सियाम डेटा: सितंबर में यात्री वाहनों की थोक बिक्री 21.8% उछली, 4.54 लाख यूनिट्स का नया स्तर
सारांश
मुख्य बातें
सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) के 15 अक्टूबर 2026 को जारी आंकड़ों के अनुसार, भारत में घरेलू यात्री वाहनों की थोक बिक्री सितंबर 2026 में सालाना आधार पर 21.8 प्रतिशत बढ़कर 4,54,574 यूनिट्स हो गई। एक साल पहले यानी सितंबर 2025 में यह आंकड़ा 3,73,347 यूनिट्स था — यानी एक वर्ष में करीब 81,000 अतिरिक्त इकाइयों की वृद्धि दर्ज की गई।
मुख्य घटनाक्रम
सियाम के आंकड़ों के मुताबिक सितंबर में दोपहिया वाहनों की थोक बिक्री 13.5 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 24.63 लाख यूनिट्स तक पहुंची, जबकि पिछले साल की समान अवधि में यह 21.70 लाख यूनिट्स थी। इसी अवधि में तिपहिया वाहनों की डीलर-डिस्पैच संख्या 16 प्रतिशत बढ़कर 98,162 यूनिट्स हो गई, जो पिछले वर्ष 84,635 यूनिट्स थी।
इलेक्ट्रिक वाहन बाज़ार की ऐतिहासिक छलांग
फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन्स (फाडा) के अलग से जारी आंकड़ों के अनुसार, सितंबर 2026 में घरेलू इलेक्ट्रिक वाहन (EV) बाज़ार ने अब तक की सबसे ऊंची मासिक रिटेल बिक्री दर्ज की। कुल EV रिटेल बिक्री 3,33,634 यूनिट्स तक पहुंची, जो सालाना आधार पर 74 प्रतिशत की वृद्धि है।
इलेक्ट्रिक दोपहिया (E2W) की रिटेल बिक्री 2,07,314 यूनिट्स के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंची — यह पिछले साल की तुलना में 88.67 प्रतिशत और अगस्त की तुलना में 13.16 प्रतिशत अधिक है। बाज़ार में E2W की हिस्सेदारी एक साल पहले के 8.2 प्रतिशत से बढ़कर 11.6 प्रतिशत हो गई है।
इलेक्ट्रिक पैसेंजर वाहनों का प्रदर्शन
इलेक्ट्रिक पैसेंजर वाहनों (EPV) की रिटेल बिक्री सितंबर में 36,108 यूनिट्स के नए उच्च स्तर पर पहुंची। यह पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 94.56 प्रतिशत और अगस्त की तुलना में 17.63 प्रतिशत अधिक है। EPV की बाज़ार हिस्सेदारी पिछले साल के 5.7 प्रतिशत से बढ़कर 8.5 प्रतिशत हो गई है।
आम उपभोक्ता पर असर
यह आंकड़े बताते हैं कि त्योहारी सीज़न की शुरुआत से पहले ऑटो सेक्टर में उपभोक्ता मांग तेज़ी से बढ़ रही है। गौरतलब है कि थोक बिक्री डीलरों तक पहुंचाई गई यूनिट्स को दर्शाती है, न कि अंतिम ग्राहक खरीद को — अतः वास्तविक रिटेल मांग का आकलन फाडा के खुदरा आंकड़ों से अधिक सटीक होता है। इलेक्ट्रिक वाहनों की बाज़ार हिस्सेदारी में लगातार वृद्धि यह संकेत देती है कि भारतीय उपभोक्ता तेज़ी से EV की ओर रुख कर रहे हैं।
क्या होगा आगे
अक्टूबर में नवरात्रि और दशहरा के साथ त्योहारी सीज़न अपने चरम पर है, जिसे आमतौर पर ऑटो सेक्टर की सबसे मज़बूत बिक्री अवधि माना जाता है। उद्योग विश्लेषकों का अनुमान है कि EV खंड में वृद्धि की गति बनी रहेगी, विशेष रूप से दोपहिया और पैसेंजर वाहन सेगमेंट में।