रुबीना दिलैक का दर्द: 'मम्मा आ जाओ' सुनकर टूट जाता है दिल, जुड़वां बच्चों से दूर केप टाउन में शूटिंग
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेत्री रुबीना दिलैक इन दिनों मातृत्व और करियर के बीच उस भावनात्मक खींचतान को जी रही हैं, जिससे हर कामकाजी माँ गुज़रती है। रोहित शेट्टी के स्टंट-आधारित रियलिटी शो 'खतरों के खिलाड़ी 15' की शूटिंग के लिए वह इस समय दक्षिण अफ्रीका के केप टाउन में हैं, जबकि उनकी जुड़वां बेटियाँ मुंबई में घर पर हैं। वीडियो कॉल पर बेटियों का 'मम्मा आ जाओ' सुनकर उनका दिल टूट जाता है — यह पीड़ा उन्होंने खुलकर साझा की।
वीडियो कॉल पर बेटियों की आवाज़ और भावनात्मक पीड़ा
रुबीना ने बताया कि जब वह काम के सिलसिले में बाहर होती हैं, तो वीडियो कॉल पर उनकी बेटियाँ रोते हुए 'मम्मा आ जाओ, मम्मा आ जाओ' कहती हैं। उन्होंने कहा, 'वीडियो कॉल तो होते रहते हैं, लेकिन शारीरिक अपनापन नहीं मिल पाता। उनकी वह आवाज़ सुनकर मेरा दिल पसीज जाता है।' यह भावनात्मक दूरी उनके लिए किसी भी शारीरिक चुनौती से बड़ी है।
करियर और मातृत्व के बीच संतुलन की चुनौती
रुबीना ने स्वीकार किया कि वह अभी भी इस संतुलन को समझने की कोशिश में हैं। उनके शब्दों में, 'मुझे नहीं पता कि मैं इन दोनों के बीच संतुलन कैसे बना पाऊंगी। मैं पूरी तरह तैयार भी नहीं हूं। असल में कोई भी आपको माँ बनने के लिए पहले से तैयार नहीं करता।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि यह केवल उनकी नहीं, बल्कि हर कामकाजी माँ की साझा चुनौती है।
'खतरों के खिलाड़ी 15' और माँ होने का एहसास
40 दिनों के शेड्यूल वाले इस शो के बारे में बात करते हुए रुबीना ने कहा कि माँ बनने के बाद कुदरत इंसान को बेहद सतर्क कर देती है। उन्होंने कहा, 'शो में दूसरों के लिए खतरे शारीरिक होंगे, लेकिन मेरे लिए सबसे बड़ी चुनौती भावनाओं पर काबू पाना होगा।' यह सुरक्षा का भाव कभी-कभी उनके खिलाफ भी काम कर सकता है, यह वह मानती हैं।
सपनों को बेटियों के साथ पूरा करने का संकल्प
भावनात्मक मुश्किलों के बावजूद रुबीना अपने करियर के सपनों को नहीं छोड़ना चाहतीं। उन्होंने कहा, 'इसका मतलब यह नहीं कि हम बड़े सपने देखना बंद कर दें। मैं अपने परिवार को साथ लेकर आगे बढ़ना चाहती हूं और अपनी बेटियों को यह एहसास दिलाना चाहती हूं कि उनकी मम्मा ने अपने सपनों को उनके साथ रहते हुए ही पूरा किया।' यह संकल्प उन्हें केप टाउन की हर कठिन चुनौती से गुज़रने की ताकत देता है।