क्या भारतीय रेलवे ने जनरल और नॉन-एसी कोचों का रिकॉर्ड उत्पादन किया है?

Click to start listening
क्या भारतीय रेलवे ने जनरल और नॉन-एसी कोचों का रिकॉर्ड उत्पादन किया है?

सारांश

भारतीय रेलवे ने जनरल और नॉन-एसी कोचों का रिकॉर्ड उत्पादन किया है, जिससे यात्रियों को किफायती किराए पर उच्च गुणवत्ता की सेवाएं मिलेंगी। जानें इस पहल के पीछे के उद्देश्य और भविष्य की योजनाएं।

Key Takeaways

  • किफायती किराए पर जनरल और नॉन-एसी कोचों का रिकॉर्ड उत्पादन
  • यात्रियों की बढ़ती मांग को पूरा करने का उद्देश्य
  • अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें उच्च गुणवत्ता की यात्रा प्रदान करती हैं
  • सुरक्षा और आराम में सुधार
  • रेलवे द्वारा आधुनिकीकरण की दिशा में कदम

नई दिल्ली, 6 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय रेलवे ने मंगलवार को घोषणा की कि किफायती किराए की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए जनरल और नॉन-एसी कोचों का रिकॉर्ड उत्पादन किया जा रहा है।

इसका मुख्य उद्देश्य किराए को आम लोगों की पहुंच में रखते हुए उच्च गुणवत्ता की सुविधाएं प्रदान करना है।

रेल मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, रेलवे ने अपने यात्री बेड़े को और मजबूत एवं आधुनिक बनाने के लिए चालू और अगले वित्तीय वर्ष के लिए एक सतत कोच उत्पादन कार्यक्रम की शुरूआत की है। चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए, जो अपने अंतिम तिमाही में है, उत्पादन योजना में 4,838 नए एलएचबी जीएस और नॉन एसी कोच (एलएस कोच- 2817, एलएससीएन कोच- 2021) का प्रावधान है।

वित्त वर्ष 2026-27 के लिए, उत्पादन लक्ष्य 4,802 एलएचबी कोच (एलएस कोच- 2638, एलएससीएन कोच- 2164) है। इस नियोजित उत्पादन का उद्देश्य बढ़ती यात्री मांग को पूरा करना और साथ ही ट्रेन सेवाओं की सुरक्षा, आराम और समग्र गुणवत्ता में सुधार करना है।

इसके साथ ही, रेलवे ने बताया कि यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए सरकार अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है।

रेलवे मंत्रालय के अनुसार, अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें, जिनमें स्लीपर और जनरल क्लास कोच सहित सभी प्रकार के नॉन-एसी कोच उपलब्ध हैं, किफायती किराए पर उच्च गुणवत्ता की यात्रा प्रदान कर रही हैं। 2025 के दौरान, 13 अमृत भारत ट्रेनें शुरू की गईं, जिससे कुल परिचालन सेवाओं की संख्या 30 हो गई। इसके अतिरिक्त, भुज-अहमदाबाद और जयनगर-पटना के बीच दो नमो भारत रैपिड रेल सेवाएं भी चल रही हैं, जिससे उच्च आवृत्ति वाली क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूती मिल रही है।

मंत्रालय के अनुसार, भारतीय रेलवे किफायती नॉन-एसी ट्रेनों की क्षमता बढ़ाकर, भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विशेष ट्रेनें चलाकर और स्टेशन सुविधाओं में सुधार करके आम यात्रियों पर अपना ध्यान केंद्रित कर रहा है। अवैध टिकटों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, सुरक्षा में बड़े निवेश और नॉन-एसी अमृत भारत ट्रेनों की शुरुआत तथा बेहतर क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के साथ, भारतीय रेलवे लगातार एक आधुनिक, समावेशी और यात्री-केंद्रित परिवहन प्रणाली का निर्माण कर रहा है, जो रोजमर्रा के यात्रियों पर केंद्रित है।

Point of View

बल्कि यह सुनिश्चित करती है कि आम जनता के लिए यात्रा सस्ती और सुलभ हो। यह कदम रेलवे के समग्र विकास और आधुनिकता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
NationPress
08/01/2026

Frequently Asked Questions

भारतीय रेलवे ने कितने जनरल और नॉन-एसी कोचों का उत्पादन किया है?
भारतीय रेलवे ने चालू वित्तीय वर्ष में 4,838 नए एलएचबी जीएस और नॉन एसी कोचों का उत्पादन करने की योजना बनाई है।
अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें क्या हैं?
अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें किफायती किराए पर उच्च गुणवत्ता की यात्रा प्रदान करती हैं, जिनमें सभी प्रकार के नॉन-एसी कोच शामिल हैं।
रेलवे का उद्देश्य क्या है?
भारतीय रेलवे का उद्देश्य यात्रियों को बेहतर सुविधाएं और सुरक्षा प्रदान करना है।
Nation Press