अनुपम खेर का लॉस एंजिल्स में देसी अंदाज़: महावाणिज्य दूतावास में तिरंगे संग गर्व का पल
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेता अनुपम खेर इन दिनों अपने चर्चित बहुभाषी नाटक 'जाने पहचाने अनजाने' के अमेरिका कनाडा दौरे पर हैं। बुधवार, 16 सितंबर 2026 को उन्होंने बताया कि लॉस एंजिल्स में भारत के महावाणिज्य दूत डॉ. के. जे. श्रीनिवास से उनकी विशेष मुलाकात हुई, जो उनके लिए एक यादगार और भावनात्मक अनुभव रहा।
महावाणिज्य दूतावास का दौरा
खेर ने इंस्टाग्राम पर डॉ. श्रीनिवास के साथ खींची गई तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, 'इंडिया इन एलए।' उन्होंने पूरी कास्ट और क्रू के साथ लॉस एंजिल्स स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास की यात्रा को 'बेहद सुखद अनुभव' बताया। अपनी पोस्ट में उन्होंने आगे लिखा, "वहाँ खड़े होकर अपना तिरंगा देखना और वहाँ के शानदार स्टाफ से मिलना, हम सभी के लिए गर्व से भर देने वाला पल था।"
डॉ. के. जे. श्रीनिवास और उनके सहयोगियों की गर्मजोशी और मेहमाननवाज़ी की तारीफ़ करते हुए अनुपम खेर ने कहा, "हमें घर से इतनी दूर भी घर जैसा एहसास हुआ। जय हिंद।"
नाटक 'जाने पहचाने अनजाने' का दौरा
अनुपम खेर इस वक्त अमेरिका और कनाडा में अपने हिट नाटक 'जाने पहचाने अनजाने' का मंचन कर रहे हैं। यह नाटक हिंदी, पंजाबी और अंग्रेज़ी — तीन भाषाओं में प्रस्तुत किया जा रहा है। इसमें उनके साथ अभिनेत्री स्वरूप संपत भी मुख्य भूमिका में हैं। नाटक का यह दौरा ह्यूस्टन से शुरू हुआ और अब लॉस एंजिल्स, वैंकूवर (सरे, कनाडा) सहित अन्य शहरों में भी इसकी प्रस्तुति हो रही है।
आगामी फ़िल्मी परियोजनाएँ
रंगमंच के साथ साथ अनुपम खेर की फ़िल्मी परियोजनाओं की सूची भी भरी पूरी है। उनके हाथ में फ़िलहाल तीन बड़ी फ़िल्में हैं — 'ये प्रेम मोल लिया', 'श्री राम जन्मभूमि' और 'खोसला का घोसला 2'।
म्यूज़िकल पारिवारिक फ़िल्म 'ये प्रेम मोल लिया' में आयुष्मान खुराना और शरवरी वाघ मुख्य भूमिकाओं में हैं, जबकि खेर एक अहम किरदार निभा रहे हैं। 'श्री राम जन्मभूमि' में वे विश्व हिंदू परिषद (VHP) के दिवंगत नेता अशोक सिंघल की भूमिका में नज़र आएंगे — यह फ़िल्म अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण और उससे जुड़े दशकों के संघर्ष की ऐतिहासिक यात्रा को पर्दे पर उतारेगी।
वहीं, 'खोसला का घोसला 2' साल 2006 की कल्ट क्लासिक कॉमेडी ड्रामा का सीक्वल है, जिसकी शूटिंग मुख्यतः दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में पूरी हो चुकी है।
प्रवासी भारतीयों से जुड़ाव
गौरतलब है कि अनुपम खेर का यह दौरा केवल एक कलात्मक यात्रा नहीं है — यह विदेशों में बसे भारतीय समुदाय के साथ सांस्कृतिक सेतु बनाने की भी कोशिश है। महावाणिज्य दूतावास की इस यात्रा ने न केवल उनकी देशभक्ति को सामने रखा, बल्कि भारतीय कूटनीतिक उपस्थिति के साथ कलाकारों के जुड़ाव की एक मिसाल भी पेश की। आने वाले हफ्तों में नाटक के और शो तय हैं, और फ़िल्मों की रिलीज़ डेट्स का इंतज़ार दर्शकों को बेसब्री से है।