 प्रतिशत की औसत वृद्धि दर्ज हुई थी।

गौरतलब है कि यह तुलनात्मक उपलब्धि उस समय आई है जब वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं पर दबाव, भू-राजनीतिक तनाव और उन्नत अर्थव्यवस्थाओं में मंदी की आशंकाएँ बनी हुई हैं।

GDP का बढ़ता आकार: आज की 7% वृद्धि कहीं अधिक बड़ी

किम ने एक महत्वपूर्ण तथ्य की ओर ध्यान दिलाया — आज की 7 प्रतिशत की वृद्धि और 2007 की 7 प्रतिशत की वृद्धि में ज़मीन-आसमान का फर्क है। उन्होंने कहा, '2007 में भारत की जीडीपी 1 लाख करोड़ डॉलर से थोड़ी अधिक थी, जबकि अब यह लगभग 4 लाख करोड़ डॉलर के करीब है। इस कारण 7 प्रतिशत की समान वृद्धि दर का मतलब आज अर्थव्यवस्था का कहीं अधिक बड़ा विस्तार है।'

यह ऐसे समय में आया है जब IMF ने अक्टूबर में अनुमान जताया था कि भारत 2027 में जापान को पीछे छोड़कर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है, जब भारत की नॉमिनल जीडीपी लगभग 4.5 लाख करोड़ डॉलर तक पहुँचने का अनुमान है।

चुनौतियाँ और आगे की राह

किम ने यह भी स्वीकार किया कि 1.4 अरब की आबादी वाले देश के सामने अभी कई चुनौतियाँ बनी हुई हैं। उन्होंने कहा, 'कई चुनौतियाँ अभी भी बनी हुई हैं, लेकिन यह आर्थिक प्रदर्शन जश्न मनाने योग्य है।' उन्होंने उम्मीद जताई कि अगली तिमाही के GDP आँकड़े आने पर संस्थागत अर्थशास्त्री अपने अनुमान और बढ़ाएँगे।

कई तिमाहियों तक GDP के वास्तविक आँकड़े अनुमानों से बेहतर रहे, जिसके चलते बार-बार ऊपरी संशोधन करना पड़ा — यह प्रवृत्ति भारतीय अर्थव्यवस्था की अंतर्निहित ताक़त को दर्शाती है। आने वाले महीनों में यह देखना अहम होगा कि क्या घरेलू माँग, निर्यात और निजी निवेश यह गति बनाए रख सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली बहस इस गति की गुणवत्ता पर होनी चाहिए — यानी यह वृद्धि कितनी व्यापक है और इसका लाभ श्रमबल के किस हिस्से तक पहुँच रहा है। GDP का आकार चार गुना बढ़ने के बाद भी रोज़गार की गुणवत्ता और आय असमानता के सवाल अनुत्तरित हैं। अर्थशास्त्री किम का यह कहना सही है कि आज की 7% वृद्धि 2007 की तुलना में अर्थव्यवस्था का कहीं अधिक बड़ा विस्तार है — पर 1.4 अरब लोगों के लिए यह विस्तार समावेशी है या नहीं, यही असली कसौटी है।
RashtraPress
17 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत ने कितने वर्षों तक 7% से अधिक GDP वृद्धि दर्ज की है?
भारत ने 2021 से 2025 तक लगातार पाँच वर्षों तक 7 प्रतिशत से अधिक की आर्थिक वृद्धि दर्ज की है। इस अवधि में औसत वार्षिक वृद्धि दर 7.83 प्रतिशत रही, जो 1960 के बाद किसी भी पाँच वर्षीय अवधि की दूसरी सबसे ऊँची है।
IMF, ADB और विश्व बैंक ने भारत के लिए क्या अनुमान लगाए हैं?
इन तीनों प्रमुख वैश्विक संस्थानों ने चालू वर्ष और अगले वर्ष दोनों के लिए भारत की GDP वृद्धि दर का अनुमान 7 प्रतिशत से अधिक कर दिया है। अर्थशास्त्री क्युंघून किम के अनुसार यह अनुमान-वृद्धि तिमाही GDP आँकड़ों के बार-बार अनुमान से बेहतर रहने के कारण की गई।
भारत कब तक दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है?
IMF के अनुमान के अनुसार भारत 2027 तक जापान को पीछे छोड़कर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है। उस समय भारत की नॉमिनल GDP लगभग 4.5 लाख करोड़ डॉलर तक पहुँचने का अनुमान है।
2003-2007 और 2021-2025 की वृद्धि दर में क्या अंतर है?
2003-2007 में भारत की औसत वार्षिक वृद्धि दर 7.89 प्रतिशत थी, जबकि 2021-2025 में यह 7.83 प्रतिशत रही। हालाँकि संख्या लगभग समान है, 2025 में GDP का आकार 2007 के मुकाबले लगभग चार गुना बड़ा है, इसलिए वास्तविक आर्थिक विस्तार कहीं अधिक है।
अर्थशास्त्री क्युंघून किम कौन हैं और उन्होंने यह बात कहाँ कही?
क्युंघून किम एक प्रमुख अर्थशास्त्री हैं जिन्होंने 17 अक्टूबर 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के ज़रिये भारत की आर्थिक वृद्धि के बारे में यह विश्लेषण साझा किया। उन्होंने बताया कि उनके जैसे कई अर्थशास्त्री बार-बार तिमाही GDP आँकड़े आने के साथ अनुमान ऊपर की ओर संशोधित करते रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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