जुलाई में EV बिक्री रिकॉर्ड 3,27,901 इकाई, सालाना 66% उछाल; हर 8 में से 1 वाहन इलेक्ट्रिक
सारांश
मुख्य बातें
फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशंस (फाडा) के 7 अगस्त 2026 को जारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई 2026 में भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की खुदरा बिक्री अब तक के सर्वोच्च स्तर 3,27,901 इकाई पर पहुँच गई — जो सालाना आधार पर 66 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि है। यह आंकड़ा इस बात का प्रमाण है कि देश में बिकने वाले प्रत्येक 8 वाहनों में से करीब 1 अब इलेक्ट्रिक है।
दोपहिया वाहनों ने पार किया 2 लाख का ऐतिहासिक आंकड़ा
इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों ने इस महीने पहली बार 2 लाख इकाई का आंकड़ा पार किया। फाडा के अनुसार, जुलाई में इनकी खुदरा बिक्री सालाना आधार पर 88.3 प्रतिशत बढ़कर 2,04,362 इकाई रही। इस श्रेणी में बाजार हिस्सेदारी एक साल पहले के 7.7 प्रतिशत से बढ़कर 11.2 प्रतिशत हो गई।
टीवीएस मोटर 55,499 इकाइयों की बिक्री के साथ इलेक्ट्रिक दोपहिया बाजार में शीर्ष पर रही। बजाज ऑटो 45,613 इकाइयों के साथ दूसरे और एथर एनर्जी 30,357 इकाइयों के साथ तीसरे स्थान पर रही। ओला इलेक्ट्रिक ने इस दौरान 14,106 इकाइयाँ बेचीं।
तिपहिया वाहनों में इलेक्ट्रिक बना पहली पसंद
इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहनों की खुदरा बिक्री सालाना आधार पर 25.3 प्रतिशत बढ़कर 87,055 इकाई रही। इस श्रेणी में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी 65.1 प्रतिशत तक पहुँच गई, जो दर्शाता है कि तिपहिया खंड में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी अब डिफ़ॉल्ट विकल्प बन चुकी है। महिंद्रा समूह 14,191 इकाइयों के साथ इस खंड में अग्रणी रहा, जबकि बजाज ऑटो 13,442 इकाइयों के साथ दूसरे स्थान पर रहा।
यात्री और वाणिज्यिक वाहनों में भी तेज़ रफ्तार
इलेक्ट्रिक यात्री वाहनों की खुदरा बिक्री सालाना आधार पर 83.1 प्रतिशत बढ़कर 32,928 इकाई रही। इनकी बाजार हिस्सेदारी जुलाई 2025 के 5 प्रतिशत से बढ़कर करीब 8 प्रतिशत हो गई। टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स 13,678 इकाइयों के साथ शीर्ष पर रही। इसके बाद महिंद्रा एंड महिंद्रा (7,742 इकाइयाँ) और जेएसडब्ल्यू एमजी मोटर इंडिया (5,689 इकाइयाँ) रहे।
इलेक्ट्रिक वाणिज्यिक वाहनों ने सबसे तीव्र वृद्धि दर्ज की — सालाना आधार पर करीब 181 प्रतिशत की उछाल के साथ बिक्री 3,556 इकाई रही। इस खंड में बाजार हिस्सेदारी 1.65 प्रतिशत से बढ़कर 3.57 प्रतिशत हो गई। टाटा मोटर्स 1,306 इकाइयों के साथ इस खंड में भी अग्रणी रही।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
फाडा के उपाध्यक्ष साई गिरिधर ने कहा कि ये आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि ईवी को अपनाना अब भविष्य का अनुमान नहीं, बल्कि बाजार की वास्तविकता बन चुका है। उन्होंने कहा, 'दोपहिया वाहनों ने पहली बार दो लाख का आंकड़ा पार किया है, तिपहिया वाहनों में इलेक्ट्रिक वाहन डिफ़ॉल्ट विकल्प बन गए हैं, वाणिज्यिक वाहनों में बेड़े का विद्युतीकरण हो रहा है और आपूर्ति संबंधी बाधाओं के बावजूद यात्री इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग मजबूत बनी हुई है।'
आगे क्या
फाडा के अनुसार, सभी वाहन श्रेणियों में व्यापक आधार पर हुई यह वृद्धि भारत के इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ओर संरचनात्मक बदलाव की गति को रेखांकित करती है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब सरकार की EMPS और PM E-Drive जैसी प्रोत्साहन योजनाएँ बाजार में सक्रिय हैं। आने वाले महीनों में नए मॉडल लॉन्च और त्योहारी सीजन की मांग इस गति को और तेज़ कर सकती है।