अभिषेक शर्मा की बिल्ली तारा: 'वसुधा' स्टार बोले — 'तेज बारिश की वह रात जब तारा मेरा परिवार बन गई'
सारांश
मुख्य बातें
टीवी शो 'वसुधा' में लीड रोल निभा रहे अभिनेता अभिषेक शर्मा ने खुलासा किया है कि उनकी बिल्ली तारा के साथ उनका रिश्ता एक साधारण पालतू-मालिक के संबंध से कहीं आगे जा चुका है। 5 अक्टूबर को विश्व पशु दिवस के अवसर पर अभिषेक ने बताया कि तारा पहले महज खाना खाने उनके घर आती थी और फिर बाहर चली जाती थी — लेकिन एक तूफानी रात की घटना ने दोनों के बीच के इस अनौपचारिक रिश्ते को हमेशा के लिए बदल दिया।
खाना खाने आती थी, फिर चली जाती थी
अभिषेक ने बताया कि तारा कई हफ्तों और महीनों तक उनके घर आती रही — खाना खाती, थोड़ा वक्त बिताती और फिर बाहर खेलने निकल जाती। वह एक स्ट्रीट कैट थी जिसने धीरे-धीरे उनके दरवाज़े को अपना ठिकाना बना लिया था, लेकिन रिश्ते की वह गहराई अभी आनी बाकी थी।
अभिषेक ने कहा, 'मैं बचपन से ही पेट्स के साथ रहा हूँ और मेरी बिल्ली ने मुझे प्यार को एक अलग नज़रिए से समझना सिखाया है। प्यार जताने के लिए हमेशा शब्दों या किसी बड़े जेस्चर की ज़रूरत नहीं होती। कई बार किसी का चुपचाप आपके पास बैठना भी बहुत कुछ कह जाता है। मेरी बिल्ली जब मुझे देखकर धीरे-धीरे आँखें झपकाती है, तो मुझे एक अलग तरह का सुकून मिलता है।'
वह रात जिसने सब बदल दिया
अभिषेक के अनुसार, एक रात तेज़ बारिश के बीच तारा पूरी तरह भीगी हुई उनके घर लौटी। दूसरी स्ट्रीट कैट्स के साथ उसकी लड़ाई हुई थी — शरीर पर चोट के निशान थे और खून भी निकल रहा था। उस पल ने अभिषेक के भीतर कुछ बदल दिया।
उन्होंने कहा, 'मैं बिना देर किए तारा को डॉक्टर के पास ले गया और उसका इलाज कराया। उस दिन मुझे एहसास हुआ कि यह सिर्फ एक बिल्ली नहीं है जो मेरे घर खाना खाने आती है। यह मेरा परिवार है।'
अब दिन की शुरुआत तारा से होती है
अभिषेक बताते हैं कि अब उनकी दिनचर्या पूरी तरह तारा के इर्द-गिर्द बुनी हुई है। वे कहते हैं, 'अब मैं अपना दिन उसकी ज़रूरतों के हिसाब से प्लान करता हूँ। मैं जब भी काम पर जाता हूँ, तो सोचता हूँ कि तारा ने खाना खाया या नहीं, उसका मूड कैसा है, और उसकी तबीयत कैसी होगी। मेरे लिए वह अब एक ऐसी ज़िम्मेदारी है, जिसमें प्यार और लगाव दोनों शामिल हैं।'
घर में तारा उनका साया बन चुकी है — किचन से बेडरूम, लिविंग रूम से वॉशरूम तक, जहाँ अभिषेक जाते हैं, वह पीछे-पीछे चलती है।
तारा पढ़ लेती है मूड
अभिषेक का कहना है कि तारा उनकी भावनाओं को बिना किसी शब्द के भाँप लेती है। उन्होंने कहा, 'तारा मेरे घर में कदम रखते ही पहचान लेती है कि मैं खुश हूँ, दुखी हूँ, परेशान हूँ या गुस्से में हूँ। अगर मैं तनाव में हूँ, तो तारा मेरे आसपास ही रहती है और चुपचाप मेरे पास बैठ जाती है।'
यह बॉन्ड इस बात की मिसाल है कि कैसे एक स्ट्रीट एनिमल का भरोसा जीतकर उसे परिवार का हिस्सा बनाया जा सकता है — और यही संदेश अभिषेक विश्व पशु दिवस पर देना चाहते हैं।