शेयर बाज़ार आउटलुक: महंगाई डेटा, कच्चे तेल की कीमत और बॉन्ड यील्ड से तय होगी अगले हफ्ते की चाल
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय शेयर बाज़ार के लिए अगला सप्ताह कई अहम आर्थिक कारकों की कसौटी पर परखा जाएगा — घरेलू महंगाई डेटा, कच्चे तेल की कीमतें और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड मिलकर बाज़ार की दिशा तय करेंगे। मुंबई के वित्तीय बाज़ारों में निवेशकों की नज़र इन तीनों संकेतकों पर टिकी है।
घरेलू और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक आँकड़े
अगले सप्ताह भारत में खुदरा महंगाई (CPI), थोक महंगाई (WPI), बेरोज़गारी दर, व्यापार संतुलन और विदेशी मुद्रा भंडार से जुड़े आँकड़े जारी होने हैं। इन सभी आँकड़ों का सीधा असर बाज़ार की भावना पर पड़ सकता है।
इसके साथ ही अमेरिका में भी महंगाई, घरों की बिक्री और खुदरा बिक्री के आँकड़े आने वाले हैं, जो वैश्विक बाज़ारों के रुख को प्रभावित करेंगे।
कच्चे तेल का समीकरण
फ़िलहाल कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी हुई है। बाज़ार जानकारों के अनुसार, अमेरिका की ओर से रूस से डीज़ल खरीदने के फ़ैसले से वैश्विक तनाव कुछ कम होने की उम्मीद है, जिससे तेल की कीमतों में नरमी आ सकती है।
इस संदर्भ में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने 'ट्रुथ सोशल' प्लेटफ़ॉर्म पर एक पोस्ट में कहा, 'मैंने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ बहुत सफल बातचीत की है। इसमें यह तय हुआ है कि रूस तुरंत अमेरिकी और ग्लोबल मार्केट में 3,00,000 टन से ज़्यादा डीज़ल की आपूर्ति करेगा, नवंबर में 5,00,000 टन और उसके तुरंत बाद 10,00,000 टन डीज़ल की आपूर्ति करेगा।' गौरतलब है कि कच्चे तेल की ऊँची कीमतें भारतीय अर्थव्यवस्था पर सीधा दबाव डालती हैं, क्योंकि भारत अपनी ज़रूरत का अधिकांश तेल आयात करता है।
बॉन्ड यील्ड पर नज़र
निवेशकों की एक और बड़ी चिंता अमेरिकी बॉन्ड यील्ड है, जो लगातार 5 प्रतिशत से ऊपर बनी हुई है। यह स्तर आमतौर पर उभरते बाज़ारों से पूँजी के निकास को गति देता है, जिसका असर भारतीय बाज़ारों पर भी पड़ सकता है। यह ऐसे समय में आया है जब विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की गतिविधियाँ पहले से ही अनिश्चित बनी हुई हैं।
बीते सप्ताह का प्रदर्शन
भारतीय शेयर बाज़ार के लिए बीता सप्ताह राहत लेकर आया। सेंसेक्स 562.63 अंक यानी 0.78 प्रतिशत की बढ़त के साथ 72,472.33 पर और निफ्टी 98.50 अंक यानी 0.44 प्रतिशत की मज़बूती के साथ 22,520.45 पर बंद हुआ। यह आठ हफ्ते बाद पहला मौका था जब बाज़ार साप्ताहिक आधार पर बढ़त के साथ बंद हुआ।
सेक्टोरल प्रदर्शन में BSE टेलीकॉम 3.72 प्रतिशत, BSE FMCG 2.43 प्रतिशत, BSE PSU बैंक 2.31 प्रतिशत, BSE फाइनेंशियल सर्विसेज़ 1.03 प्रतिशत और BSE IT 0.76 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए।
दूसरी तरफ, BSE रियल्टी 4.19 प्रतिशत, BSE मेटल 4.18 प्रतिशत, BSE यूटिलिटी 2.48 प्रतिशत, BSE कमोडिटीज़ 2.46 प्रतिशत और BSE पावर 2.22 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए।
आगे क्या उम्मीद
बाज़ार विश्लेषकों के अनुसार, यदि महंगाई के आँकड़े अनुमान से कम आते हैं और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी दिखती है, तो बाज़ार में तेज़ी का रुख बन सकता है। हालाँकि, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड का ऊँचा स्तर अनिश्चितता बनाए रखेगा। निवेशकों को अगले सप्ताह सतर्कता के साथ आगे बढ़ने की सलाह दी जाती है।