उत्तम क्षमा पर अंकिता लोखंडे और विक्की जैन ने माँगी माफी, इंस्टाग्राम पर शेयर कीं मंदिर तस्वीरें
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेत्री अंकिता लोखंडे और उनके पति विक्की जैन ने 27 सितंबर 2026 को उत्तम क्षमा के पावन अवसर पर सभी से क्षमा-याचना की। दिगंबर जैन परंपरा में इस दिन को आत्मशुद्धि और मानसिक चिंतन का प्रतीक माना जाता है, जब श्रद्धालु जाने-अनजाने हुई भूलों के लिए दूसरों से माफी माँगते और उन्हें क्षमा करते हैं।
उत्तम क्षमा का महत्व
दिगंबर जैन समुदाय के लिए उत्तम क्षमा आध्यात्मिक नवीकरण का दिन है। इस अवसर पर समुदाय के सदस्य पूजा-पाठ, उपवास और आत्ममंथन के ज़रिए अपने भीतर के विकारों को दूर करने का प्रयास करते हैं। परंपरा के अनुसार, इस दिन किसी से भी कोई शत्रुता न रखकर मन को निर्मल बनाना सर्वोच्च धर्म माना जाता है।
अंकिता की इंस्टाग्राम पोस्ट
अंकिता ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल पर मंदिर यात्रा की कई तस्वीरें साझा कीं, जिनमें वे पति विक्की जैन के साथ नारंगी साड़ी में दिखाई दीं। तस्वीरों के साथ उन्होंने कैप्शन में लिखा, 'साफ दिल के साथ हम उन सभी से माफी माँगते हैं, जिन्हें जाने-अनजाने हमारी वजह से किसी भी तरह की ठेस पहुँची हो। उत्तम क्षमा।'
सेलेब्स की प्रतिक्रिया
इस पोस्ट पर अभिनेता अर्जुन बिजलानी ने हास्यपूर्ण अंदाज़ में टिप्पणी की। उन्होंने कमेंट में लिखा, 'चल माफ किया,' साथ में हँसते हुए इमोजी का भी इस्तेमाल किया। पोस्ट पर अन्य प्रशंसकों और साथी कलाकारों की भी सकारात्मक प्रतिक्रियाएँ देखने को मिलीं।
त्योहारों में सक्रिय रहता है यह जोड़ा
गौरतलब है कि अंकिता और विक्की अलग-अलग त्योहारों को पूरे उत्साह के साथ मनाने के लिए जाने जाते हैं। हाल ही में अंकिता ने अपने घर पर परिजनों और मित्रों के साथ गौरी-गणपति उत्सव का भव्य आयोजन किया था। इस आयोजन में टीवी प्रोड्यूसर एकता कपूर भी शामिल हुई थीं। सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में अंकिता, एकता को महाराष्ट्र की गौरी स्थापना परंपरा और इससे जुड़ी मान्यताओं के बारे में विस्तार से बताती नज़र आईं — जिसमें उन्होंने समझाया कि गौरी मां पर्व के दौरान अपने मायके आती हैं और भगवान गणेश के साथ वापस जाती हैं, जिसे गौरी-गणपति विसर्जन के रूप में मनाया जाता है।
आगे क्या
अंकिता लोखंडे और विक्की जैन की यह सांस्कृतिक और धार्मिक सक्रियता उनके प्रशंसकों के बीच हमेशा सराही जाती है। उत्तम क्षमा का यह सार्वजनिक संदेश जैन समुदाय की भावनाओं को व्यापक सामाजिक मंच पर पहुँचाने का एक प्रयास भी माना जा रहा है।