फिक्की फ्रेम्स 2026: इरफान पठान बोले — 'भारत के क्रिकेट को अभी और आगे जाना है'
सारांश
मुख्य बातें
पूर्व भारतीय क्रिकेटर इरफान पठान और अभिनेता एवं लोकसभा सांसद रवि किशन ने 30 सितंबर 2026 को मुंबई में आयोजित फिक्की फ्रेम्स 2026 सम्मेलन में भाग लिया, जहाँ दोनों ने क्रिकेट और मनोरंजन उद्योग के भविष्य पर अपने विचार साझा किए। पठान ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारतीय क्रिकेट की यात्रा अभी पूरी नहीं हुई है और आगे और भी संभावनाएँ हैं।
इरफान पठान का क्रिकेट पर नज़रिया
इरफान पठान ने फिक्की फ्रेम्स के पैनल सत्र में कहा, 'सबको लगता है कि भारत का क्रिकेट बहुत आगे के स्तर तक पहुंच गया है लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं है।' उन्होंने जोड़ा कि अभी भी बहुत कुछ हासिल करना बाकी है और क्रिकेट में आने वाले समय में अपार संभावनाएँ हैं। उनके अनुसार, 'क्रिकेट में बहुत स्कोप है और आने वाले समय में क्रिकेट बहुत कुछ हासिल करेगा।'
गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारतीय क्रिकेट वैश्विक स्तर पर अपनी पकड़ मज़बूत कर रहा है और घरेलू लीग तथा अंतरराष्ट्रीय प्रसारण के ज़रिए इसकी व्यावसायिक पहुँच लगातार बढ़ रही है।
रवि किशन की भोजपुरी कमेंट्री पर बात
लोकसभा सांसद एवं अभिनेता रवि किशन ने सत्र को 'शानदार' बताते हुए कहा कि इरफान पठान, सभी पैनलिस्ट और जियो स्टार की पूरी टीम के साथ यह एक यादगार अनुभव रहा। उन्होंने विशेष रूप से भोजपुरी भाषा में क्रिकेट कमेंट्री की सफलता का उल्लेख किया।
रवि किशन ने कहा, 'कैसे एक भोजपुरी भाषा ने क्रिकेट की दुनिया को इतना बड़ा नंबर दिया, ये देखना काफी आश्चर्यजनक था कि क्षेत्रीय भाषा इतने बड़े नंबर तक पहुंच सकती है।' उन्होंने उत्तर प्रदेश और बिहार के दर्शकों का आभार जताया जिन्होंने उनकी भोजपुरी कमेंट्री को भरपूर प्यार दिया।
क्षेत्रीय भाषाओं की बढ़ती ताकत
रवि किशन के इस बयान ने क्रिकेट प्रसारण में क्षेत्रीय भाषाओं की बढ़ती भूमिका को रेखांकित किया। उनका कहना था कि दर्शकों को 'अपनी भाषा में गेम सुनना पसंद आया' और जब उनका परिचित चेहरा — चाहे वह उनका हीरो हो, अभिनेता हो या सांसद — उनसे उनकी अपनी भाषा में मुखातिब हो, तो जुड़ाव स्वाभाविक रूप से गहरा हो जाता है। यह प्रवृत्ति भारत में मीडिया उपभोग के बदलते स्वरूप को दर्शाती है।
फिक्की और भारत की आर्थिक वृद्धि
रवि किशन ने फिक्की का आभार व्यक्त करते हुए कहा, 'फिक्की के इस सेशन से भारत की इकोनॉमी ग्रोथ को लेकर बहुत जागरुकता फैल रही है।' उन्होंने कहा कि फिक्की फ्रेम्स जैसे मंच नए भारत की विकास गाथा को देशभर तक पहुँचाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं और उन्होंने आशा जताई कि यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।
आगे क्या
फिक्की फ्रेम्स 2026 का यह सत्र क्रिकेट, मनोरंजन और क्षेत्रीय मीडिया के बीच बढ़ते तालमेल को उजागर करता है। उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार, भोजपुरी जैसी क्षेत्रीय भाषाओं में खेल प्रसारण की बढ़ती माँग आने वाले वर्षों में प्रसारकों की रणनीति को और अधिक प्रभावित करेगी।