अनुपम खेर ने अमिताभ बच्चन संग लंदन रिहर्सल का पुराना वीडियो साझा किया, '80-90 के दशक' को बताया स्वर्णिम दौर
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेता अनुपम खेर ने सोमवार, 19 अक्टूबर को अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर अमिताभ बच्चन के साथ बिताए एक यादगार पल का पुराना वीडियो साझा किया। यह वीडियो लंदन में आयोजित 'जुम्मा चुम्मा शो' की रिहर्सल के दौरान का है, जिसमें दोनों दिग्गज कलाकार बेहद मस्ती के मूड में नज़र आ रहे हैं।
वीडियो में क्या है
वीडियो में अनुपम खेर फिल्म 'दीवाना' के मशहूर गाने 'सोचेंगे तुम्हें प्यार' का पैरोडी संस्करण गाने की कोशिश करते दिखाई दे रहे हैं। इसी दौरान अमिताभ बच्चन उन्हें सुर और ताल में गाने की सलाह देते नज़र आते हैं। दोनों के बीच की यह सहज मस्ती और आपसी तालमेल प्रशंसकों को हिंदी सिनेमा के उस दौर की याद दिलाती है।
खेर ने क्या लिखा
वीडियो के साथ अनुपम खेर ने लिखा कि यहाँ अमिताभ बच्चन उनकी गायकी में ताल लाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं, जबकि वे स्वयं गंजे लोगों पर एक पैरोडी गाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने आगे लिखा कि यह प्यारा-सा क्लिप लंदन में उनके शानदार जुम्मा चुम्मा शो की रिहर्सल का है। खेर ने अमिताभ बच्चन को टैग करते हुए भावुक शब्दों में लिखा — 'वाह! क्या दिन थे!'
80-90 के दशक को बताया हिंदी सिनेमा का स्वर्णिम दौर
अनुपम खेर ने बताया कि उन्होंने 1984 में हिंदी फिल्मों में कदम रखा था, इसलिए उससे पहले के वर्षों का व्यक्तिगत अनुभव उन्हें नहीं है। हालाँकि उनके अनुसार, 80 और 90 का दशक हमेशा उनके लिए हिंदी सिनेमा का स्वर्णिम दौर रहेगा। उन्होंने लिखा कि उस समय लोगों के बीच बेहद प्यार, अपनापन और एक-दूसरे के साथ असीम सहजता हुआ करती थी — कड़ी मेहनत के साथ-साथ खूब हँसी भी।
बच्चन से मिली सीख
खेर ने इस पोस्ट में अपनी भावनाएँ साझा करते हुए लिखा कि बच्चन साहब से उन्होंने जो सबसे बेहतरीन बातें सीखीं, उनमें एक यह है कि हमेशा अपने अंदर के मजाकिया अंदाज को जीवित रखना चाहिए। उन्होंने माना कि उन पलों ने उन्हें वो इंसान बनाया जो वे आज हैं। वीडियो देखते ही वे कुछ पलों के लिए उसी रिहर्सल में लौट गए, जहाँ वे अपनी 'ताल' तलाशने की जद्दोजहद में थे।
प्रशंसकों की प्रतिक्रिया
यह पोस्ट सामने आते ही प्रशंसकों में खासी चर्चा हो गई। दोनों अभिनेताओं के पुराने समय की मस्ती और बेफिक्री देख दर्शकों ने हिंदी सिनेमा के उस दौर को याद किया, जब फिल्म उद्योग एक परिवार की तरह था। अनुपम खेर ने स्पष्ट किया कि आज भी लोगों के बीच प्यार है, लेकिन वो दिन उनके दिल में एक बेहद खास जगह रखते हैं। यह वीडियो एक बार फिर साबित करता है कि हिंदी सिनेमा की सच्ची विरासत सिर्फ फिल्मों में नहीं, बल्कि उन अनमोल रिश्तों में भी बसती है जो परदे के पीछे बनते हैं।