9 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

भारत की GDP वृद्धि दर वित्त वर्ष 2027 में 7.3% रहने का अनुमान: UNCTAD रिपोर्ट

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
भारत की GDP वृद्धि दर वित्त वर्ष 2027 में 7.3% रहने का अनुमान: UNCTAD रिपोर्ट

सारांश

UNCTAD की 'व्यापार और विकास रिपोर्ट 2026' भारत को वैश्विक मंदी के बीच सबसे तेज़ बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था घोषित करती है — 7.3% वृद्धि दर के साथ। घरेलू माँग, विनिर्माण और DPI मॉडल की वैश्विक स्वीकृति इस तस्वीर को और मज़बूत बनाती है।

मुख्य बातें

UNCTAD की रिपोर्ट के अनुसार भारत की GDP वित्त वर्ष 2026-27 में 7.3 प्रतिशत और 2027-28 में 6.8 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है।
भारत में घरेलू खपत 2026 में 6.9 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान, हालाँकि ऊँची कीमतों से गति कुछ धीमी हो सकती है।
एशिया वर्ष 2026 में वैश्विक वृद्धि में 59 प्रतिशत योगदान देगा; भारत इस क्षेत्र में अग्रणी।
भारत ने अपना DPI मॉडल साझा करने के लिए 23 देशों से समझौते किए; 8 देशों में सहयोग सक्रिय।
वैश्विक वृद्धि दर 2025 के 2.9% से घटकर 2026 में 2.6% रहने का अनुमान।
वैश्विक व्यापार 2025 में 35 ट्रिलियन डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँचा।

संयुक्त राष्ट्र व्यापार एवं विकास सम्मेलन (UNCTAD) की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, भारत वित्त वर्ष 2026-27 में 7.3 प्रतिशत की GDP वृद्धि दर के साथ विश्व की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना रहेगा। मज़बूत घरेलू माँग, विस्तृत होती विनिर्माण क्षमता और सार्वजनिक बुनियादी ढाँचे में भारी निवेश इस वृद्धि के मुख्य इंजन बताए गए हैं। अगले वित्त वर्ष 2027-28 में यह दर 6.8 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

रिपोर्ट का परिचय और संदर्भ

UNCTAD की 'व्यापार और विकास रिपोर्ट 2026: विकास का भू-अर्थशास्त्र' जिनेवा से जारी की गई। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि कच्चे तेल के आयात पर भारत की भारी निर्भरता के बावजूद उपर्युक्त कारक उसकी आर्थिक रफ़्तार को बनाए रखने में सफल रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक वृद्धि दर 2025 के 2.9 प्रतिशत से घटकर 2026 में 2.6 प्रतिशत पर आने का अनुमान है।

घरेलू खपत और विकास की गति

रिपोर्ट के अनुसार भारत में घरेलू खपत 2026 में 6.9 प्रतिशत और 2027 में 5.6 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है। हालाँकि, ऊँची कीमतों और बढ़ती उत्पादन लागत के कारण पिछले वर्षों की तुलना में खपत वृद्धि की गति कुछ धीमी पड़ सकती है। गौरतलब है कि विकासशील अर्थव्यवस्थाओं की औसत वृद्धि दर 2025 के 4.7 प्रतिशत से घटकर 2026 में 4 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है, जो भारत की स्थिति को और अधिक उल्लेखनीय बनाता है।

एशिया और वैश्विक वृद्धि में भारत की भूमिका

क्षेत्रीय परिप्रेक्ष्य में, एशिया वर्ष 2026 में वैश्विक आर्थिक वृद्धि में 59 प्रतिशत योगदान देने वाला सबसे बड़ा क्षेत्र रहेगा। इस दौरान भारत 7.3 प्रतिशत, इंडोनेशिया 5.2 प्रतिशत और चीन 4.5 प्रतिशत की दर से वृद्धि कर सकते हैं। UNCTAD ने विकासशील देशों की वृद्धि दर को दो भागों में बँटते देखा है — कुछ बड़ी अर्थव्यवस्थाएँ वैश्विक विकास का नेतृत्व कर रही हैं, जिनमें भारत सबसे आगे है।

डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर की सराहना

रिपोर्ट में भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) मॉडल की विशेष प्रशंसा की गई है। UNCTAD के अनुसार, भारत ने अपनी DPI संरचना साझा करने के लिए 23 देशों के साथ समझौते किए हैं और श्रीलंका तथा संयुक्त अरब अमीरात (UAE) सहित 8 देशों में तकनीकी सहयोग पहले से सक्रिय है। रिपोर्ट यह भी रेखांकित करती है कि भारत जैसे बड़े देश क्षेत्रीय आर्थिक केंद्र के रूप में उभरकर डिजिटल भुगतान तकनीक और डिजिटल अवसंरचना को अन्य देशों के साथ साझा कर रहे हैं।

वैश्विक व्यापार और आगे की राह

UNCTAD के अनुसार, 2025 में वैश्विक व्यापार 35 ट्रिलियन डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँचा था। 2026 में भी व्यापारिक मूल्य बढ़ रहे हैं, हालाँकि इसका एक बड़ा कारण ऊर्जा झटकों के बीच कीमतों में हुई वृद्धि है। वस्तुओं और सेवाओं के वैश्विक व्यापार में लगभग 4 प्रतिशत वृद्धि होने की संभावना है। UNCTAD के कार्यवाहक महासचिव पेड्रो मैनुअल मोरेनो ने कहा कि ग्लोबल साउथ की उभरती अर्थव्यवस्थाएँ क्षेत्रीय विकास के केंद्र के रूप में स्थापित हो रही हैं और नए वित्तीय सहयोग तंत्र भी विकसित कर रही हैं। आने वाले वर्षों में भारत की यह भूमिका और मज़बूत होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह वृद्धि समावेशी है — क्योंकि रिपोर्ट खुद स्वीकार करती है कि ऊँची कीमतों और बढ़ती लागत से खपत वृद्धि की गति धीमी पड़ सकती है, जो मध्यम और निम्न आय वर्ग पर दबाव का संकेत है। DPI मॉडल की वैश्विक सराहना नीतिगत कूटनीति की एक बड़ी जीत है, लेकिन 23 देशों के साथ समझौते और वास्तविक क्रियान्वयन के बीच की खाई को नज़रअंदाज़ नहीं किया जाना चाहिए। वैश्विक व्यापार वृद्धि का एक बड़ा हिस्सा ऊर्जा कीमतों में उछाल से आ रहा है, न कि उत्पादकता से — यह भेद भारत के निर्यात रणनीतिकारों के लिए महत्त्वपूर्ण है। कुल मिलाकर, भारत का巨观 दृष्टिकोण मज़बूत है, पर संरचनात्मक कमज़ोरियाँ — कच्चे तेल पर निर्भरता और खपत में संभावित सुस्ती — आगे की राह को चुनौतीपूर्ण बना सकती हैं।
RashtraPress
9 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

UNCTAD ने भारत की GDP वृद्धि दर क्या अनुमानित की है?
UNCTAD की 'व्यापार और विकास रिपोर्ट 2026' के अनुसार भारत की GDP वित्त वर्ष 2026-27 में 7.3 प्रतिशत और वित्त वर्ष 2027-28 में 6.8 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है। इस वृद्धि के पीछे मज़बूत घरेलू माँग, विनिर्माण क्षमता और सार्वजनिक बुनियादी ढाँचे में निवेश को मुख्य कारण बताया गया है।
भारत सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था क्यों है?
रिपोर्ट के अनुसार, भारत की घरेलू खपत, बढ़ती विनिर्माण क्षमता और सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर कार्यक्रमों ने इसे वैश्विक मंदी के माहौल में भी 7.3% वृद्धि दर बनाए रखने में सक्षम किया है। चीन (4.5%) और इंडोनेशिया (5.2%) की तुलना में यह दर सबसे अधिक है।
भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर को रिपोर्ट में क्यों सराहा गया?
UNCTAD ने भारत के DPI मॉडल की तारीफ इसलिए की क्योंकि भारत ने 23 देशों के साथ इसे साझा करने के समझौते किए हैं और श्रीलंका व UAE सहित 8 देशों में तकनीकी सहयोग पहले से सक्रिय है। इसे क्षेत्रीय डिजिटल एकीकरण का एक प्रभावशाली उदाहरण बताया गया है।
2026 में वैश्विक आर्थिक वृद्धि का क्या अनुमान है?
UNCTAD के अनुसार, 2026 में वैश्विक वृद्धि दर 2.6 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो 2025 के 2.9 प्रतिशत से कम है। वस्तुओं और सेवाओं के वैश्विक व्यापार में लगभग 4 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान है, हालाँकि इसका एक हिस्सा ऊर्जा कीमतों में उछाल के कारण है।
क्या भारत की खपत वृद्धि में कोई जोखिम है?
हाँ, रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि ऊँची कीमतों और बढ़ती उत्पादन लागत के कारण घरेलू खपत वृद्धि की गति पिछले वर्षों की तुलना में धीमी पड़ सकती है। 2026 में खपत 6.9 प्रतिशत और 2027 में 5.6 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले