देबीना बनर्जी: 'मातृत्व ने मुझे असीमित बनाया', फिल्म 'तुम मेरे हो' से कमबैक
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेत्री और निर्माता देबीना बनर्जी अपनी आगामी फिल्म 'तुम मेरे हो' की रिलीज से पहले खुलकर बोलीं — मातृत्व ने उन्हें कमज़ोर नहीं, बल्कि और अधिक सशक्त बनाया है। मुंबई में हुई बातचीत में उन्होंने अपने करियर, मातृत्व और एक स्वतंत्र फिल्म निर्माता के रूप में आने वाली चुनौतियों पर बेबाक राय रखी।
मातृत्व और करियर: दो पहिए एक साथ
देबीना ने कहा, "मातृत्व अपनी जगह है और हमारा काम अपनी जगह।" उनके अनुसार, जब एक महिला यह तय कर लेती है कि वह बहुत कुछ कर सकती है, तो माँ बनने के बाद उसे यह एहसास होता है कि वह सच में असीमित है। उन्होंने कहा, "जब आप एक बच्चे को जन्म देती हैं, तब आपको समझ आता है कि आप एक नई ज़िंदगी बना सकती हैं। इससे बड़ी बात और क्या हो सकती है?"
यह बयान ऐसे समय में आया है जब बॉलीवुड में कई अभिनेत्रियाँ माँ बनने के बाद करियर में उतार चढ़ाव का सामना करती हैं। देबीना ने इस रूढ़िवादी धारणा को चुनौती देते हुए स्पष्ट किया कि दोनों भूमिकाएँ एक दूसरे की विरोधी नहीं हैं।
महिला निर्माता की राह: चुनौतियाँ और बदलाव
एक महिला प्रोड्यूसर के रूप में अपने अनुभव पर देबीना ने कहा कि सिर्फ फिल्म इंडस्ट्री ही नहीं, हर क्षेत्र में महिलाओं को कम गंभीरता से लिया जाता है। उन्होंने कहा, "लोगों को लगता है कि फैसले वही लेंगे, लेकिन अब बदलाव हो रहा है।" उन्होंने यह भी जोड़ा कि उनके पति गुरमीत चौधरी हमेशा उनके साथ खड़े रहते हैं, जिससे चुनौतियाँ कम महसूस होती हैं।
गौरतलब है कि उनकी प्रोडक्शन की साझेदार, रीवा क्रिएटिव्स, को भी एक महिला ही लीड करती हैं — यह तथ्य उनकी टीम की साझा सोच को रेखांकित करता है। देबीना ने कहा, "हम अपनी बात बहुत स्पष्ट रूप से रखते हैं। हमें जो चाहिए, वही चाहिए, और उसमें कोई समझौता नहीं।"
छोटी फिल्मों के लिए थिएटर स्पेस की जंग
जब बड़े बजट की फिल्मों के साथ एक साथ रिलीज का सवाल आया, तो देबीना ने सीधे कहा कि बड़ी फिल्में बहुत सारे थिएटर ब्लॉक कर लेती हैं। उन्होंने कहा, "जब तक आप अपनी ज़मीन मज़बूत नहीं करते और अपनी काबिलियत साबित नहीं करते, तब तक आप ज़्यादा कुछ नहीं कर सकते।"
उनका तर्क था कि दर्शकों की रुचि के अनुसार शोज़ मिलने चाहिए और वो शोज़ अच्छे थिएटर्स में होने चाहिए। उन्होंने माना कि कम बजट में थिएटर स्पेस सुनिश्चित करना मुश्किल है, लेकिन नामुमकिन नहीं।
सारेगामा से जुड़ाव और आगे की राह
देबीना ने बताया कि अपनी पहली फिल्म के दौरान कई जगह लोगों को मनाना मुश्किल था, लेकिन काम दिखाने के बाद सारेगामा उनके साथ जुड़ा। उन्होंने आशा जताई कि आगामी प्रोजेक्ट्स में भारतीय सिंगर्स और कंपोज़र्स के साथ काम करने से गाने जल्दी बिकेंगे।
उनका मानना है कि चीज़ें धीरे धीरे आसान होंगी — लेकिन तभी, जब दर्शक सिनेमाघर जाकर फिल्म देखें और उसे एक उचित मौका दें। यह स्पष्ट है कि देबीना बनर्जी एक अभिनेत्री से आगे बढ़कर एक दृढ़ निर्माता के रूप में अपनी पहचान बना रही हैं।