टाइगर श्रॉफ पर गोलीबारी: संजय शर्मा बोले — फिल्म जगत को दोबारा दहशत के दौर में नहीं जाने देंगे
सारांश
मुख्य बातें
फिल्म 'सहिया' के निर्माता एवं निर्देशक संजय शर्मा ने 20 अक्टूबर 2026 को अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुई गोलीबारी की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि फिल्म उद्योग से जुड़े लोगों को निशाना बनाने की घटनाएं बेहद गंभीर और चिंताजनक हैं। उन्होंने महाराष्ट्र सरकार और मुंबई पुलिस से तत्काल हस्तक्षेप की माँग की है।
क्या है पूरा मामला
संजय शर्मा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी कलाकार पर हमला पूरे फिल्म जगत के भीतर असुरक्षा का माहौल पैदा करता है। उनके अनुसार, कलाकार अपनी मेहनत और प्रतिभा से लोगों का मनोरंजन करते हैं, देश को पहचान देते हैं और लाखों लोगों की आजीविका से जुड़े उद्योग को आगे बढ़ाते हैं। ऐसे में उन्हें डर और धमकियों के साये में काम करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।
शर्मा ने याद दिलाया कि मुंबई का फिल्म उद्योग पहले भी धमकियों, जबरन वसूली और हमलों का दौर देख चुका है। उनका कहना है कि उस दौर की दहशत को दोबारा लौटने देना बेहद खतरनाक होगा।
कलाकारों और फिल्मकर्मियों पर असर
शर्मा ने कहा कि किसी अभिनेता, निर्माता, निर्देशक, गायक या अन्य फिल्मकर्मी को यह सोचकर घर से नहीं निकलना चाहिए कि उसकी जान को खतरा हो सकता है। उनके अनुसार, फिल्म जगत में भय का माहौल बनने का असर कलाकारों के परिवारों, शूटिंग पर मौजूद तकनीकी कर्मचारियों और पूरे कामकाज पर पड़ता है।
यह ऐसे समय में आया है जब मनोरंजन उद्योग पहले से ही ओटीटी प्रतिस्पर्धा और बदलते दर्शक व्यवहार के बीच नई चुनौतियों से जूझ रहा है। ऐसे में सुरक्षा का संकट उद्योग की उत्पादकता को गहरी चोट पहुँचा सकता है।
सुरक्षा व्यवस्था पर माँग
शर्मा ने खुफिया तंत्र को और मजबूत करने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था केवल घटना हो जाने के बाद सक्रिय होने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए — खतरे की समय रहते पहचान, धमकी देने वालों की निगरानी और संबंधित एजेंसियों के बीच सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान आवश्यक है।
उन्होंने यह भी माँग की कि जिन कलाकारों या फिल्मकर्मियों को धमकियाँ मिल रही हैं, उनके खतरे का तत्काल आकलन कर आवश्यक सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए। शिकायत दर्ज कराने और पुलिस से मदद लेने की ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए जिसमें पीड़ित बिना झिझक अपनी बात रख सके।
अपराधी नेटवर्क के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की अपील
शर्मा ने कहा कि जो गैंगस्टर फिल्म उद्योग के लोगों को धमकाते हैं, उनके खिलाफ कानून के तहत कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। उनके अनुसार, हमले को अंजाम देने वालों के साथ-साथ साजिश रचने, हथियार उपलब्ध कराने, आर्थिक मदद देने और धमकियाँ पहुँचाने वाले पूरे नेटवर्क तक जाँच पहुँचनी चाहिए।
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब मुंबई के फिल्म उद्योग ने संगठित अपराध से उपजी धमकियों का सामना किया हो। 1990 के दशक में भी कई बड़े नामों को इसी तरह के खतरों से जूझना पड़ा था।
फिल्म संगठनों से एकजुटता की अपील
शर्मा ने फिल्म संगठनों से भी कलाकारों और कर्मचारियों की सुरक्षा के मुद्दे पर एकजुट होकर सरकार तथा पुलिस के साथ समन्वय करने की अपील की। उन्होंने कहा, 'सुरक्षित माहौल हर कलाकार और फिल्मकर्मी का अधिकार है।'
शर्मा ने टाइगर श्रॉफ और उनके परिवार के साथ एकजुटता व्यक्त करते हुए इस घटना की निष्पक्ष और गहन जाँच तथा जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग दोहराई। उनका कहना है — दहशत को सामान्य स्थिति मान लेना किसी भी सभ्य समाज के लिए स्वीकार्य नहीं।