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क्या गजराज राव ने गुलजार को जन्मदिन की बधाई दी? बोले- 'वो गुल नहीं, उनकी खुशबू हैं'

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क्या गजराज राव ने गुलजार को जन्मदिन की बधाई दी? बोले- 'वो गुल नहीं, उनकी खुशबू हैं'

सारांश

गजराज राव ने गुलजार को एक विशेष कविता के माध्यम से जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। उनके शब्दों ने बताया कि कैसे गुलजार की लेखनी ने उनके जीवन और सिनेमा को प्रभावित किया है। इस लेख में जानें गजराज की भावनाएं और गुलजार के प्रति उनकी कृतज्ञता।

मुख्य बातें

गुलजार की रचनाएँ लोगों के जीवन को प्रभावित करती हैं।
गजराज राव ने गुलजार को बधाई देकर अपनी कृतज्ञता व्यक्त की।
गुलजार की खुशबू दशकों से लोगों के दिलों में बसी हुई है।
गजराज की फिल्में दर्शकों को प्रेरित करती हैं।
अभिनय में गजराज राव का योगदान उल्लेखनीय है।

मुंबई, 18 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। अभिनेता गजराज राव सोशल मीडिया पर हमेशा अनोखे किस्से और कहानियाँ अपने प्रशंसकों के साथ साझा करते हैं। उन्होंने एक विशेष कविता के माध्यम से गीतकार गुलजार को जन्मदिन की बधाई दी है।

गुलजार, जो एक प्रसिद्ध गीतकार, लेखक और फिल्म निर्माता हैं, को उनके जन्मदिन पर काव्यात्मक अंदाज में शुभकामनाएं दी गईं। गजराज ने गुलजार की प्रशंसा करते हुए एक कविता में उनके शब्दों और सिनेमा पर उनके जीवन के प्रभाव को उजागर किया। उन्होंने बताया कि गुलजार साहब के सुंदर शब्दों ने उनकी जिंदगी में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

गजराज ने इंस्टाग्राम पर गुलजार के साथ अपनी एक तस्वीर साझा करते हुए लिखा, “गुलजार साहब, गुल नहीं… उनकी खुशबू हैं और यह खुशबू अपनी ताजगी के साथ दशकों से हमारे बीच है। उनके खूबसूरत शब्दों और अद्वितीय फिल्मों ने उन्हें प्रसिद्धि दिलाई है। लेकिन, हमें ज़िंदगी दी।”

गजराज ने आगे लिखा, “गुलजार साहब की लेखनी ने हमें लिखने-पढ़ने, देखने-समझने की थोड़ी बहुत तमीज दी। उनकी किताबें और उनका सिनेमा हमारे जीवन का हिस्सा हैं। हम कितने भाग्यशाली हैं। हर बात के लिए धन्यवाद, गुलजार साहब। आपको जन्मदिन की शुभकामनाएं।”

गजराज राव के बारे में जानकारी दें कि उन्हें इंडस्ट्री के बेहतरीन अभिनेताओं में से एक माना जाता है। उनके स्वाभाविक अभिनय की छाप कई फिल्मों में दिखाई देती है। 1994 में शेखर कपूर की फिल्म 'बैंडिट क्वीन' में छोटी सी भूमिका के साथ उन्होंने अपने अभिनय करियर की शुरुआत की। इसके बाद, उन्होंने कई फिल्मों और वेब-सीरीज़ में भी काम किया।

उनकी फिल्म ‘बधाई हो’ में निभाई गई भूमिका को बहुत सराहा गया, जहाँ उन्होंने आयुष्मान खुराना के पिता का किरदार निभाया। इसके अलावा, ‘शुभ मंगल सावधान’, 'भोला’, 'सत्यप्रेम की कथा', ‘मेड इन चाइना’ और 'ब्लैकमेल' जैसी फिल्मों में भी उनके पात्रों ने दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह दर्शाता है कि कैसे एक लेखक और फिल्मकार समाज पर अपने शब्दों और रचनाओं के माध्यम से गहरा प्रभाव डाल सकता है। यह एक आदर्श उदाहरण है कि कला और साहित्य किस प्रकार लोगों के जीवन को समृद्ध बनाते हैं।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गजराज राव ने गुलजार को क्यों बधाई दी?
गजराज राव ने गुलजार को उनके जन्मदिन पर एक विशेष कविता के माध्यम से बधाई दी।
गुलजार की लेखनी का गजराज पर क्या प्रभाव पड़ा?
गजराज ने बताया कि गुलजार के शब्दों ने उनकी जिंदगी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
राष्ट्र प्रेस
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