नवरात्रि 2026 में ऑटो बिक्री 11.23 लाख यूनिट पार, दोपहिया में 32% और EV में 27% उछाल: फाडा
सारांश
मुख्य बातें
फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन्स (फाडा) के बुधवार को जारी आँकड़ों के अनुसार, भारत में नवरात्रि 2026 के 10 दिनों के दौरान वाहनों की खुदरा बिक्री 11.23 लाख यूनिट से अधिक रही — जो त्योहारी सीज़न में देश की ऑटोमोबाइल बाज़ार की मज़बूत माँग को रेखांकित करती है। यह आँकड़ा 2024 की नवरात्रि की तुलना में करीब 27 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है, जिसमें यात्री वाहनों में 10 प्रतिशत से अधिक और दोपहिया वाहनों में 32 प्रतिशत से ज़्यादा की तेज़ी दर्ज की गई।
पिछले साल से मामूली गिरावट, पर आधार प्रभाव की भूमिका
फाडा के अध्यक्ष साईं गिरिधर ने स्पष्ट किया कि नवरात्रि 2025 की तुलना में 6.52 प्रतिशत की गिरावट भ्रामक नहीं है। उन्होंने कहा, 'पिछले साल नवरात्रि 10 के बजाय 11 दिनों की थी और इसी दौरान जीएसटी 2.0 भी लागू हुआ था, जिससे लंबे समय से रुकी हुई माँग एक साथ सामने आ गई और बिक्री में एक असाधारण उछाल देखने को मिला।' आँकड़ों के अनुसार, वह असाधारण आधार इस वर्ष की तुलनात्मक गणना को स्वाभाविक रूप से दबाता है।
EV वाहनों की माँग में तेज़ उछाल
इस नवरात्रि की सबसे उल्लेखनीय बात इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती हिस्सेदारी रही। EV की खुदरा बिक्री में 26.78 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई और त्योहारी सीज़न की कुल बिक्री में उनकी हिस्सेदारी 10.5 प्रतिशत तक पहुँच गई — जो एक साल पहले केवल 7.7 प्रतिशत थी। गिरिधर ने कहा कि यह दर्शाता है कि भारत में ईवी की ओर हो रहा बदलाव अब अपने आप आगे बढ़ने की स्थिति में आ गया है। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार की पीएम ई-ड्राइव जैसी योजनाएँ EV इकोसिस्टम को प्रोत्साहन दे रही हैं।
सितंबर में रिकॉर्ड बिक्री, छह में पाँच श्रेणियाँ सर्वकालिक उच्च पर
फाडा के आँकड़ों के अनुसार, सितंबर में घरेलू ऑटोमोबाइल खुदरा बिक्री सालाना आधार पर 31.82 प्रतिशत बढ़कर 25,36,920 यूनिट के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गई। अगस्त की तुलना में भी 4.69 प्रतिशत की वृद्धि हुई और सितंबर उद्योग के लिए अब तक का सबसे बेहतरीन महीना रहा। फाडा ने आगाह किया कि सालाना वृद्धि के इन आँकड़ों को सावधानी से देखा जाना चाहिए, क्योंकि सितंबर 2025 की बिक्री पर जीएसटी 2.0 लागू होने से पहले खरीदारी टालने का असर पड़ा था। सितंबर में 6 में से 5 वाहन श्रेणियों ने अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया।
सेगमेंटवार प्रदर्शन
दोपहिया वाहनों की बिक्री सालाना आधार पर 33.08 प्रतिशत बढ़कर 17,90,188 यूनिट हो गई। यात्री वाहनों की बिक्री 32.10 प्रतिशत बढ़कर 4,27,213 यूनिट पर रही। कमर्शियल वाहनों की बिक्री 37.62 प्रतिशत उछलकर 1,03,557 यूनिट हो गई — सितंबर में पहली बार यह श्रेणी एक लाख का आँकड़ा पार करने में सफल रही। वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही में भी 1 करोड़ 55 लाख 12,319 यूनिट की रिकॉर्ड खुदरा बिक्री हुई, जो सालाना आधार पर 20.77 प्रतिशत अधिक है।
धनतेरस-दीपावली की ओर सतर्क आशावाद
गिरिधर ने कहा, 'धनतेरस से दीपावाली तक के दौर में प्रवेश करते हुए, हम सतर्कता के साथ आशावादी बने हुए हैं। लोगों की खरीदने की क्षमता मज़बूत है, उनकी आकांक्षाएँ बढ़ रही हैं, और वाहनों की खुदरा बिक्री भारत की विकास की निरंतर गति को दर्शा रही है।' गौरतलब है कि धनतेरस पारंपरिक रूप से ऑटोमोबाइल उद्योग के लिए साल के सबसे बड़े एकल-दिवस बिक्री के मौकों में से एक है, और इस वर्ष का रुझान उस उम्मीद को और बल देता है।