7 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

सितंबर 2026 में EV बिक्री का नया रिकॉर्ड: 74% उछाल के साथ 3.33 लाख यूनिट — फाडा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
सितंबर 2026 में EV बिक्री का नया रिकॉर्ड: 74% उछाल के साथ 3.33 लाख यूनिट — फाडा

सारांश

सितंबर 2026 में भारत का EV बाज़ार 3.33 लाख यूनिट के साथ नई ऊँचाई पर पहुँचा — 74% सालाना उछाल, समग्र EV पैठ 13% और E2W-EPV दोनों में सर्वकालिक रिकॉर्ड। फाडा के अनुसार यह सब्सिडी नहीं, माँग-आधारित विकास है।

मुख्य बातें

सितंबर 2026 में 3,33,634 EV की खुदरा बिक्री — सालाना 74 प्रतिशत की वृद्धि के साथ सर्वकालिक रिकॉर्ड।
समग्र EV पैठ 10% से बढ़कर 13% हुई ( सितंबर 2025 की तुलना में)।
इलेक्ट्रिक दोपहिया बिक्री 2,07,314 यूनिट — सालाना 88.67% वृद्धि; पैठ 11.6% ।
इलेक्ट्रिक यात्री वाहन बिक्री 36,108 यूनिट — सालाना 94.56% उछाल; पैठ 8.5% ।
इलेक्ट्रिक वाणिज्यिक वाहन में सालाना 158% वृद्धि; 4,188 यूनिट बिके।
फाडा अध्यक्ष साई गिरिधर ने कहा — यह अब 'माँग-आधारित विकास' है, केवल सब्सिडी का असर नहीं।

भारत के इलेक्ट्रिक वाहन (EV) बाज़ार ने सितंबर 2026 में सर्वकालिक नया रिकॉर्ड स्थापित किया। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशंस (फाडा) द्वारा 7 अक्टूबर 2026 को जारी आँकड़ों के अनुसार, इस महीने देशभर में कुल 3,33,634 इलेक्ट्रिक वाहनों की खुदरा बिक्री दर्ज की गई — जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 74 प्रतिशत अधिक है। यह वृद्धि महज कमज़ोर बेस इफेक्ट का नतीजा नहीं, बल्कि वास्तविक माँग में आई तेज़ी का प्रमाण बताई जा रही है।

समग्र EV पैठ में उल्लेखनीय बढ़त

सितंबर में सभी वाहन श्रेणियों में मिलाकर EV की बाज़ार हिस्सेदारी बढ़कर लगभग 13 प्रतिशत हो गई, जबकि सितंबर 2025 में यह करीब 10 प्रतिशत थी। यह तीन प्रतिशत अंकों की छलांग दर्शाती है कि इलेक्ट्रिक वाहन भारतीय उपभोक्ताओं की पहली पसंद के रूप में तेज़ी से उभर रहे हैं।

श्रेणीवार प्रदर्शन

इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन (E2W) सबसे अधिक गति से आगे बढ़े। सितंबर में इनकी खुदरा बिक्री 2,07,314 यूनिट रही — सालाना आधार पर 88.67 प्रतिशत और मासिक आधार पर 13.16 प्रतिशत की वृद्धि। इस श्रेणी में EV पैठ 8.2 प्रतिशत से बढ़कर 11.6 प्रतिशत पर पहुँच गई।

इलेक्ट्रिक यात्री वाहनों (EPV) ने भी नया कीर्तिमान बनाया। सितंबर में इनकी बिक्री 36,108 यूनिट रही — पिछले वर्ष की तुलना में 94.56 प्रतिशत और अगस्त 2026 की तुलना में 17.63 प्रतिशत अधिक। इस खंड में EV पैठ 5.7 प्रतिशत से छलाँग लगाकर 8.5 प्रतिशत हो गई।

इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहनों (E3W) की बिक्री 86,024 यूनिट रही, जिसमें सालाना 40 प्रतिशत और मासिक 7.74 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई। इस खंड में EV पैठ पहले से ही प्रभावशाली 64.9 प्रतिशत पर है, जो विद्युतीकरण की परिपक्वता को दर्शाता है।

इलेक्ट्रिक वाणिज्यिक वाहन (ECV) श्रेणी में 4,188 यूनिट की बिक्री हुई। मासिक आधार पर मामूली गिरावट के बावजूद, सालाना आधार पर इसमें 158 प्रतिशत की ज़बरदस्त वृद्धि देखी गई। EV पैठ 2.16 प्रतिशत से बढ़कर करीब 4 प्रतिशत हो गई।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

फाडा के अध्यक्ष साई गिरिधर ने कहा कि यह उपलब्धि केवल पिछले वर्ष के कमज़ोर आधार का नतीजा नहीं है — बल्कि EV बिक्री ने वास्तविक रूप से नया सर्वकालिक रिकॉर्ड बनाया है। उन्होंने कहा, 'त्योहारी माँग, कम परिचालन लागत, मॉडलों के बढ़ते विकल्प और पीएम ई-ड्राइव व विभिन्न राज्यों की प्रोत्साहन योजनाओं ने इलेक्ट्रिक वाहनों को कई खरीदारों के लिए प्राथमिक विकल्प बनाना शुरू कर दिया है।'

गिरिधर ने यह भी रेखांकित किया कि अब यह केवल सब्सिडी-आधारित बाज़ार नहीं रह गया — बल्कि यह माँग-आधारित विकास की कहानी बन चुका है। उनके अनुसार, 'इलेक्ट्रिक मोबिलिटी भारत की विकास यात्रा का एक स्थायी हिस्सा बन चुकी है।'

आम जनता और बाज़ार पर असर

गौरतलब है कि यह रिकॉर्ड ऐसे समय आया है जब त्योहारी सीज़न अपने चरम पर है और केंद्र सरकार की पीएम ई-ड्राइव योजना के अंतर्गत प्रोत्साहन सक्रिय हैं। राज्यस्तरीय सब्सिडी और बढ़ते चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर ने भी उपभोक्ता निर्णयों को प्रभावित किया है।

क्या होगा आगे

अक्टूबर में नवरात्रि और दीपावली की खरीदारी से EV बिक्री में और तेज़ी की संभावना है। आँकड़ों के अनुसार, यदि यह गति बनी रही तो वित्त वर्ष 2026-27 में EV की वार्षिक बिक्री पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ सकती है। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि EV पैठ के 15 प्रतिशत के पार जाने में अब अधिक समय नहीं लगेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह है कि क्या यह वृद्धि सब्सिडी हटने के बाद भी टिकेगी। फाडा की 'माँग-आधारित' व्याख्या आशावादी है, मगर EPV की 8.5% पैठ अभी भी यूरोप या चीन के मुकाबले बहुत कम है। E2W में 88% की छलाँग त्योहारी सीज़न और PM ई-ड्राइव इंसेंटिव के संयोग का नतीजा हो सकती है — अक्टूबर के बाद के आँकड़े बताएंगे कि यह संरचनागत बदलाव है या मौसमी उभार। चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी अभी भी टियर-2 और टियर-3 शहरों में EV अपनाने की सबसे बड़ी बाधा बनी हुई है।
RashtraPress
7 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सितंबर 2026 में भारत में कितने इलेक्ट्रिक वाहन बिके?
फाडा के आँकड़ों के अनुसार, सितंबर 2026 में भारत में कुल 3,33,634 इलेक्ट्रिक वाहनों की खुदरा बिक्री हुई — जो पिछले वर्ष की समान अवधि से 74 प्रतिशत अधिक है। यह EV बिक्री का अब तक का सर्वकालिक मासिक रिकॉर्ड है।
EV बिक्री में इतनी तेज़ी क्यों आई?
फाडा अध्यक्ष साई गिरिधर के अनुसार, त्योहारी माँग, कम परिचालन लागत, मॉडलों की बढ़ती विविधता और PM ई-ड्राइव व राज्यों की प्रोत्साहन योजनाओं ने मिलकर EV को कई खरीदारों की प्राथमिक पसंद बनाया है। यह वृद्धि अब केवल सब्सिडी-निर्भर नहीं, बल्कि माँग-आधारित बताई जा रही है।
कौन सी EV श्रेणी सबसे तेज़ी से बढ़ी?
इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों (E2W) में सबसे अधिक 88.67 प्रतिशत की सालाना वृद्धि दर्ज हुई और 2,07,314 यूनिट बिके। इलेक्ट्रिक वाणिज्यिक वाहनों में 158 प्रतिशत की सालाना वृद्धि रही, हालाँकि उनकी कुल संख्या 4,188 यूनिट रही।
भारत में EV की बाज़ार हिस्सेदारी कितनी हो गई है?
सितंबर 2026 में सभी वाहन श्रेणियों में मिलाकर EV की कुल पैठ लगभग 13 प्रतिशत हो गई, जो एक वर्ष पहले करीब 10 प्रतिशत थी। इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहनों में तो यह पैठ 64.9 प्रतिशत के रिकॉर्ड स्तर पर है।
PM ई-ड्राइव योजना क्या है और इसका EV बिक्री पर क्या असर पड़ा?
PM ई-ड्राइव केंद्र सरकार की इलेक्ट्रिक वाहन प्रोत्साहन योजना है, जो EV खरीद पर सब्सिडी और इंसेंटिव प्रदान करती है। फाडा के अनुसार, इस योजना ने राज्य सरकारों की सब्सिडी के साथ मिलकर EV को कई खरीदारों के लिए वित्तीय रूप से आकर्षक विकल्प बनाया है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. 4 सप्ताह पहले
  3. 4 सप्ताह पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 1 साल पहले